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पाक उच्चायोग से जुड़े जासूस के पास ड्रोन, एनआईए ने किया मैसूर से गिरफ्तार

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भारत में अमेरिकी और इजरायली दूतावास पर बड़े धमाके की साजिश रचने जैसे गंभीर मामले में फरार हुए मुख्य आरोपी को एनआईए ने मैसूर से गिरफ्तार किया है. एनआईए ने जेल तोड़कर फरार हुए 5 लाख के इनामी नूरुद्दीन को गिरफ्तार किया है. श्रीलंका स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग से जुड़े इस जासूसी कांड मामले में नूरुद्दीन उर्फ रफ़ी एक अहम कड़ी था. 

वर्ष 2023 में कोर्ट से जमानत लेने के बाद हिस्ट्रीशीटर नूरुद्दीन फरार हो गया था. फरार होने के बाद नूरुद्दीन कर्नाटक के अलग अलग इलाकों में छिपकर रह रहा था. नूरुद्दीन के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था और 7 मई को कोर्ट ने नूरुद्दीन को घोषित अपराधी ऐलान किया था.  

नूरुद्दीन की गिरफ्तारी, टल गई बड़ी साजिश !
मैसूर के राजीव नगर इलाके में छिपे नूरुद्दीन को एनआईए की टीम ने छापेमारी के बाद अरेस्ट किया है. जिस घर में नूरुद्दीन छिपा हुआ था एनआईए की टीम ने उस घर का कोना कोना खंगाला. एनआईए के अफसरों को कई पेन ड्राइव, कई आपत्तिजनक दस्तावेज, आपत्तिजनक साहित्य के साथ-साथ आईईडी और ड्रोन भी बरामद किया है. इसके अलावा अफसरों ने मौके से कई मोबाइल फ़ोन, डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड भी बरामद किए.

अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और इजरायली दूतावास उड़ाने की थी साजिश
नूरुद्दीन जिस मामले में आरोपी था, वो भारत के लिए बेहद ही संवेदनशील मामला था. नूरुद्दीन श्रीलंकाई और पाकिस्तानी नागरिकों से जुड़ा हुआ था, जिन्होंने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और इजरायली दूतावास उड़ाने की साज़िश रची थी. मामला साल 2014 का है. श्रीलंकाई नागरिक मोहम्मद साकिर हुसैन और कोलंबो में पाकिस्तानी उच्चायोग में आमिर जुबैर सिद्दीकी नाम के पाकिस्तानी नागरिकों ने बेहद ही खौफनाक साजिश रची थी. दोनों कोलंबो स्थित पाकिस्तानी दूतावास में काम करते थे. मोहम्मद साकिर हुसैन और आमिर जुबैर ने चेन्नई स्थित अमेरिका के वाणिज्यिक दूतावास को उड़ाने की साजिश रची थी. यही नहीं दोनों ने बेंगलुरु के इजरायली दूतावास में भी बम लगाने की साज़िश रची थी. इसी साजिश की प्लानिंग में दोनों जासूस नूरुद्दीन के साथ मिलकर भारत में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और इजरायल दूतावास की संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर रहे थे. एनआईए के मुताबिक, नूरुद्दीन, श्रीलंकाई और पाकिस्तानी नागरिकों को भारत में जासूसी करने में मदद कर रहा था. दोनों को नकली भारतीय करेंसी भी सप्लाई कर रहा था (https://x.com/NIA_India/status/1790735651572244490).

फरार नूरुद्दीन के पास मिला ड्रोन ?
नूरुद्दीन की गिरफ्तारी के दौरान जांच में एनआईए को कई संवेदनशील दस्तावेज और ड्रोन मिला है. ड्रोन का इस्तेमाल कहां, कब और किस लिए किया जाना था. एनआईए ये पता कर रही है कि अगस्त 2023 से फरार होने के बाद नूरुद्दीन किन लोगों से मिला, कहां पनाह ली. एनआईए को शक है कि कहीं आतंकियों के स्लीपर सेल के साथ मिलकर नूरुद्दीन फिर से तो कोई साजिश नहीं रच रहा था? 

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