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सिकंदर के बाद पहली बार Greece की फौज पहुंची भारत

Courrtesy: Greek City Times

करीब ढाई हजार साल बाद यूनान (ग्रीस) की सेना भारत पहुंची है. लेकिन ये सेना, यूनान के सम्राट अलेक्जेंडर द ग्रेट (सिकंदर) की तरह भारत को फतह करने के लिए नहीं बल्कि मित्रता का हाथ बढ़ाने आई है. पहली बार भारत की धरती पर ग्रीक (हेलेनिक) वायुसेना के फाइटर जेट पहुंचे हैं. मौका है जोधपुर में होने जा रही मल्टीनेशन एयर-एक्सरसाइज ‘तरंगशक्ति 2024’ का दूसरा चरण (30 अगस्त-14 सितंबर).

हेलेनिक वायुसेना अपने एफ-16 फाइटर जेट के साथ जोधपुर पहुंच चुकी है और सोशल मीडिया पर तस्वीरें भी सामने आ चुकी हैं. ‘तरंगशक्ति’ एक्सरसाइज को भारतीय वायुसेना ने आयोजित किया है और इसमें ग्रीस के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, जापान, यूएई और श्रीलंका की एयर फोर्स हिस्सा ले रही हैं. (तरंगशक्ति एक्सरसाइज में दिखा LCA तेजस का दम)

ईसा से करीब 350 साल पहले सिकंदर ने पूरी दुनिया को फतह करने के बाद भारत पर भी आक्रमण किया था. लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत के एक राजा पोरस की वीरता और दिलेरी से प्रभावित होकर वापस लौट गया था.

सिकंदर के एक सेनापति सेल्यूकस को मौर्य शासन के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य ने ना केवल हराया था बल्कि उसके परिवार से वैवाहिक संबंध भी स्थापित किए थे. यूनान का एक दूत मेगस्थनीज मौर्य दरबार में भी नियुक्त किया गया था जिसने प्राचीन भारत के बारे में विस्तृत जानकारी दी थी.

इस साल के शुरुआत में ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस ने भी भारत का दौरा (20-24 फरवरी) किया था. उनका दौरा महज प्राचीन भारत और यूनान (आधुनिक ग्रीस) के संबंधों को एक बार फिर से जीवित करने तक सीमित नहीं था बल्कि इसके कई सामरिक मायने हैं.

दरअसल, ग्रीस का तुर्की  (तुर्किए) के साथ छत्तीस का आंकड़ा है. दोनों देशों का भूमध्य-सागर और एजियन सी में पिछले कई दशक से विवाद चल रहा है. साइप्रस को लेकर भी दोनों देशों में लंबी अदावत है.
तुर्की के खिलाफ ग्रीस को वैश्विक समर्थन चाहिए. ऐसे में ‘वर्ल्ड-लीडर’ यानी विश्वगुरु भारत से महत्वपूर्ण देश कोई नहीं हो सकता है. भारत इसलिए, क्योंकि ये वही तुर्की है जो कश्मीर के मुद्दे पर ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पाकिस्तान का साथ देना कभी नहीं भूलता.

तुर्की संयुक्त राष्ट्र हो या ओआईसी (ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कंट्रीज) कश्मीर के मुद्दे को उठाता रहता है. इसके अलावा भारत के पड़ोसी (और दुश्मन) देश पाकिस्तान को हथियार देने से बाज नहीं आता. पाकिस्तान को तुर्की से खतरनाक कॉम्बेट ड्रोन बायरेक्टर मिले हैं. पाकिस्तान ने इन बायरेक्टर ड्रोन को लाहौर के करीब भारत से सटी सीमा पर तैनात किए हैं. (पाकिस्तान शुरु करना चाहता है Game of Drones, भारत की क्या है तैयारी !)

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