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‘विकसित भारत’ के लिए सेना ने कसी कमर

COAS Gen Upendra Dwivedi with top military commanders at a meeting in New Delhi.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए भारतीय सेना ने कमर कस ली है. इस बाबत राजधानी दिल्ली में थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी के नेतृत्व में टॉप मिलिट्री कमांडर्स के साथ दो दिवसीय (19-20 अगस्त) सम्मेलन में विकसित भारत का रोडमैप तैयार किया जा रहा है.

हाल ही में भारतीय सेना की कमान संभालने वाले जनरल द्विवेदी की सभी सातों कमान के कमांडिंग इन चीफ के साथ ये पहली बैठक है जिसमें देश को 2047 तक विकसित बनाए जाने के साथ ही ‘ग्लोबल-प्लेयर’ बनने जैसे मुद्दों पर खास चर्चा की गई. भारतीय सेना ने बयान जारी कर बताया कि टॉप-ब्रास ने बैठक के दौरान सामरिक मामलों पर चर्चा करने के साथ ही अगले दो दशक में आर्मी में परिवर्तन करने की दिशा और दशा तय की.

इस दौरान कमांडर्स को संबोधित करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि हमें एक ऐसी सेना तैयार करनी है जो आधुनिक, चुस्त, परिस्थितियों के अनुरूप ढलने वाली, प्रौद्योगिकी-सक्षम और आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार हो.” थलसेना प्रमुख ने आगे कहा कि ऐसी सेना, “जो संचालन के स्पेक्ट्रम में बहु-डोमेन वातावरण में युद्ध को रोकने और जीतने में सक्षम हो. साथ ही हमारे राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सेना के बाकी अंगों (वायुसेना और नौसेना) से तालमेल रखती हो.”

सेना के बयान के मुताबिक, वर्ष 2023 से ही आर्मी में परिवर्तन की शुरुआत हो गई थी और ये साल (2024) ‘टेक्नोलॉजी अपनाने के वर्ष’ के तौर पर मनाया जा रहा है. अगले एक दशक में जो लक्ष्य रखे गए हैं उसमें थियेटर कमांड बनाना, सेना मुख्यालय के साथ-साथ कमान और कोर का री-ऑर्गेनाइजेशन शामिल है. इसके साथ ही विश्व-स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास, मल्टी डोमेन क्षमताओं में लैंड वारफेयर के साथ-साथ एयर, साइबर और स्पेस को भी शामिल करना है.

डाटा-सेंटरिक ऑपरेशन्स के साथ टेक्नोलॉजी की मदद से मैकेनाइज्ड फोर्सेज, आर्टिलरी (तोपखाना), कॉम्बैट एविएशन, एयर डिफेंस और इंफैन्ट्री के अपग्रेड पर भी बैठक में खास चर्चा हुई.

इसके साथ ही नेशनल विजन के साथ आर्मी की मिलिट्री एजुकेशन और ट्रेनिंग के साथ-साथ मिलिट्री डिप्लोमेसी जैसी पहल को ‘एलाइन’ करना शामिल है.

सोमवार को सीडीएस जनरल अनिल चौहान और थलसेना प्रमुख ने ‘शौर्य-संप्रवाह 1.0’ नाम से एक सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें सीनियर वेटरन्स को राष्ट्र-निर्माण के लिए स्ट्रेटेजिक-विजन के बारे में जानकारी दी गई.

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