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पाकिस्तानी भाईजान को भारतीय सम्मान, शहबाज सरकार नींद से जागी

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1947 में हुए बंटवारे के बाद पहली बार भारत सरकार किसी पाकिस्तानी नागरिक को बहादुरी पुरस्कार से सम्मानित करने जा रही है. इस साल गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को पाकिस्तानी नागरिक आसिफ बशीर को भारत के ‘जीवन रक्षक’ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. आसिफ बशीर ने पिछले साल हज यात्रा के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर 24 भारतीय नागरिकों समेत 44 लोगों की जान बचाई थी.

मोदी सरकार की पाकिस्तानी नागरिक को सम्मानित की घोषणा के बाद अब पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार भी जाग गई है, क्योंकि ऐसे बहादुर पाकिस्तानी नागरिक के बारे में पाकिस्तानी सरकार को पता तक नहीं था.

ऐसे पाकिस्तानी भाईजान को भारत सरकार ने न सिर्फ असाधारण मानव सेवा को मान्यता दी है, बल्कि 26 जनवरी, 2025 को पुरस्कार लेने के लिए भारत भी आमंत्रित किया है. पाकिस्तान सरकार की कोशिश है कि भारत से पहले आसिफ को सम्मानित किया जाए. (https://x.com/DialoguePak/status/1876262669390643511)

आसिफ बशीर ने हाजियों को बचाने के लिए दिखाई थी हिम्मत

पिछले साल (2024 में) सऊदी अरब में हज के दौरान भीषण गर्मी जानलेवा बन गई थी. भीषण गर्मी में हजारों लोगों की मौत हो गई थी. कई वीडियो सामने आए थे, जिनमें गर्मी से मौत के बाद हाजियों का शव पड़ा हुआ देखा गया था. इस भीषण गर्मी में आसिफ बशीर वो पाकिस्तानी शख्स थे जिन्होंने अपने कंधों पर लाद-लादकर लोगों की जान बचाई थी.

पेशावर के रखने वाले आसिफ बशीर पेशे से खैबर पख्तूनख्वा के सीएम सचिवालय में डेटाबेस सुपरवाइजर हैं. हज के दौरान आसिफ, सऊदी में तीर्थयात्रियों की मदद के लिए वॉलिंटियर के तौर पर काम कर रहे थे. भीषण गर्मी के दौरान आसिफ बशीर अपनी जान की परवाह किए बिना फरिश्ता बनकर लोगों को दवाएं पहुंचा रहे थे.

आसिफ बशीर ने कई बेहोश हुए लोगों को अपने कंधे पर लाद-लादकर 3-4 किलोमीटर चलकर सुरक्षित टेंट में पहुंचाया था. आसिफ बशीर ने ऐसे 44 लोगों की जान बचाई, जिसमें 24 भारतीय थी. (https://x.com/SheetalPronamo/status/1804114863964467442)

भारत से पहले शहबाज सरकार सम्मानित करना चाहती है

जैसे ही भारत सरकार ने आसिफ बशीर के नाम की घोषणा की पाकिस्तान में हलचल मच गई. हलचल इसलिए क्योंकि पाकिस्तान की हालत चिराग तले अंधेरा जैसी हो गई है. पाकिस्तानी सरकार को अपने ही नागरिक आसिफ की बहादुरी का पता तक नहीं चला. 

जैसे ही भारत ने आसिफ को पुरस्कार देने की घोषणा की. पाकिस्तान होड़ मचाने लगा है. पाकिस्तानी सरकार ने अपने विदेश मंत्रालय से जानकारी मांगी है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हज के दौरान घटी घटना के लिए विदेश कार्यालय और धार्मिक मामलों के मंत्रालय से विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है. (https://x.com/ShaukatPiracha1/status/1875932813884834105)

पाकिस्तान पीएम की स्पेशल असिस्टेंट तारिक फातिमी की ओर से लिखे गए एक आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने इस घटना से जुड़ी परिस्थितियों और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता को समझने में गहरी रुचि व्यक्त की है.

बताया जा रहा है कि अब पाक पीएम शहबाज शरीफ ने भारत से पहले ही आसिफ बशीर को सम्मानित करना चाहते हैं. 

किरण रिजिजू और स्मृति ईरानी ने पत्र लिखकर की थी तारीफ

भारत के जिन हाजियों की आसिफ ने जान बचाई, उन्होंने आसिफ को पाकिस्तान का ‘बजरंगी भाईजान’ बताया है. आसिफ बशीर की बहादुरी और हिम्मत के लिए भारत सरकार में मंत्री  किरण रिजिजू और पूर्व मंत्री मंत्री स्मृति ईरानी ने पत्र लिखकर तारीफ की थी.

बशीर को भेजे पत्रों में दोनों नेताओं ने कहा है कि हाजियों की सेवा के लिए आसिफ का समर्पण, करुणा और अटूट प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है. जब एंबुलेंस व्यस्त थी तब कंधे पर ले जाकर लोगों को अस्पताल ले जाना प्रभावित करने वाला है. पिछले साल आसिफ बशीर को लेकर सऊदी अरब में भारत के वाणिज्य दूतावास के दूत ने बशीर को ‘जीवन रक्षा’ पुरस्कार के लिए नामित करने का ऐलान किया था. 

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