TheFinalAssault Blog Alert Breaking News दिल्ली में होगी महामुलाकात, ब्रिक्स समिट में जुटेंगे Xi और पुतिन
Breaking News Geopolitics

दिल्ली में होगी महामुलाकात, ब्रिक्स समिट में जुटेंगे Xi और पुतिन

मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध और रूस-यूक्रेन के बीच पिछले चार से साल जारी युद्ध के बीच नया ग्लोबल ऑर्डर बनता नजर आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मनचाहे बयान और मनमाने फैसलों से त्रस्त दुनिया को भारत में दिखेगी बीजिंग-मॉस्को-नई दिल्ली की तिगड़ी.

सितंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नई दिल्ली में आने की संभावना है. 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन रूसी राष्ट्रपति पुतिन और शी जिनपिंग शामिल हो सकते हैं. जिनपिंग करीब 7 साल बाद पहली बार भारत आएंगे जबकि पुतिन का यह एक साल के भीतर दूसरा भारत दौरा होगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग एक मंच पर फिर साथ नजर आएंगे, जिससे अमेरिका का चिढ़ना तय है. हाल ही में शी जिनपिंग और ट्रंप की मुलाकात हुई थी, ठीक उस मुलाकात के बाद शी और पुतिन के बीच भी मीटिंग हुई है.

दिल्ली आ रहे मोदी के परम मित्र पुतिन

भारत इस साल यानी 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है. सितंबर में होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए तैयार है.

क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) के अंतरराष्ट्रीय मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, कि “राष्ट्रपति पुतिन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे. नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच एक द्विपक्षीय बैठक भी तय है.”

आपको बता दें कि पिछले दिसंबर (2025) में भी पुतिन, नई दिल्ली आए थे. पिछले 06 महीने के भीतर यह पुतिन का दूसरा भारत दौर होगा. वैसे तो भारत और रूस के बीच घनिष्ठ संबंध हैं लेकिन अमेरिका के साथ बढ़ी तल्खी के बीच पीएम मोदी और पुतिन और करीब आ गए हैं. इसी महीने रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भी नई दिल्ली का दौरा किया था और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत किया था.

2019 के बाद पहली बार जिनपिंग का भारत दौरा

पुतिन के अलावा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी नई दिल्ली आ रहे हैं. जिनपिंग के संभावित दौरे की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. अगर जिनपिंग भारत आते हैं तो अक्टूबर 2019 के बाद यानि तकरीबन 07 साल बाद भारत का उनका पहला दौरा होगा. साल 2019 तमिलनाडु के मामल्लापुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी.

जून 2020 में गलवान घाटी में हुई भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बीच झड़प के बाद दोनों देशों के रिश्ते और तल्ख हो गए थे. भारत-चीन के द्विपक्षीय संबंध लगभग खत्म से हो गए थे लेकिन साल 2024 में दोनों देशों के बीच गरमाहट एक बार फिर शुरु हुई जब रूस के कजान में हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान ही,  गलवान सीमा पर तनाव के बाद पहली बार मोदी और शी की मुलाकात हुई.

मोदी-जिनपिंग की मीटिंग से पहले भारत और चीन के बीच कूटनीतिक पहल का असर दिखा था, जब एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर तनाव कम किया गया था और दोनों देशों के बीच पेट्रोलिंग पर सहमति जताई गई थी.

दुनिया में उथलपुथल, एक मंच पर मोदी-पुतिन-शी आएंगे नजर

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का समय और उस शिखर सम्मेलन में पुतिन-जिनपिंग का शामिल होना बेहद अहम है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के रवैए से दुनिया त्रस्त है. कभी टैरिफ की धमकी तो कभी वेनेजुएला और ईरान जैसे देशों पर हमला करके माहौल अशांत है. यूरोप में भी हलचल तेज है, अमेरिका और यूरोपीय देशों में संबंध लगातार गिर रहे हैं, तो यूक्रेन की मदद के कारण रूस और यूरोपीय देशों में भी तनातनी है. ऐसे में सामरिक और ग्लोबल दृष्टिकोण से सितंबर के महीने में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन पर पूरे विश्व की नजर है.

आपको बता दें कि ब्रिक्स दुनिया के 11 तेजी से बढ़ते देशों का एक बड़ा समूह है. इसमें भारत भी शामिल है. पहले इसमें केवल 5 देश ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका थे. इन्हीं देशों के पहले अक्षर से ब्रिक्स का निर्माण हुआ. साल 2024 में 4 नए देश जुड़े. इनमें मिस्र, इथियोपिया, ईरान और यूएई शामिल है. साल 2025 में इंडोनेशिया भी इस समूह का हिस्सा बन गया. यह समूह मिलकर दुनिया की लगभग 49.5 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करता है. दुनिया की कुल कमाई यानी जीडीपी का लगभग 40 फीसदी और वैश्विक व्यापार का 26 फीसदी हिस्सा इन्हीं 11 देशों के पास है.

Exit mobile version

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0