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श्रीलंकाई राष्ट्रपति का मोदी को भरोसा, जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ नहीं होने देंगे

PM Modi along with Sri Lankan President Anura Kumara Dissanayake.

भारत दौरे पर आए श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत को आश्वस्त किया है कि श्रीलंका की जमीन का उपयोग भारत के खिलाफ नहीं करने दिया जाएगा.

पीएम मोदी के साथ श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय वार्ता की. द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत-श्रीलंका के संबंधों को और मजबूत बनाने पर दोनों देशों ने प्रतिबद्धता जाहिर की. श्रीलंका के राष्ट्रपति का भारत दौरा इसलिए अहम है क्योंकि अनुरा की विचारधारा लेफ्टिस्ट है और पार्टी का रुख भारत विरोधी रहा है. राष्ट्रपति अनुरा ने हालांकि, अपने पहले विदेश के दौरे के लिए ना सिर्फ भारत को चुना बल्कि श्रीलंका के निरंतर समर्थन का भी आश्वासन दिया.

श्रीलंकाई भूमि का इस्तेमाल भारत के खिलाफ नहीं होगा- अनुरा 

पीएम मोदी और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस दौरान तमाम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने ज्वाइंट स्टेटमेंट में पीएम मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा- कि ‘मैंने भारत के प्रधानमंत्री को यह भी आश्वासन दिया है कि हम अपनी जमीन का किसी भी तरह से भारत के हितों के लिए हानिकारक उपयोग नहीं होने देंगे. भारत के साथ सहयोग निश्चित रूप से बढ़ेगा और मैं भारत के प्रति अपने निरंतर समर्थन का आश्वासन देना चाहता हूं.

भारत की विदेश नीति में श्रीलंका का अहम स्थान- अनुरा

श्रीलंकाई राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने भारत की प्रशंसा करते हुए कहा- ‘हमने करीब दो साल पहले एक अभूतपूर्व आर्थिक संकट का सामना किया था. उस समय भारत ने हमारा भरपूर समर्थन किया. इतना ही नहीं बाद में भी काफी मदद की, खासकर ऋण मुक्त संरचना प्रक्रिया में. मैं जानता हूं कि श्रीलंका भारत की विदेश नीति में बहुत अहम स्थान रखता है. पीएम मोदी ने हमें पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया. इसके अलावा पीएम मोदी यह भी आश्वासन दिया है कि वह हमेशा श्रीलंका की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करेंगे.’

भारत-श्रीलंका के रक्षा हित आपस में जुड़े हैं- पीएम मोदी

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा- भारत और श्रीलंका दोनें पूरी तरह से सहमत हैं कि हमारे सुरक्षा हित आपस में जुड़े हुए हैं. हमने रक्षा सहयोग समझौते को जल्द ही अंतिम रूप देने का निर्णय लिया है. हाइड्रोग्राफी पर भी सहयोग पर सहमति हुई है. हम मानते हैं कि कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और विकास के लिए एक अहम मंच है. इसके तहत समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद का मुकाबला, साइबर सुरक्षा, तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ लड़ाई, मानवीय सहायता और आपदा राहत जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा.

श्रीलंका के राष्ट्रपति 17 दिसंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं. सोमवार को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. सितंबर में अनुरा कुमारा दिसानायके ने श्रीलंका का पदभार संभाला था. राष्ट्रपति और पीएम मोदी से मुलाकात के अलावा राष्ट्रपति दिसानायके ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोवल से भी मुलाकात की है. 

ब्रिक्स सदस्य बनना चाहता है श्रीलंका

अनुरा कुमारा दिसानायके का भारत दौरा इस लिहाज से भी बेहद अहम है क्योंकि श्रीलंका ब्रिक्स में शामिल होना चाहता है, पर अब तक श्रीलंका ब्रिक्स की सदस्यता हासिल करने में सफल नहीं हो पाया है. पर श्रीलंका को उम्मीद है कि भारत की मदद से उसे ब्रिक्स में जगह मिल सकती है. 

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