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एलओसी पर भारतीय सेना हावी, बारूदी-सुरंग से पाकिस्तान को नुकसान

चार साल बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर युद्धविराम का उल्लंघन किया है. एलओसी की कृष्णा घाटी सेक्टर में पाकिस्तान ने बिना किसी उकसावे के भारतीय सेना की चौकियों पर फायरिंग की तो इंडियन आर्मी की तरफ से भी मुंह तोड़ जवाब दिया गया. सेना ने साफ कर दिया है कि नियंत्रण रेखा (एलओसी) को भारत ही ‘डोमिनेट’ करता है.

पाकिस्तानी सेना ने किया युद्धविराम समझौते का उल्लंघन

वर्ष 2021 में भारत और पाकिस्तान के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स) स्तर के टॉप कमांडर्स ने एलओसी पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सीजफायर एग्रीमेंट किया था. उसके बाद से ही बॉर्डर पर गोलीबारी की घटनाओं लगभग खत्म हो गई थी. लेकिन मंगलवार को पाकिस्तान ने एक बार फिर युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया.

जानकारी के मुताबिक, एलओसी पर कटीली तार के दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सेना जब पेट्रोलिंग कर रही थी, उसी वक्त एक लैंड माइन (बारूदी सुरंग) ब्लास्ट हो गई. इस घटना में पाकिस्तानी सैनिक हताहत हुए थे. अपने घायल साथियों को कंधे पर ले जाते पाकिस्तानी सैनिकों का एक वीडियो भी सामने आया था. भारतीय सेना के मुताबिक, ये घटना पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाके में हुई थी.

पाकिस्तानी फायरिंग का भारत ने दिया माकूल जवाब

बारूदी सुरंग की घटना के बाद पाकिस्तान ने भारतीय चौकियों पर फायरिंग शुरू कर दी. ऐसे में भारतीय सेना ने भी पाकिस्तानी गोलीबारी का माकूल जवाब दिया. भारत की हैवी फायरिंग के बाद पाकिस्तान ने गोलीबारी बंद कर दी.

भारत की तरफ किसी भी सैनिक के हताहत या किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है. पाकिस्तानी सेना ने लैंड माइन और युद्धविराम उल्लंघन को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी अभी तक साझा नहीं की है.

एलओसी पर फिलहाल स्थिति नियंत्रण में: भारतीय सेना

नगरोटा (जम्मू) स्थित भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ के मुताबिक, एलओसी पर फिलहाल शांति है और स्थिति ‘नियंत्रण’ में है. साथ ही एलओसी पर भारतीय सेना की चौकस निगरानी है, क्योंकि नियंत्रण रेखा पर भारत ‘हावी’ है.

भारतीय सेना ने पाकिस्तानी आर्मी को वर्ष 2021 के डीजीएमओ समझौते की याद दिलाते हुए एलओसी पर शांति बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है.

युद्धविराम समझौते से पहले एलओसी पर हर साल होती थी 4000 फायरिंग की घटनाएं

गौरतलब है कि युद्धविराम समझौते से पहले एलओसी पर भारत और पाकिस्तान के बीच हर साल 4000 से भी ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं सामने आती थी. पाकिस्तान की बैट (बॉर्डर एक्शन टीम) की घुसपैठ की घटनाएं भी सामने आती थी. हालांकि, पाकिस्तान की तरफ से आतंकियों की घुसपैठ में कोई कमी नहीं आई है.

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