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कारवार में नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस, एशिया का सबसे बड़ा बेस बनेगा जल्द

एशिया के सबसे बड़े नेवल बेस के तौर पर तैयार हो रहे कारवार में शनिवार से  भारतीय नौसेना के टॉप कमांडर्स का दो दिवसीय सम्मेलन (5-7 अप्रैल) होने जा रहा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी वर्ष में दो बार होने वाले नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (एनसीसी) को संबोधित करेंगे.

खास बात ये है कि 5 मार्च यानी शनिवार को कारवार में ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इंडियन ओसियन शिप-सागर को एक महीने के लिए हिंद महासागर की यात्रा के लिए रवाना होंगे. इस दौरान नौ अन्य देशों की नौसेनाओं के अधिकारी और नौसैनिक भी इस जहाज पर तैनात होंगे.

नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस का चार्टर

इस वर्ष का पहला नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस (एनसीसी) दो चरणों में होने जा रहा है. पहला चरण, कर्नाटक के कारवार बेस पर हो रहा है (5-7 अप्रैल) और दूसरा चरण राजधानी दिल्ली में 7 अप्रैल में होगा (7-10 अप्रैल).

कमांडर्स कॉन्फ्रेंस, भारतीय नौसेना का उच्च-स्तरीय सम्मेलन है जिसमें चीफ ऑफ नेवल स्टाफ के साथ-साथ सभी कमान के कमांडिंग इन चीफ और टॉप नेवल ऑफिसर हिस्सा लेते हैं.

कॉन्फ्रेंस में स्ट्रेटेजिक, ऑपरेशन्ल और प्रशासनिक मुद्दों पर गहन चर्चा की जाती है. सम्मेलन में इस बात पर विमर्श किया जाता है कि भारतीय नौसेना को हिंद महासागर क्षेत्र में किस तरह प्रीफर्ड सिक्योरिटी पार्टनर बनाया जा सकता है ताकि शांति, सुरक्षा और स्थिरता कायम रहे.

सम्मेलन के दूसरे चरण में नौसेना में मानव-संसाधन, मटेरियल, लॉजिस्टिक और ट्रेनिंग जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी. साथ ही सीडीएस सहित थलसेना प्रमुख और वायुसेना प्रमुख भी सम्मेलन को संबोधित करेंगे. इसके अलावा, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और नीति आयोग के पूर्व सीईओ (जे-20 शेरपा) अमिताभ कांत भी संबोधित करेंगे. (कारवार में एशिया का सबसे बड़ा नेवल बेस)

नौसेना का आईओएस-सागर मिशन

भारतीय नौसेना के मुताबिक, 5 अप्रैल को आईएनएस सुनयना युद्धपोत कर्नाटक के कारवार बंदरगाह से दक्षिण-पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र के अफ्रीकी देशों की यात्रा पर जाएगा. खास बात ये है कि इस दौरान, आईएनएस सुनयना पर भारतीय क्रू के साथ-साथ नौ (09) आईओआर देशों के नौसैनिक भी तैनात रहेंगे. एक महीने से ज्यादा तक नौसेना का ये जहाज समंदर में रहेगा.

भारतीय नौसेना ने इस समुद्री-यात्रा को इंडियन ओसियन शिप यानी ‘आईओएस-सागर’ नाम दिया है. इस दौरान, कोमोरोस, केन्या, मेडागास्कर, मालदीव, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स, श्रीलंका और साउथ अफ्रीका जैसे नौ मित्र-देशों का साझा क्रू, आईएनएस सुनयना पर तैनात रहेगा. कुल 44 सदस्य का मल्टीनेशनल क्रू आईएनएस सुनयना पर तैनात रहेगा.

आईएनएस सुनयना, भारतीय नौसेना का एक स्वदेशी ऑफशोर पेट्रोल वैसल है.

आईएनएस सुनयना युद्धपोत करेगा आईओआर क्षेत्र के देशों की यात्रा

इंडियन नेवी के मुताबिक, कारवार से आईएनएस सुनयना जहाज तंजानिया की राजधानी दार-एस-सलाम जाएगा. दार-अस-सलाम से नकाला (मोजाम्बिक), पोर्ट लुइस (मॉरीशस), पोर्ट विक्टोरिया (सेशेल्स) और माले (मालदीव) होते हुए कोच्चि लौटेगा.

5 अप्रैल को आईएनएस सुनयना को फ्लैग ऑफ करने के लिए खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कारवार में मौजूद रहेंगे. साथ ही नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी भी उपस्थित रहेंगे.

आईओएस सागर का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में मित्र-देशों के साथ मेरीटाइम सुरक्षा को सुनिश्चित करना है. ऐसे में आईएनएस सुनयना जिस किसी भी देश के बंदरगाह पहुंचेगा, उस देश के एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (ईईजेड) की निगरानी भी रखेगा.

पीएम मोदी की सागर नीति बदली महासागर में

नौसेना के मुताबिक “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सागर यानी सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन पॉलिसी के एक दशक पूरा होने के बाद अब भारतीय नौसेना महासागर यानी म्यूचुअल एंड हॉलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी अक्रॉस द रीजन नीति में तब्दील हो गई है.”

सागर के साथ ऐकेमी युद्धाभ्यास भी

ऐसे में आईओएस-सागर के साथ-साथ अफ्रीकी देशों के साथ ‘ऐकेमी’ (संस्कृत अर्थ एकता) यानी अफ्रीका इंडिया की मेरीटाइम इंगेजमेंट (एआईकेईवाईएमई) नाम की समुद्री-एक्सरसाइज भी करने जा रही है (13-18 अप्रैल). ये युद्धाभ्यास अफ्रीकी देश तंजानिया की राजधानी दार-अस-सलाम में साझा तौर से आयोजित की जा रही है.

आईओएस-सागर यात्रा के लिए मित्र-देशों के नौसैनिक, भारतीय नौसेना के कोच्चि नेवल बेस पर दो सप्ताह का प्रशिक्षण लेंगे. इस ट्रेनिंग के दौरान समुद्र में प्रशिक्षण भी शामिल है. आईओएस सागर के प्रतिभागियों को तंजानिया के दार-एस-सलाम में अभ्यास एआईकेईवाईएमई के बंदरगाह चरण की गतिविधियों को देखने की भी योजना है. (अफ्रीकी देशों के साथ पहली समुद्री एक्सरसाइज, चीन को काउंटर करेगी AIKEYME)

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