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अमेरिकी कोर्ट ने खोली पन्नू की पोल, डोवल के खिलाफ बोला था झूठ

अमेरिका में डर के साए में जी रहे खालिस्तानी आतंकी और भारत के मोस्टवांटेड गुरपतवंत सिंह पन्नू को यूएस कोर्ट से बड़ा झटका मिला है. भारतीय एनएसए और पीएम मोदी के राइट हैंड अजीत डोवल को लेकर किए गए पन्नू के एक दावे को कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

आतंकी गुरपतवंत पन्नू ने कोर्ट में कहा था कि फरवरी में वाशिंगटन यात्रा के दौरान भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल को समन और अदालती दस्तावेज दिए गए थे. जिसके जवाब में अमेरिकी कोर्ट ने कहा कि यह दस्तावेज डोवल तक नहीं पहुंचे थे और न ही उन्हें कोई शिकायत दी गई थी.

अमेरिकी कोर्ट ने पन्नू के झूठ का पर्दाफाश किया, कहा, “नहीं दिया गया भारतीय एनएसए को वारंट”

सिख फॉर जस्टिस का चीफ और भारत विरोधी खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू लगातार अजीत डोवल को बदनाम करने में जुटा हुआ है. एनएसए अजीत डोवल को लेकर वारंट दिए जाने को लेकर तरह-तरह की कहानियां गढ़ रहा है. लेकिन अमेरिकी कोर्ट ने पन्नू के हर दावे, हर झूठ की पोल खोल दी है. अमेरिकी जिला न्यायाधीश कैथरीन पोल्क फेला ने अपने आदेश में कहा, कि “अदालत ने सभी दस्तावेजों की समीक्षा की और पाया कि अदालत के आदेश के अनुसार डोवल तक दस्तावेज नहीं पहुंचे थे. अजीत डोवल के ठहरने की जगह पर सुरक्षा बहुत कड़ी थी और वहां किसी भी कर्मचारी को दस्तावेज देने की अनुमति नहीं थी.”

पन्नू ने बोला पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे पर बड़ा झूठ, वारंट दिए जाने का किया था दावा 

पन्नू का दावा है कि “इस साल फरवरी में जब अजीत डोवल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए वाशिंगटन गए थे, तब पन्नू ने दो प्रोसेस सर्वर और एक जांचकर्ता को डोवल को दस्तावेज देने के लिए भेजा था.” पन्नू के मुताबिक, “सबसे पहले 12 फरवरी को राष्ट्रपति भवन के अतिथि भवन ‘ब्लेयर हाउस’ में डोवल को अदालती दस्तावेज देने का प्रयास किया गया, जहां मोदी और उनका प्रतिनिधिमंडल वाशिंगटन डीसी की यात्रा के दौरान ठहरा था. पहले प्रयास में 12 फरवरी को ब्लेयर हाउस में सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने दस्तावेज लेने से इनकार कर दिया. अगले दिन, 13 फरवरी को भी डोवल को दस्तावेज देने का प्रयास किया गया, लेकिन फिर से सीक्रेट सर्विस एजेंटों ने इसे रोक दिया इसके बाद कोर्ट के डॉक्यूमेंट्स को एक कॉफी शॉप में छोड़ दिया.” लेकिन कोर्ट ने पन्नू के सारे दावों को एकदम गलत बताते हुए नकार दिया है.

खौफ के साए में जी रहा पन्नू, डोवल के खिलाफ किया है मुकदमा 

बाइडेन प्रशासन ने पिछले साल भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाते हुए कहा था कि पन्नू की हत्या की साजिश रची गई थी, जिसमें एनएसए अजीत डोवल का हाथ था. ये साजिश निखिल गुप्ता नाम के एक नागरिक के जरिए रची गई, जिसे चेक रिपब्लिक से गिरफ्तार किया गया था. निखिल गुप्ता पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिकी धरती पर पन्नू की हत्या की साजिश को नाकाम करने के लिए भारतीय सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर काम किया था. बाइडेन प्रशासन के दौरान चौंड़ा होकर घूमने वाले भारत के मोस्टवांटेड पन्नू की हालत ट्रंप प्रशासन में खस्ता है. पन्नू ने अपनी हत्या की साजिश रचने के मामले में डोवल और निखिल गुप्ता के खिलाफ एक दीवानी मुकदमा दायर किया था.

जिम में बुलेटप्रूफ पहने दिखा था पन्नू

भारतीय एजेंसियों के खौफ से कांप रहा है भारत के खिलाफ जहर उगलने वाला गुरपतवंत सिंह पन्नू. मार्च के महीने में सोशल मीडिया पर गुरपतवंत सिंह पन्नू का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें पन्नू बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर वर्कआउट करते दिखाई दिया था. भारत को गीदड़भभकी देने वाले, महाकुंभ में धमकी देने वाले, कभी भारतीय एयरपोर्ट तो कभी संसद को उड़ाने की धमकी देने वाले खालिस्तानी आतंकी और सिख फॉर जस्टिस का कर्ताधर्ता गुरपतवंत सिंह पन्नू इस कदर डरा हुआ है, हर जगह बुलेटप्रूफ जैकेट पहने रहता है. वीडियो सामने आने के बाद पन्नू का जगहंसाई हो रही है, तो अब अमेरिकी कोर्ट ने भी पन्नू का एक बड़ा झूठ पकड़ लिया है.

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