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अगस्ता वेस्टलैंड फिर लौटी भारत, Adani डिफेंस से किया हेलीकॉप्टर बनाने का करार

प्रतीकात्मक

करीब डेढ़ दशक पहले देश की राजनीति में भूचाल लाने वाले वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ी इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी एक बार फिर भारत में लौट आई है. इस बार कंपनी ने अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कंपनी से मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर निर्माण के लिए सामरिक समझौता किया है. 

समझौते के तहत, दोनों कंपनियां, सेना (थलसेना, वायुसेना और नौसेना इत्यादि) के लिए हेलीकॉप्टर का साझा निर्माण देश में करेंगी. भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुई ट्रेड डील के बाद, दोनों देशों में ये बड़ा समझौता माना जा रहा है. सेना के अलावा, सिविल और कमर्शियल हेलीकॉप्टर का निर्माण करने की तैयारी में भी दोनों कंपनियां हैं. 

इतालवी कंपनी को मिल चुकी है क्लीन चिट

खास बात है कि इटली की ये लियोनार्डो कंपनी, एक दशक पहले देश में हुए वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले से जुड़ी है. वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी का कुछ वर्ष पहले लियोनार्डो ने अधिग्रहण कर लिया था. अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी ने अपना नाम बदलकर फिनमैनिका कर लिया था, जिसे हाल में क्लीन चिट मिल चुकी है. वीवीआईपी घोटाले के बाद, रक्षा मंत्रालय ने फिनमैनिका कंपनी को ब्लैक-लिस्ट में डाल दिया था.

रक्षा सचिव की मौजूदगी में अडानी और लियोनार्डो कंपनी ने किया समझौता

मंगलवार को राजधानी दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और अडानी डिफेंस के डायरेक्टर (और अरबपति उद्योगपति गौतम अडानी के बेटे) जीत अडानी की मौजूदगी में, दोनों कंपनियों से जुड़े अधिकारियों ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए. इस दौरान कंपनी के अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इस समझौते के साथ, अडानी डिफेंस और लियोनार्डो, भारत में हेलीकॉप्टर इकोसिस्टम तैयार करने जा रहे हैं.

समझौते के तहत, अडानी डिफेंस, मेक इन इंडिया के तहत हेलीकॉप्टर के डिजाइन से लेकर निर्माण और एमआरओ यानी मेंटेनेंस एंड रिपेयर फैसिलिटी तैयार करने जा रही है.

अगले कुछ वर्षों में सेना के तीनों अंगों को पड़ेगी 300 से ज्यादा हेलीकॉप्टर की जरूरत

एक अनुमान के मुताबिक, सेना के तीनों अंगों को आने वाले कुछ वर्षों में हैवी-लिफ्ट से लेकर अटैक और मल्टीरोल सहित 300 से भी ज्यादा हेलीकॉप्टर की जरूरत पड़ने जा रही है. रक्षा मंत्रालय ने 120 हेलीकॉप्टर के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू भी कर दी है. क्योंकि थलसेना, वायुसेना और नौसेना द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले चीता-चेतक हेलीकॉप्टर अब पुराने पड़ गए हैं और उन्हें रिप्लेस करने की सख्त जरूरत है. इस कमी को पूरा करने के लिए अडानी और इटली की कंपनी जोर लगा रही हैं.

यूपीए शासन काल में हुआ था वीवीआईपी हेलीकॉप्टर स्कैम

कांग्रेस की अगुवाई वाली यूपीए सरकार (2004-2014) के आखिरी वर्षों में वीवीआईपी हेलीकॉप्टर सामने आया था. आरोप लगा था कि वायुसेना के लिए इटली की अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से खरीदे जाने वाले 12 (वीवीआईपी) हेलीकॉप्टर में कांग्रेस से जुड़े नेताओं और रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने घूस खाई थी. मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एस पी त्यागी को जेल तक जाना पड़ा था. ऐसे में रक्षा मंत्रालय ने वीवीआईपी हेलीकॉप्टर बनाने वाली अगस्ता वेस्टलैंड और उससे जुड़ी इटली की कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया था. लेकिन 2021 में अगस्ता वेस्टलैंड को क्लीन चिट मिल गई थी.

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