जर्मनी की विदेश मंत्री को बीजिंग में रूस-यूक्रेन जंग का मुद्दा उठाना भारी पड़ गया है. चीन के विदेश मंत्रालय ने जर्मनी की विदेश मंत्री के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर ‘कोल्ड-वॉर’ वाली मानसिकता खत्म करने की हिदायत दे डाली.
जर्मनी की विदेश मंत्री अनालेना बेयरबॉक इनदिनों (2-3 दिसंबर) चीन के आधिकारिक दौरे पर हैं. दौरा था चीन से संबंध मजबूत करने के लिए लेकिन बीजिंग में चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात के दौरान बेयरबॉक ने यूक्रेन जंग का मुद्दा छेड़ दिया.
बेयरबॉक ने वांग यी से मुलाकात के दौरान ये कह डाला कि चीन, रूस की लगातार मदद कर रहा है. बेयरबॉक ने ये तक कह डाला कि इसका असर चीन और जर्मनी के संबंधो पर पड़ रहा है. जर्मन विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि चीन ने रूस को यूक्रेन के खिलाफ जंग में ड्रोन मुहैया कराए हैं.
जर्मनी की विदेश मंत्री ने कहा कि उनके बीजिंग दौरे का मकसद, रूस और यूक्रेन के बीच ‘शांति’ स्थापित करना है.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी विदेश मंत्री को जर्मन समकक्ष की बातें नागवार गुजरी और मीटिंग के बीच में ही हॉल में मौजूद जर्मन मीडियाकर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.
माना जा रहा है कि वांग यी ने जर्मनी सहित सभी नाटो देशों की रूस के खिलाफ यूक्रेन को मदद का मामला उठा दिया. दरअसल, जिस वक्त बेयरबॉक बीजिंग में थी उसी वक्त जर्मनी के चांसलर ओलाफ शुल्ज कीव के दौर पर थे यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के दौरान 670 मिलियन डॉलर की सैन्य सहायता का ऐलान किया. इस सहायता में लैपर्ड टैंक, एयर डिफेंस सिस्टम और कॉम्बैट ड्रोन शामिल थे.
ऐसे में वांग यी ने बेयरबुक को शीत-युद्ध वाली ‘मानसिकता’ और ‘टकराव’ को खत्म करने की नसीहत दे डाली. (https://x.com/CCTV/status/1863779350090564056)
दोनों देशों के टकराव इतना बढ़ गया कि वांग यी ने बेयरबुक के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस रद्द कर दी. जर्मन विदेश मंत्री को अकेले ही मीडिया को संबोधित करना पड़ा. ऐसे में बेयरबॉक को अपने ही देश की मीडिया की आलोचना का शिकार होना पड़ा. (https://x.com/dw_politics/status/1863891612633338031)
German विदेश मंत्री को बीजिंग का आईना, यूक्रेन जंग का छेड़ा था तार

German Foreign Minister Annalena Baerbock meeting Chinese counterpart Wang Yi in Beijing,
