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सोशल मीडिया पर अलकायदा का जाल, महिला आतंकी बेंगलुरु से गिरफ्तार

भारत में अलकायदा की महिला आतंकी के जरिए होने वाले बड़े हमले को नाकाम किया गया है. बेंगलुरु से शमा परवीन नाम की महिला आतंकी को गुजरात एटीएस ने गिरफ्तार किया है. शमा परवीन किसी बड़े हमले को अंजाम देने वाली थी. लेकिन सुरक्षा और जांच एजेंसियों की सतर्कता के चलते शमा परवीन को गिरफ्तार कर लिया गया है.

जांच में खुलासा हुआ है कि शमा पाकिस्तान से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिये सीधे संपर्क में थी और चार से पांच ऑनलाइन टेरर मॉड्यूल पर काम कर रही थी. कहा जा रहा है कि शमा परवीन के पास ही भारत में एक्यूआईएस की जिम्मेदारी थी.

अलकायदा के एक्यूआईएस की महिला चीफ गिरफ्तार, युवाओं का करती थी ब्रेनवॉश

गुजरात पुलिस ने महिला आतंकी की बुर्के वाली फोटो जारी की है और उससे जुड़े कई खुलासे किए हैं. हाल ही में गुजरात एटीएस ने एक खुफिया ऑपरेशन के तहत अलकायदा के संगठन एक्यूआईएस (अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट) के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था. 2 की गिरफ्तारी गुजरात जबकि एक-एक आतंकी को दिल्ली-नोएडा से पकड़ा गया था.

मोहम्मद फैक, मोहम्मद फरदीन, सेफुल्लाह कुरैशी और जीशान अली से पूछताछ के बाद तार झारखंड की एक महिला शमा परवीन तक पहुंच गए.  22 जुलाई को पकड़े गए चारो आतंकी शमा से इंस्टाग्राम के जरिए जुड़े थे. शमा परवीन कई और अकाउंट्स भी चला रही थी. इस अकाउंट के जरिये कम उम्र के युवाओं को ब्रेनवॉश कर उन्हें रेडिक्लाइज किया जाता था. इनका मकसद भारत में मजहबी आधार पर हिंसा फैलाना था. 

गुजरात एटीएस ने शमा परवीन की गिरफ्तार पर क्या बताया?

गुजरात एटीएस के डीआईजी सुनील जोशी ने शमा परवीन की गिरफ्तारी पर कहा, “शमा परवीन सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए युवाओं का ब्रेनवॉश कर रही थी. कर्नाटक की स्थानीय पुलिस की मदद से शमा परवीन को गिरफ्तार किया गया है. इसके बाद ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात लाया गया है. 

डीआईजी के मुताबिक, “शमा काफी पाकिस्तानी लोगों से संपर्क में थी. इसके अलावा दूसरे देशों के लोगों के साथ भी संपर्क था. शमा परवीन बेहद रेडक्लाइज है. यानी कि उसे खतरनाक तरीके से ब्रेनवॉश किया गया है. शमा परवीन फिलहाल बेंगलुरु में रह रही थी. इसका सोशल मीडिया अकाउंट लंबे समय से रडार पर था.”

गुजरात एटीएस ने बेहद कट्टरपंथी महिला आतंकी को दबोचा: हर्ष सांघवी

गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष सांघवी ने इस गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए कहा, कि “गुजरात पुलिस ने ऑनलाइन आतंकी मॉड्यूल को तोड़ने में सफलता हासिल की है. गुजरात एटीएस ने पहले 4 भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा(एक्यूआईएस) आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था. बेंगलुरु से एक महिला को गिरफ्तार किया गया. वह अत्यधिक कट्टरपंथी है और एक ऑनलाइन आतंकी मॉड्यूल चलाती थी. उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से महत्वपूर्ण पाकिस्तानी संपर्क बरामद हुए हैं. कुल मिलाकर, गुजरात एटीएस ने ऑनलाइन आतंकी मॉड्यूल चलाने वाले 5 आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है.”

सीमा पार आकाओं के संपर्क में थे सभी आतंकी

गुजरात एटीएस के मुताबिक, “एक्यूआईएस के आतंकियों को भारत में संवेदनशील इलाकों में गड़बड़ी फैलाने का आदेश मिला था. आतंकी एक दूसरे से इन्क्रिप्टेड मैसेज के जरिए संपर्क में थे. एटीएस के मुताबिक ये लोग सोशल मीडिया के जरिये लोगों को ब्रेनवॉश करते थे और भारत में शरिया नियम लागू करने की चर्चा करते थे, लोकतंत्र खत्म करने और भड़काऊ संदेशों के जरिए लोगों को उकसाते थे.” 

एटीएस के डीआईजी के मुताबिक, “जांच में पता चला है कि ये संदिग्ध बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रच रहे थे, जो चिंता की बात है. पहले गिरफ्तार किए गए चारों आतंकी कभी आपस में नहीं मिले, बल्कि सोशल मीडिया के जरिए एक-दूसरे जु़ड़े हुए थे.”

पैर पसारने की कोशिश में अल कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट 

अल कायदा से जुड़ा ये मॉड्यूल भारत में पैर पसारने की कोशिश में है, लेकिन सुरक्षा और जांच एजेंसियों के एक्शन के कारण पहले भी इससे जुड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया जाता रहा है. वर्ष 2023 में इस आतंकी संगठन से संबंध रखने के आरोप में अहमदाबाद के विभिन्न हिस्सों से चार बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया था. 

आपको बता दें एक्यूआईएस को सितंबर 2014 में अल कायदा प्रमुख और दुनिया के मोस्टवांटेड आतंकी अयमान अल-जवाहिरी ने बनाया था. साल 2019 में एक्यूआईएस उस वक्त चर्चा में आया था जब इसके नेता असीम उमर की मृत्यु के बाद, संगठन ने भारत को अपना प्रमुख लक्ष्य बनाया. ‘नवा-गज़वतुल-हिंद’ नामक पत्रिका के माध्यम से भारत के खिलाफ प्रचार शुरू किया. एक्यूआईएस ने भारत के खिलाफ जिहाद का ऐलान किया था. 

2024 में संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान और एक्यूआईएस के बीच घनिष्ठ संबंधों का उल्लेख किया गया था. 

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