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खटाई में ट्रंप का गाजा पीस-प्लान, नेतन्याहू ने ठुकराया

By Nalini Tewari

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस बोर्ड को खारिज कर दिया है. जबकि ट्रंप ने दावा किया था कि इजरायली सेना गाजा से हटने के लिए तैयार हो गई है और हमास हथियार छोड़ने के लिए.

लेकिन नेतन्याहू ने सीधे-सीधे बयान जारी करके कह दिया है कि जबतक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं डाल देता, तब तक इजरायली सेना पीछे नहीं हटेगी. साथ ही नेतन्याहू ने गरजते हुए कहा है कि जब तक वो इजरायली पीएम रहेंगे तबतक फिलिस्तीन राज्य भी नहीं बननें देंगे.

नेतन्याहू के इस बयान से ट्रंप और उनके बीच एक बार फिर से खटपट सामने आ चुकी है. ऐसे में सवाल है कि क्या ट्रंप सिर्फ सनसनी फैलाने के मकसद से कुछ भी बयान दे देते हैं. अगर इजरायल ने 15 सूत्रीय पीस बोर्ड की शर्तों को खारिज कर दिया है तो फिर ट्रंप ने क्यों दुनिया के सामने झूठ बोला.

गाजा से पीछे नहीं हटेगी इजरायली सेना: नेतन्याहू

नेतन्याहू ने कैबिनेट की बैठक में कहा कि इजरायल 15-सूत्रीय दस्तावेज को खारिज करता है लेकिन वाशिंगटन के साथ गाजा के लिए योजनाओं पर चर्चा जारी रखेगा. पीएम नेतन्याहू ने कहा है कि हमास को दिखावटी तरीके से खत्म करने से कोई बात नहीं बनेगी, हमास का खात्मा वास्तविक तौर पर होना चाहिए. हमास के पूरी तरह हथियार डालने तक इजरायली सेना गाजा से पीछे नहीं हटेगी.

नेतन्याहू ने बताया कि इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत जारी है और ट्रंप प्रशासन की कुछ योजनाएं इजरायल को मंजूर हैं, जबकि कुछ पर वह सहमत नहीं है.

नेतन्याहू ने ये भी कहा कि “जब तक वो प्रधानमंत्री हैं, तब तक फिलिस्तीन स्वतंत्र राज्य नहीं बनेगा.”

दावा किया जा रहा है कि हाल ही में वाशिंगटन में हुई बैठक के दौरान ट्रंप और नेतन्याहू के बीच गाजा को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई थी.

ट्रंप के फर्जी दावे की फिर निकली हवा

हाल ही में ट्रंप ने कहा था कि उनके पीस प्लान पर बात बन गई है. हमास हथियार छोड़ने को तैयार हो गया है और इजरायली सेना गाजा से हटने के लिए.

व्हाइट हाउस ने बयान जारी करते हुए कहा, गाजा में शांति लाने के प्रयासों को लेकर मिली कामयाबी पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- “ बोर्ड ऑफ पीस ने गाजा में हमास और अन्य सभी हथियारबंद गुटों के पूरी तरह से हथियार छोड़ने (डिसआर्मामेंट) के लिए एक ऐतिहासिक समझौता किया है. यह खबर गाजा में स्थायी शांति और सुरक्षा की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है. यह समझौता गाजा में एक नई फिलिस्तीनी सरकार के शासन की दिशा में एक अहम कदम है. ये नई सरकार फिलिस्तीन जनता की मदद के लिए बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर काम करेगी.”

ट्रंप द्वारा गठित किए गए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ और मध्यस्थता करने वाले देशों- मिस्र, कतर, तुर्किए और अमेरिका ने घोषणा की है कि हमास ने गाजा पट्टी में अगले चरण के सीजफायर को लागू करने के लिए बनाए गए रोडमैप पर हामी भर दी है.

हमास ने भी बढ़ा दी मांग, खतरे में ट्रंप का पीस बोर्ड

हमास ने भी कहा है कि “जब तक इजरायल हमले नहीं रोकेगा, तब तक वो अपने हथियार नहीं सौपेंगे. इजरायल को अपने हमले रोकने होंगे और पिछले संघर्ष विराम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा.”

हमास के वरिष्ठ अधिकारी गाजी हमाद ने कहा, “हम कठिन और दर्दनाक समझौता स्वीकार करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए यह जरूरी है कि इजरायल पहले मिस्र के शर्म अल-शेख में हुए समझौते के शुरुआती चरण को लागू करे. इसमें हमलों को रोकना, अपनी सेना को वापस बुलाना और गाजा में मानवीय सहायता की आपूर्ति बढ़ाना शामिल है.”

समझौते की शर्तों पर एक नजर

गाजा पीस बोर्ड में जो शर्ते हैं, उसके मुताबिक

  1. हमास एक चरणबद्ध समझौते के तहत अपने हथियार एक अंतर्राष्ट्रीय स्थिरीकरण बल को सौंपने पर सहमत हो गया है. इस 5,000 सदस्यीय बल की निगरानी एक अमेरिकी जनरल करेंगे.
  2. निरस्त्रीकरण में 200–300 दिन लगेंगे.
  3. सुरंग नेटवर्क को भी निष्क्रिय किया जाएगा.
  4. इजरायली सेना चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी.
  5. स्थिरीकरण बल एक नई फिलिस्तीनी पुलिस बल को प्रशिक्षण देगा.
  6. फिलिस्तीन में नई सरकार बनेगी, जो इस समझौते के तहत फिलिस्तीनी पुलिस के समन्वय के साथ काम करेगी.
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