‘वन्स ए सोल्जर, ऑलवेज ए सोल्जर’ की कहावत को चरितार्थ करते हुए भारतीय सेना ने द्वितीय विश्व युद्ध में बहादुरी से लड़ने वाले लांस नायक चरण सिंह का 100वां जन्मदिन बेहद धूमधाम से मनाया. क्योंकि एक सैनिक, चाहे वो सेवा में हो या रिटायर हो गया हो, सेना का हमेशा हिस्सा रहता है.
शनिवार को भारतीय सेना के एक ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारी आर्मी सर्विस कोर (एएससी) के सैनिकों के साथ पंजाब के रोपड़ जिले के डेकवाला गांव पहुंचे तो हर कोई हैरान रह गया. क्योंकि ये सैनिक, गांव में ही रहने वाले लांस नायक चरण सिंह का जन्मदिन मनाने पहुंचे थे.
7 सितंबर 2024 को जन्मे चरण सिंह ने 1942 में ब्रिटिश इंडियन आर्मी ज्वाइन की थी. इसके लिए वे फिरोजपुर कैंट में भर्ती के लिए पहुंचे थे. उन्हें आर्मी सर्विस कोर में सेवा देना का अवसर प्राप्त हुआ था.
लांस नायक चरण सिंह को तुरंत ही द्वितीय विश्व युद्ध में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर जाना पड़ा और फिर बर्मा (म्यांमार). युद्ध खत्म होने के बाद उन्हें पहले लाहौर पोस्टिंग मिली और बाद में योल (हिमाचल प्रदेश). बर्मा में उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए बर्मा स्टार अवार्ड से नवाजा गया.
आजादी के दौरान चरण सिंह को इंडियन इंडिपेंडेंस मेडल मिला. 17 वर्ष की सेवा के बाद चरण सिंह ने फौज से रिटायर लिया और अपने पैतृक गांव में जाकर बस गए. गांव में बसने के बाद वे अपने चार बेटों और दो बेटियों के साथ रिटायरमेंट लाइफ व्यतीत करने लगे.
भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लांस नायक चरण सिंह (रिटायर) का जन्मदिन मनाने का मकसद सिर्फ ये याद दिलाना था कि सैनिक कभी रिटायर नहीं होते, वे हमेशा आर्मी का हिस्सा रहते हैं.
पूर्व फौजियों से जुड़े रहने के लिए भारतीय सेना एक्स-सर्विसमैन रैली, कल्याणकारी कार्यक्रम और कम्युनिटी गतिविधियों जैसे आयोजन करती रहती है.
भारतीय सेना के मुताबिक, ब्रिगेडियर रैंक के अफसर का लांस नायक चरण सिंह के घर जाकर जन्मदिन मनाना सैनिकों के अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा, साथियों के साथ भाई-चारा, बलिदान और सैन्य विरासत को सम्मान प्रदान करना है.
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