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हथियारों के आयात में टॉप पर यूक्रेन, भारत ने रूस पर की निर्भरता कम

सोर्स: सिपरी

रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते, दुनियाभर में हथियारों की खरीद-फरोख्त में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. अब दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा आयातक देश यूक्रेन बन गया है तो निर्यात के मामले में रूस तीसरे पायदान पर खिसक गया है. पिछले कई दशक से रूस, अमेरिका के बाद दूसरा नंबर पर था. लेकिन अब ये जगह फ्रांस ने ले ली है. भारत ने भी गोला-बारूद के लिए अपनी निर्भरता रूस पर कम कर दी है.

ग्लोबल थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) की ताजा रिपोर्ट जारी कर दी गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार सालों में यूक्रेन ने हथियारों के आयात को लगभग 100 प्रतिशत बढ़ा दिया है (2025-19 के मुकाबले).

अमेरिका से मिले यूक्रेन को 45 प्रतिशत हथियार: सिपरी रिपोर्ट

दुनियाभर में होने वाले हथियारों की खरीद-फरोख्त में यूक्रेन का हिस्सा 8.8 प्रतिशत है. सिपरी की रिपोर्ट (2020-24) के मुताबिक, वर्ष 2022 यानी रूस के आक्रमण के बाद से 35 देशों से यूक्रेन को हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई की हुई है. इन देशों में 45 प्रतिशत के साथ अमेरिका का हिस्सा सबसे ज्यादा है. इसके बाद जर्मनी (12 प्रतिशत) और पौलेंड (11 प्रतिशत) की हिस्सेदारी थी.

रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के टॉप-10 हथियारों के आयात करने वाले देशों में यूक्रेन एकमात्र यूरोपीय देश है. हालांकि, पिछले चार सालों में यूरोप के दूसरे देशों में हथियारों के आयात में 155 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है. यूक्रेन युद्ध के खतरे के चलते यूरोपीय देश ज्यादा से ज्यादा हथियार आयात कर रहे हैं.  

भारत ने रूस से 19 प्रतिशत निर्भरता की कम

हथियारों के आयात में भारत एक बार फिर दूसरे स्थान पर है. दुनियाभर में हथियारों की खरीद में भारत का प्रतिशत है 8.3 प्रतिशत. सिपरी की मानें तो चीन और पाकिस्तान के खतरे को देखते हुए भारत बड़ी संख्या में हथियार आयात करता है.

सिपरी की मानें तो हालांकि, भारत के आयात में 9.3 प्रतिशत की कमी आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने रूस पर निर्भरता कम करता जा रहा है. अब भारत हथियारों के आयात के लिए महज 36 प्रतिशत ही रूस से खरीदता है.

सिपरी के मुताबिक, 2010-14 के दौरान भारत, अपने हथियारों की जरूरत के लिए 72 प्रतिशत रशिया पर निर्भर था. 2015-19 के दौरान भी भारत के हथियार के आयात में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी थी.  

पाकिस्तान के 81 प्रतिशत हथियार चीन के

सिपरी के मुताबिक, पाकिस्तान बेहद तेजी से हथियारों का आयात कर रहा है. 2015-19 के मुकाबले पिछले चार सालों (2020-24) के दौरान, पाकिस्तान का आयात 61 प्रतिशत बढ़ गया. लेकिन रिपोर्ट पर गौर करें तो पाकिस्तान को अब चीन के अलावा दूसरे देशों से हथियार कम ही मिल रहे हैं. पाकिस्तान की हथियारों की खरीद में चीन की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत है.

हथियारों के आयात में रूस की जगह फ्रांस

सिपरी की मानें तो अमेरिका अभी भी सबसे बड़ा हथियारों का निर्यातक देश है. हथियारों के निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है. लेकिन यूक्रेन युद्ध के चलते रूस का निर्यात 64 प्रतिशत तक गिर गया है. हथियारों के निर्यात में रूस की हिस्सेदारी अब महज 7.8 प्रतिशत रह गया है तीसरी पायदान पर खिसक गया है. रूस की जगह अब फ्रांस, आर्म्स एक्सपोर्ट में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है.

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