TheFinalAssault Blog Defence Acquisitions 67 हजार करोड़ के हथियारों को मंजूरी, ब्रह्मोस एस-400 और कॉम्बेट यूएवी शामिल
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67 हजार करोड़ के हथियारों को मंजूरी, ब्रह्मोस एस-400 और कॉम्बेट यूएवी शामिल

ऑपरेशन सिंदूर में ब्रह्मोस मिसाइल की क्षमताओं के प्रदर्शन के बाद रक्षा मंत्रालय ने भारतीय नौसेना के लिए अतिरिक्त ब्रह्मोस फायर कंट्रोल सिस्टम और लॉन्चर खरीदने की मंजूरी दे दी है. साथ ही नौसेना सहित थलसेना और वायुसेना के लिए कॉम्बेट यूएवी खरीदने को हरी झंडी दे दी है. मंगलवार को रक्षा मंत्रालय ने सेना के तीनों अंगों के लिए कुल 67 हजार करोड़ के हथियार और सैन्य साजो सामान खरीदने की मंजूरी दी.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को रक्षा खरीद परिषद (डीएसी) की अहम बैठक हुई. बैठक में राजनाथ सिंह के अलावा, सीडीएस और सेना के तीनों अंगों यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना के प्रमुखों सहित रक्षा सचिव ने हिस्सा लिया. बैठक में तीनों अंगों की ऑपरेशन्ल क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हथियार और दूसरी सैन्य प्रणालियों को खरीदने की मंजूरी दी गई.

तीनों अंगों के लिए मध्यम ऊंचाई तक लंबे समय तक उड़ान भरने वाले मेल यानी मीडियम ऑल्टिट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (एमएएलई) रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट (आरपीए) को खरीदने की मंजूरी दी. बैठक के बाद जारी रक्षा मंत्रालय के बयान में ये नहीं बताया गया कि ये कौन से आरपीए हैं लेकिन इतना जरुर बताया गया कि इनमें पेलोड और वेपन लगाए जा सकते हैं. इस तरह के लंबी दूरी के आरपीए (यूएवी) से सेनाओं की कॉम्बेट क्षमताओं में भारी इजाफा होने की उम्मीद है.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने इस तरह के बायरेक्टर यूएवी टर्की से खरीदे हैं. भारत ने अमेरिका से जो 36 एमक्यू-9 प्रीडेटर ड्रोन खरीदने का सौदा किया है, उसकी सप्लाई में देरी हो रही है. यही वजह है कि रक्षा मंत्रालय ने सेनाओं के लिए दूसरे आरपीए खरीदने की मंजूरी दी है.

नौसेना के लिए ब्रह्मोस के लॉन्चर के अलावा कॉम्पैक्ट ऑटोनोमस सर्फेस क्राफ्ट (समंदर में चलने वाले ड्रोन) की खरीद और बराक-1 पॉइंट डिफेंस मिसाइल सिस्टम के अपग्रेड की मंजूरी भी दी. इस तरह के ऑटोनोमस क्राफ्ट, समंदर में दुश्मन की पनडुब्बियों को डिटेक्ट, क्लासीफाइड और न्यूट्रलाइज करने में कारगर साबित होंगे.

रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए माउंटेड रडार की खरीद और सक्षम तथा स्पाइडर वेपन सिस्टम के अपग्रेड को मंजूरी दी. सक्षम और स्पाइडर वेपन सिस्टम को आईएसीसीएस यानी इंटीग्रेटेड एयर कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम से जोड़ने के लिए ये अपग्रेड किए जा रहे हैं.

वायुसेना की सी-17 और सी-130 फ्लीट की सस्टिनेंस और एस-400 मिसाइल के सालाना मेंटनेंस की भी मंजूरी दी गई है.

थलसेना की मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री के लिए बीएमपी व्हीकल्स के लिए रात में ऑपरेट करने के लिए थर्मल इमेज साइट की खरीद को रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी दी.  

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