अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में बिलकुल नहीं आए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू. ईरान से वार्ता रद्द होने के बाद भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को अनाप-शनाप बोला था कहा था कि इजरायल फोर्स फौरन बेरूत पर हमले रोक दे.
लेकिन ट्रंप की इस सलाह को इजरायली पीएम ने खारिज कर दिया है, क्योंकि इजरायली डिफेंस फोर्स ने एक बार फिर से लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर जोरदार बमबारी की है.
सोमवार को लेबनान के 600 साल पुराने फोर्ट पर इजरायल ने कब्जा कर लिया था, जिससे नाराज ईरान ने अमेरिका से बातचीत बंद करने की घोषणा की. ईरान की बातचीत बंद होने के बाद ट्रंप ने नेतन्याहू को फोन घुमा दिया था. ट्रंप और नेतन्याहू के बीच ये कोई आम बातचीत नहीं थी. दावा किया गया है कि ट्रंप ने नेतन्याहू के लिए अपशब्द का प्रयोग किया और यहां तक कह डाला कि वो एहसान फरामोश हैं.
ट्रंप की बात नेतन्याहू ने काटी, लेबनान में भीषण गोलाबारी
ट्रंप के दावे को धता बताते हुए इजरायल की ओर से दक्षिणी लेबनान के कस्बों और गांवों को निशाना बना कर हमले जारी हैं. इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले जारी रखे हैं. आईडीएफ ने नबातीह के पास तोपखाने से गोलाबारी की है. सेना ने शुकिन और काफ्र तिबनीत गांवों पर हमला किया है. इजरायली ड्रोन ने नबातीह जिले के तल्लेत टोल कस्बे पर भी तीन हमले किए, इसके अलावा, तिबनिन के पास भी गोले दागे हैं.
ये अटैक तब हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने नेतन्याहू से बातचीत करने के बाद ऐलान किया था कि अब इजरायली सेना लेबनान में हमले नहीं करेगी और बेरूत भेजे गए इजरायली सैनिकों को वापस बुलाया गया है.
ट्रंप ने ये मैसेज देने की कोशिश की कि इजरायल युद्धविराम का पालन करेगा और हिजबुल्लाह पर हमले नहीं करेगा. लेकिन ट्रंप के बयान के कुछ ही घंटों में इजरायल ने लेबनान पर अटैक करके अपना संदेश अमेरिका को पहुंचा दिया है और दिखा दिया है कि इजरायल किसी के दबाव में नहीं आता.
ट्रंप ने नेतन्याहू के लिए इस्तेमाल किए अपशब्द
सोमवार को ईरान ने ट्रंप को झटका देते हुए बातचीत रोक दी थी. ईरान का कहना था कि जबतक इजरायल, लेबनान और गाजा में हमले नहीं रोकता है, तब तक कोई बातचीत नहीं की जाएगी.
बातचीत डीरेल होने के बाद ट्रंप ने इजरायली पीएम नेतन्याहू को खूब खरी-खोटी सुनाई है. ट्रंप ने नेतन्याहू से पूछा, “तुम ये सब क्या कर रहे हो?” यह हिंसा मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को खतरे में डाल सकती है.”
लेबनान में हुए हमले को लेकर नेतन्याहू पर नाराजगी जाहिर करते हुए ट्रंप ने कहा, “बीबी, तुम पूरी तरह पागल हो गए हो. मैंने तुम्हें जेल जाने से बचाया, लेकिन तुम अब भी यह बात नहीं समझ रहे हो.”
ट्रंप यहीं नहीं रुके, कहा- “पूरी दुनिया तुमसे नाराज है. लोग तुमसे नफरत करते हैं. तुम्हारी वजह से लोग इजरायल के खिलाफ हो रहे हैं. दुनिया की कूटनीति इस तरह नहीं चलती.”
इस बातचीत के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच एक सीमित युद्धविराम का दावा किया है, जिसे लेबनानी राष्ट्रपति ने भी स्वीकार किया है. हालांकि, बेंजामिन नेतन्याहू ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कहकर अपना संदेश दे दिया है.
लेबनान के किले पर इजरायल ने जमाया अधिकार
इजरायलीसेना यानी आईडीएफ ने लेबनान स्थित ब्यूफोर्ट किले पर इजरायली झंडा फहराकर किले पर नियंत्रण का ऐलान किया है.
इजरायली सेना के मुताबिक, “इस किले को हिजबुल्लाह ने अपना सैन्य ठिकाना बना रखा था और इसी किले के माध्यम से इजरायल पर टारगेट करता था. इसी इलाके से हिजबुल्लाह इजरायली शहरों और सैन्य ठिकानों पर हमले करता था. इस क्षेत्र में मौजूद लॉन्चिंग सिस्टम और अन्य सैन्य ढांचे को भी निशाना बनाया जा रहा है. इजरायल का दावा है कि यहां से पहले सैकड़ों रॉकेट और अन्य हथियार इजराइल की ओर दागे गए थे.”
आईडीएफ ने कहा, इस अभियान का मकसद ब्यूफोर्ट रिज और वादी अल-सलूकी क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल करना था. इसलिए ऑपरेशन के दौरान हिजबुल्लाह के ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया.
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने कहा, कि “सेना ने आसपास के गांवों में कई दिनों तक चली भीषण लड़ाई और हवाई हमलों के बाद यह कामयाबी हासिल की है.”
किले पर कब्जा ही ईरान-अमेरिका के बीच वार्ता खत्म होने की वजह बताया जा रहा है. ट्रंप, नेतन्याहू पर आगबबूला हैं तो नेतन्याहू भी हिजबुल्लाह आतंकियों के खात्मे से पीछे हटने को तैयार नहीं.

