मुंबई के गेट ऑफ इंडिया पर हुए समुद्री हादसे में एक नौसैनिक सहित 13 लोगों की जान चली गई. हादसा उस वक्त हुआ जब भारतीय नौसेना की एक अंडर-ट्रायल स्पीड बोट यात्रियों से भरी फेरी (बोट) से टकरा गई.
सर्च एंड रेस्क्यू के दौरान 99 लोगों को बचा लिया गया है. लेकिन अभी भी कुछ लोगों के लापता होने की आशंका है, ऐसे में बचाव कार्य जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने घटना पर गहरा दुख जताया है.
मारे गए 13 लोगों में बोट बनाने वाले कंपनी के दो अधिकारी भी शामिल हैं. हालांकि, नौसेना ने ये नहीं बताया है कि ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (ओईएम) कौन है.
नौसेना के मुताबिक, बुधवार दोपहर बाद करीब चार बजे, नौसेना के एक जहाज ने नियंत्रण खो दिया. दरअसल, डॉकयार्ड में चल रहे एक निर्माणाधीन जहाज के इंजन का ट्रायल समंदर में जारी था. उसी दौरान इंजन ने नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण जहाज करंजा के करीब समंदर में एक फेरी से जा टकराया. (https://x.com/FinalAssault23/status/1869424739967807641)
नील कमल नाम की ये फेरी, गेट वे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा गुफा (आइलैंड) जा रही थी. फेरी में बड़ी संख्या में यात्री मौजूद थे. जहाज के टकराने से फेरी समंदर में पलट गई.
दुर्घटना के तुरंत बाद नेवी और तटरक्षक बल ने मरीन पुलिस के साथ मिलकर सर्च ऑपरेशन लॉन्च किया, सर्च ऑपरेशन के लिए चार हेलीकॉप्टर, 11 बोट और जहाज, एक कोस्टगार्ड की बोट और तीन मरीन पुलिस की बोट्स का इस्तेमाल किया गया.
बचाव कार्य में 99 यात्रियों को बचा लिया गया. देर शाम तक समंदर में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन जारी था.
प्रधानमंत्री मोदी ने दुर्घटना पर शोक जताते हुए मारे गए लोगों के परिवारवालों को पीएम नेशनल रिलीफ फंड से दो-दो लाख रूपये देने की घोषणा की है. घायल लोगों को 50-50 हजार रूपये दिए जाएंगे.
मुंबई में Navy बोट टकराई, 13 मौत

Undertrial naval boat collides with a ferry carrying more than 100 passengers leading to death of 13 in Mumbai.
