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फर्जी दस्तावेजों के झांसे में न आएं, पहलगाम हमले पर रक्षा मंत्रालय की सफाई

पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के एनकाउंटर  के बाद सामने आए पाकिस्तानी पहचान-पत्र और फोरेंसिक रिपोर्ट को रक्षा मंत्रालय ने नकार दिया है. रक्षा मंत्रालय के अधीन इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ (आईडीएस) ने आधिकारिक अकाउंट से ऐसी किसी भी तरह के दस्तावेज को सार्वजनिक करने से इंकार किया है. 

पहलगाम हमले की फर्जी बैलिस्टिक रिपोर्ट को किया सोशल मीडिया पर वायरल

यहां तक की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने भी ऐसे दस्तावेज को अपने एक्स अकाउंट पर साझा किए थे. सोशल मीडिया पर पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों के तथाकथित दस्तावेजों को साझा किया जा रहा था. साथ ही कुछ फर्जी फोरेंसिक और बैलिस्टिक रिपोर्ट भी साझा की गई थी. इन रिपोर्ट के हवाले से कहा जा रहा था कि पहलगाम हमले में शामिल आतंकियों ने जिन हथियारों से बेकसूर पर्यटकों पर गोलियां चलाई थी, उनका मिलान मौके से बरामद गोलियों के खोखे से किया गया है. टेस्ट में ये साबित हो गया है कि जो हथियार, आतंकियों के कब्जे से मिले थे, उनसे ही ये गोलियां चलाई गई थी. 

इन फर्जी दस्तावेजों में हालांकि, उन हथियार का जिक्र नहीं था जो मारे गए आतंकियों के कब्जे से मिले थे. इन रिपोर्ट में किसी दूसरे हथियार का जिक्र है. यही वजह है कि आईडीएस ने ऐसी रिपोर्ट्स को एक सिरे से खारिज कर दिया. बाद में रक्षा मंत्रालय ने भी आधिकारिक बयान जारी कर सोशल मीडिया और मेन स्ट्रीम मीडिया को ऐसे फर्जी दस्तावेजों से सावधान रहने की नसीहत दी.

28 जुलाई को ऑपरेशन महादेव में ढेर हुए थे पहलगाम नरसंहार के कसूरवार

28 जुलाई को सेना और दूसरे सुरक्षाबलों ने श्रीनगर के करीब दाचीगाम के जंगलों में पहलगाम हमले में शामिल तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया था. खुद इन तीनों आतंकियों के बारे में अगले दिन गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जानकारी साझा की थी. सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर ने आतंकियों के कब्जे से मिले हथियारों की तस्वीर और जानकारी साझा की थी. इन हथियारों में दो एके-सीरीज की राइफल थी और एक एम-4 थी. 

आईडीएस के मुताबिक, आर्म्ड फोर्सेज के किसी भी अधिकृत मीडिया हैंडल ने ऐसे किसी भी दस्तावेज को न तो तैयार किया है और न ही जारी किया है. आईडीएस ने कहा कि इस तरह का कोई भी बयान सशस्त्र सेनाओं के पब्लिक रिलेशन्स ऑफिस या फिर प्रवक्ता न दिया है. 

रक्षा मंत्रालय ने कहा स्टे अलर्ट एंड इंफोर्म्ड

आईडीएस ने प्रदीप भंडारी और कुछ अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स के स्क्रीनशॉट के साथ ‘अलर्ट’ और ‘इंफोर्म्ड’ रहने की सलाह दी है. 

 रक्षा मंत्रालय के अधीन आईडीएस, सेना के तीनों अंगों यानी थलसेना, वायुसेना और नौसेना का एकीकृत मुख्यालय है.

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