TheFinalAssault Blog Alert Breaking News चीन को खटका अमेरिका, भारत से बढ़ाई दोस्ती की पींग
Breaking News India-China Indo-Pacific Reports

चीन को खटका अमेरिका, भारत से बढ़ाई दोस्ती की पींग

पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर तनाव खत्म होने के बाद चीन, भारत से संबंध सुधारने की कोशिश में जुटा है ताकि भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत ना हो पाएं. ये कहना है अमेरिकी रक्षा (युद्ध) विभाग की ताजा रिपोर्ट में. 

अमेरिकी कांग्रेस (संसद) को चीन की मिलिट्री क्षमताओं पर सौंपी सालाना रिपोर्ट में अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ वॉर (युद्ध विभाग) ने हालांकि, ये भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश, चीन के लिए हमेशा कोर इंटरेस्ट बना रहेगा, जहां भारत के साथ सीमा विवाद है. 

पहले डोकलाम विवाद (2017) और फिर गलवान घाटी की झड़प (2020) के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में बेहद तनाव आ गया था. वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर दोनों देशों ने जबरदस्त घेराबंदी कर दी थी. लेकिन अक्टूबर 2024 में भारत और चीन ने सीमा विवाद खत्म करने के लिए डिसएंगेजमेंट करार कर लिया था. इसके बाद, दोनों देशों ने अपने अपने सैनिकों को एलएसी के विवादित इलाकों से पीछे कर लिया था. ऐसे में भारत और चीन के बीच संबंध सामान्य दिखाई पड़ रहे हैं. 

इसी वर्ष अगस्त-सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन के तियानजिन में एससीओ समिट में हिस्सा लेने से संबंधों में जबरदस्त सुधार आया है. समिट के दौरान पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बातचीत करते हुए देखा गया था. चीन की तरफ से भी भारत से संबंधों को सुधारने को लेकर सकारात्मक बयान सामने आए हैं. ऐसे में अमेरिका को समझ आ गया है कि चीन अब भारत से संबंध सुधारने में दिलचस्पी दिखा रहा है. 

दरअसल, चीन का आरोप है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के देशों को भड़काने का काम अमेरिका करता आया है. भारत के चीन के साथ संबंध सुधारने के बाद, अब अमेरिका ने फिलीपींस जैसे देशों को चीन के खिलाफ उकसाना शुरु कर दिया है. अमेरिका ने भी फिलीपींस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर एक नया क्वाड बनाकर खड़ा कर लिया है. अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने ही भारत के साथ मिलकर क्वाड संगठन खड़ा किया था. लेकिन भारत के चीन के साथ संबंध सुधारने के चलते अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन और अब डोनाल्ड ट्रंप ने क्वाड की मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारत आने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है. जबकि, क्वाड मीटिंग इस वर्ष भारत में होनी थी.   

चीन ने भारत के साथ संबंधों को सामान्य बनाने की जरूर कोशिश की है, लेकिन अरुणाचल प्रदेश को लेकर अपने दावे करने बंद नहीं किए हैं. कभी अरुणाचल प्रदेश को अपने नक्शे में दिखाना और कभी चीनी नाम देना जारी है. यही वजह है कि चीन के साथ सीमा पर संबंधों को सामान्य बनाने में भारत भी बेहद सतर्क है. पूर्वी लद्दाख से सटी एलएसी के विवादित इलाकों से भारतीय सैनिक पीछे जरूर हट गए हैं, लेकिन सैनिकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है. 

Exit mobile version

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0