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नक्सलियों के मारे जाने पर खुशी नहीं होती: अमित शाह

नक्सलियों के मारे जाने से कोई खुश नहीं होता है, इसलिए मैं चाहता हूं कि हथियार डालकर नक्सली मुख्यधारा में शामिल हो जाएं.” ये खास अपील की है केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने. छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आयोजित ‘बस्तर पंडुम’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया था. इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से हथियार छोड़ देने की अपील की. 

नक्सलवाद को साफ करने का काम चल रहा, नक्सलमुक्त होगा छत्तीसगढ़: अमित शाह

बस्तर में शामिल एक कार्यक्रम में अमित शाह ने नक्सलवाद खत्म करने की डेडलाइन एक बार फिर दोहराई है. अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा, “मोदी सरकार में बस्तर नक्सलमुक्त हो रहा है. विकास का स्वर्णिम कालखंड को देख रहा है. ऐसे में नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म करने का काम चल रहा है. नक्सली बस्तर के आदिवासियों का विकास नहीं रोक सकते हैं. उन्हें विकास यात्रा का हिस्सा बनना होगा.” अमित शाह ने कहा कि “मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे और खुद को माओवादी मुक्त घोषित करेंगे, उन्हें एक करोड़ रुपये (निर्माण कार्यों के लिए) दिए जाएंगे.”

आप हमारे ही लोग हो, हथियार छोड़ दो:अमित शाह

अमित शाह ने कहा, “वे दिन चले गए जब बस्तर में गोलियां चलती थीं और बम फटते थे. मैं उन सभी नक्सली भाइयों से अनुरोध करता हूं, जिनके हाथ में हथियार हैं और जिनके पास नहीं भी हैं, वे हथियार छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हों. आप हमारे अपने लोग हैं. किसी नक्सली के मारे जाने पर कोई खुश नहीं होता. कोई किसी को मारना नहीं चाहता. बस अपने हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल हो जाएं. भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार आपको पूरी सुरक्षा देगी.इस क्षेत्र को विकास की जरूरत है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पांच वर्ष में बस्तर को वह सब कुछ देना चाहते हैं, जिसने 50 साल से विकास नहीं देखा. लेकिन यह कैसे हो सकता है? यह तभी हो सकता है जब बस्तर में शांति हो, बच्चे स्कूल जाएं, गांवों और तहसीलों में स्वास्थ्य सुविधाएं हों, हर किसी के पास आधार कार्ड, राशन कार्ड और स्वास्थ्य बीमा हो. यह तभी हो सकता है जब बस्तर के लोग तय करें कि वे अपने घरों और गांवों को नक्सल मुक्त बनाएंगे.’’

विकास के लिए आईईडी, हथगोला नहीं, कंप्यूटर चाहिए: शाह

गृहमंत्री ने कहा, “आज हम नक्सलवाद के खिलाफ दोनों तरफ से आगे बढ़ रहे हैं. जो समझ गए हैं कि विकास के लिए हाथ में बंदूक की जरूरत नहीं है, कंप्यूटर की जरूरत है. विकास के लिए आईईडी, हथगोला नहीं चाहिए कलम चाहिए उन्होंने सरेंडर कर दिया है.” अमित शाह ने कार्यक्रम में नक्सलियों के आत्मसमर्पण के आंकड़े भी पेश किए. शाह ने कहा, ‘‘2025 में चौथे माह की शुरुआत तक 521 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है. इससे पहले 881 नक्सली 2024 में आत्मसमर्पण कर चुके हैं. जो आत्मसमर्पण करेंगे वह यहां मुख्यधारा में आएंगे और जो हथियार लेकर रहेंगे उनके खिलाफ सुरक्षाकर्मी मोर्चा संभालेंगे. जो भी होगा मार्च तक पूरे देश को इस लाल आतंक से मुक्त करने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार करेगी.’’

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