TheFinalAssault Blog Alert Breaking News थाईलैंड में मोदी के बोल, युवा प्रधानमंत्री ने भेंट की बौद्ध त्रिपिटक
Breaking News Geopolitics Indo-Pacific

थाईलैंड में मोदी के बोल, युवा प्रधानमंत्री ने भेंट की बौद्ध त्रिपिटक

बैंकाक में थाईलैंड की पीएम पेंटोगर्टान शिनावात्र के साथ प्रधानमंत्री मोदी.

भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने संबंध हैं. ये संबंध हमारी गहरी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक डोर से जुड़े हैं. हमने भारत-थाईलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है.

———बैंकॉक में पीएम मोदी

थाईलैंड के यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर दोहराया कि भारत, विस्तारवाद नहीं बल्कि विकासवाद की नीति में विश्वास रखता है. बिम्सटेक सम्मेलन में शामिल होने के लिए बैंकॉक पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने थाईलैंड की युवा पीएम पेंटोगर्टान शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर पर भी वार्ता की.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “भारत और थाईलैंड, मुक्त, खुले, समावेशी और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का समर्थन करते हैं.” अपने संयुक्त बयान में पीएम मोदी ने कहा, “भारत की एक्ट ईस्ट नीति और इंडो-पैसिफिक विजन में थाईलैंड का विशेष स्थान है.”

भारत-थाईलैंड के बीच सांस्कृतिक-आध्यात्मिक डोर जुड़ी है: पीएम मोदी 

पीएम मोदी और थाईलैंड की पीएम के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा, “भारत और थाईलैंड के बीच सदियों पुराने संबंध हैं. ये संबंध हमारी गहरी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक डोर से जुड़े हैं. हमने भारत-थाईलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है. एक्ट ईस्ट नीति और इंडो पैसिफिक विजन में थाईलैंड का विशेष स्थान है.” पीएम मोदी ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों और थाईलैंड के बीच पर्यटन, संस्कृति, शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया है. दोनों प्रधानमंत्रियों ने एमएसएमई, हथकरघा और हस्तशिल्प उद्योगों में आपसी सहयोग को लेकर समझौते किए गए. दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, पर्यटन, शिक्षा और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. 

बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “भारत और थाईलैंड के संबंध सदियों पुराने हैं और हमारी गहरी सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक जड़ों से जुड़े हुए हैं. बौद्ध धर्म के प्रसार ने दोनों देशों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. अयुत्थाया से नालंदा तक विद्वानों का आदान-प्रदान हुआ है और रामायण की कहानियां थाई लोगों के जीवन का हिस्सा है. (https://x.com/narendramodi/status/1907763794618830855)

थाईलैंड की पीएम ने गिफ्ट किया बौद्ध धर्मग्रंथ

थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने पीएम मोदी को पाली भाषा में लिखी ‘त्रिपिटक’ भेंट की. ये भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है. यह ग्रंथ थाई सरकार द्वारा 2016 में थाईलैंड के राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरिकित के 70 वर्षीय शासनकाल की स्मृति में प्रकाशित किया गया था. (https://x.com/MFAThai/status/1907789038050001131)

पीएम मोदी की यात्रा के दौरान थाई सरकार ने 18वीं सदी के ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित डाक टिकट जारी किए, जिसके लिए पीएम मोदी ने थाई सरकार का आभार व्यक्त किया. (https://x.com/ingshin/status/1907736270278971872)

थाई कलाकारों के रामायण की पीएम मोदी ने की सराहना

पीएम मोदी ने अपने दौरे के पहले दिन थाईलैंड के कलाकारों की रामायण का मंचन देखा. पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “एक अद्वितीय सांस्कृतिक जुड़ाव! थाई रामायण, रामकियेन की मनोरम प्रस्तुति देखी. यह वास्तव में शानदार अनुभव था, जिसमें भारत और थाईलैंड के बीच साझा सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को खूबसूरती से प्रदर्शित किया गया. रामायण वास्तव में एशिया के कई हिस्सों में दिलों और परंपराओं को जोड़ती है.” प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि रामकियेन की प्रस्तुति भारत और थाईलैंड के बीच समृद्ध सभ्यतागत संबंधों को प्रदर्शित करता है.

Exit mobile version

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0