पिछले हफ्ते जम्मू कश्मीर के माछिल सेक्टर में एलओसी पर जिस पाकिस्तानी घुसपैठिए को ढेर किया गया था उसकी पहचान नुमान जियाल्लुह के तौर पर हुई है. ये आतंकी पाकिस्तानी सेना के एसएसजी कमांडो और हिजबुल मुजाहिदीन के संस्थापक सैयद सलाउद्दीन के साथ भी दिखाई पड़ा था.
नुमान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो पश्तो भाषा में बोलता हुआ दिखाई पड़ रहा है. माना जा रहा है कि आतंकी नुमान ने ये वीडियो एलओसी पर भारतीय सेना की चौकी पर हमले से पहले शूट किया था. आतंकी नुमान की कुछ और तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसमें वो पाकिस्तान से ऑपरेट होने वाली आतंकी संगठनों के सरगनाओं के साथ दिखाई पडता है. लेकिन सबसे चौंकाने वाली तस्वीर पाकिस्तान के जाने-माने पत्रकार हामिद मीर के साथ है. एक वीडियो में वो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में एके-47 राइफल के साथ गोलियां दागने की प्रैक्टिस करता हुआ दिखाई पड़ रहा है.
पिछले महीने की 27 तारीख को पाकिस्तानी सेना की बॉर्डर एक्शन टीम (‘बैट’) ने एलओसी के माछिल सेक्टर की एक पोस्ट पर हमला किया था. इस हमले में भारतीय सेना का एक जवान वीरगति को प्राप्त हुआ जबकि चार अन्य घायल भी हुए थे. हालांकि, भारतीय सेना ने भी पाकिस्तान के एक घुसपैठिए को मार गिराया था.
भारतीय सेना के मुताबिक, खराब मौसम और बेहद कम विजिबिलिटी का फायदा उठाकर माछिल (कुपवाड़ा) सेक्टर की कमाकरी मे पाकिस्तान की तरफ से दो-तीन घुसपैठियों ने नियंत्रण रेखा यानी लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पार करने की कोशिश की थी. इस दौरान घुसपैठियों ने भारतीय सेना की एक फॉरवर्ड पोस्ट (चौकी) पर बेहद करीब से फायरिंग की.
पाकिस्तानी सेना की बैट टीम में स्पेशल फोर्सेज (स्पेशल सर्विस ग्रुप) यानी एसएसजी के कमांडो सहित आतंकी भी शामिल होते हैं. पाकिस्तानी बैट टीम भारतीय चौकियों और गश्त लगा रहे सैनिकों पर हमला करने के लिए कुख्यात है.
सेना के मुताबिक, मारे गए पाकिस्तानी के कब्जे में भारी मात्रा में हथियार और दूसरा युद्धक सामान जब्त हुआ था. हालांकि, अभी तक भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस की तरफ से मारे गए पाकिस्तानी घुसपैठिए की पहचान के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. (https://x.com/OsintTV/status/1818941834120274378)
भारतीय सेना के मुताबिक, पिछले दो महीनों में कई बार पाकिस्तानी सेना की मदद से घुसपैठियों ने एलओसी पार करने की कोशिश की है. लेकिन शनिवार को भारतीय सेना की चौकी पर हुआ बैट टीम का हमला पिछले तीन सालों में पहली बार है.
फरवरी 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच एलओसी पर शांति बनाए रखने के लिए युद्धविराम समझौते से पहले बैट टीम के सदस्य एलओसी पार कर भारतीय सैनिकों पर हमला करते रहते थे. हमले के दौरान पाकिस्तानी बैट टीम के सदस्य भारतीय सैनिकों के शवों के साथ बर्बरता-पूर्ण कार्रवाई भी करते थे.
युद्धविराम समझौते के बाद से लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) पर शांति थी और बैट हमले बंद हो गए थे. यहां तक की पाकिस्तानी सेना द्वारा युद्ध-विराम का उल्लंघन तक नहीं हो रहा था. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरी बार देश की कमान संभालने के साथ ही पाकिस्तान ने एक बार फिर नापाक हरकत शुरू कर दी है.
पिछले दो महीनों से जम्मू क्षेत्र के पुंछ-राजौरी, रियासी, डोडा, कठुआ और हीरानगर सेक्टर में कई बड़े आतंकी हमले हो चुके हैं. जुलाई के महीने में ही अब तक भारतीय सेना के एक दर्जन जवान वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं. हिंटरलैंड में सुरक्षाबलों पर हमलों के साथ ही एलओसी पर घुसपैठ तेज हो चुकी है. लेकिन भारतीय सेना ने साफ कर दिया है कि पाकिस्तानी सेना की हर हरकत का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और एलओसी की शांति भंग नहीं होने दी जाएगी.
करगिल विजय दिवस (26 जुलाई) के रजत जयंती समारोह में पीएम मोदी ने पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ छेड़े गए प्रॉक्सी-वॉर और आतंकवाद की जमकर आलोचना की थी. पीएम मोदी ने एलओसी पर खड़े होकर पाकिस्तान को अपनी हरकत बंद करने की चेतावनी दी थी. क्योंकि भारतीय सैनिक आतंकवाद को भली-भांति कुचलना जानती है.
पाकिस्तानी BAT टीम के घुसपैठिए की हुई पहचान, सलाउद्दीन के साथ दिखा

