पूर्वी लद्दाख से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शुरू हुई पेट्रोलिंग को लेकर भारतीय सेना ने सफाई दी है कि डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है.
भारतीय सेना की ये सफाई उन मीडिया रिपोर्ट्स के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया में ‘रोड-ब्लॉक’ आ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स में भारतीय सेना की पेट्रोलिंग को लेकर चीन की पीएलए सेना द्वारा उठाए गए ‘ऐतराज’ का जिक्र था. लेकिन भारतीय सेना ने ऐसी खबरों को एक सिरे से खारिज कर दिया है.
डिसएंगेजमेंट प्रक्रिया में रूकावट की खबरों को ‘स्पेक्यूलेटिव’ यानी काल्पनिक करार देते हुए भारतीय सेना ने एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए कहा कि “दोनों पक्षों (भारत और चीन) की तरफ से डिसएंगेजमेंट और पेट्रोलिंग को लेकर किसी तरह की कोई रुकावट या ऐतराज नहीं है.”
भारतीय सेना के मुताबिक, “यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि देपसांग और डेमचोक में सैनिकों की वापसी का काम पूरा हो चुका है और सहमति के अनुसार डिसएंगेजमेंट का कार्यान्वयन योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है जिसमें पारंपरिक पेट्रोलिंग एरिया में गश्त फिर से शुरू करना शामिल है.”
सेना के मुताबिक, 6-7 अक्टूबर को डिसएंगेजमेंट में रुकावट को लेकर जो खबरें प्रकाशित हुई हैं वे पूरी तरह ‘काल्पनिक और तथ्यहीन’ हैं. सेना ने कहा कि “संबंधित मीडिया हाउस से अनुरोध है कि वे ऐसे संवेदनशील लेखों को प्रकाशित करने से पहले तथ्यों को सत्यापित और प्रमाणित करें.”
सेना ने कहा कि ‘उचित संपादकीय विवेक’ का प्रयोग करें ताकि कोई भी ‘अप्रमाणित या भ्रामक जानकारी’ प्रकाशित न हो.
सोमवार (4 नवंबर) को एलएसी के विवादित डेप्सांग (देपसांग) इलाके में भारतीय सेना ने पेट्रोलिंग की थी. इससे पहले 1 अक्टूबर को दूसरे विवादित इलाके डेमचोक में भी भारतीय सेना ने पेट्रोलिंग की थी.
हालांकि, 21 अक्टूबर को हुए डिसएंगेजमेंट समझौता का चीन ने भी स्वीकार किया था, लेकिन पेट्रोलिंग को लेकर अभी तक चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
LAC पर सुचारू पेट्रोलिंग, सेना की सफाई

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