ताइवान के ऊपर चीन ने फिर से तलवार लटका दी है. इस बार दो-दो तलवार ताइवान स्ट्रेट पर झूल रही हैं. ताइवान के प्रधानमंत्री लाई चिंग-ते के चीन से ‘पूर्ण स्वतंत्रता’ को लेकर बीजिंग आग-बबूला है और ‘ज्वाइंट-स्वार्ड’ एक्सरसाइज को एक बार फिर से शुरू कर दिया है. इस युद्धाभ्यास के दूसरे संस्करण में चीन की पीएलए सेना ने लड़ाकू विमानों के साथ-साथ एम्फीबियस जहाज और एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप ‘लियाओनिंग’ को समंदर में उतार दिया है.
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के ईस्टर्न थिएटर ने ज्वाइंट-स्वार्ड (बी) एक्सरसाइज के तहत ताइवान की घेराबंदी की ड्रिल के लिए आर्मी, नेवी और एयरफोर्स सहित रॉकेट फोर्स को भी ताइवान स्ट्रेट में उतार दिया है.
चीन के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ताइवान के चारों तरफ की जा रही इस एक्सरसाइज में आसमान और समंदर में कॉम्बेट तैयारी, अहम बंदरगाहों की घेराबंदी, मेरीटाइम और ग्राउंड टारगेट पर हमले के साथ-साथ कब्जे की तैयारियां की जा रही हैं. चीन के मुताबिक, ये थिएटर कमांड के सैनिकों के साझा ऑपरेशन्स को परखने के लिए एक्सरसाइज की जा रही है. (https://x.com/globaltimesnews/status/1845677228635644072)
इसी साल मई के महीने में भी चीन की पीएलए ने दो दिवसीय ज्वाइंट-स्वार्ड एक्सरसाइज को अंजाम दिया था. उस वक्त ताइवान के प्रधानमंत्री लाई चिंग-ते ने अपने देश की कमान संभाली थी और चीन से पूर्ण-स्वतंत्रता सहित अमेरिका के साथ साझा हथियार बनाने का ऐलान किया था. झुंझलाए चीन ने ऐसे में ताइवान की घेराबंदी और आक्रमण करने का वॉर-गेम किया था.
इसी महीने की 10 तारीख को ताइवान के 113 वें स्थापना दिवस के मौके पर चिंग-ते ने ये कहकर चीन को मिर्ची लगा दी थी कि आधुनिक चीन की स्थापना ताइवान से हुई है. क्योंकि चीन ने इसी महीने की एक तारीख (1 अक्टूबर) को अपना 75वां स्थापना दिवस मनाया था. चिंग-ते ने ऐसे में चीन को अपनी ‘मातृभूमि’ कहने से साफ इंकार कर दिया था.
10 अक्टूबर के भाषण में भी चिंग-ते ने चीन से पूरी आजादी की बात कही थी. बौखलाए चीन ने ताइवान को सजा देने के लिए ज्वाइंट-स्वार्ड एक्सरसाइज का दूसरा संस्करण लॉन्च कर दिया है.
खास बात ये है कि इस एक्सरसाइज में चीन ने अपने स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर लियाओनिंग को भी समंदर में उतार दिया है. पहली बार चीनी विमानवाहक युद्धपोत किसी एक्सरसाइज में हिस्सा ले रहा है.
चीन ने धमकी दी है कि ज्वाइंट-स्वार्ड एक्सरसाइज का उद्देश्य ताइवान पर दो तलवार लटकाना है. पहली तलवार सैन्य-सजा है यानी चीनी सेना द्वारा ताइवान पर आक्रमण करना और दूसरी तलवार न्यायिक सजा की है. चीन ने अपरोक्ष रूप से धमकी दी है कि ताइवान के राजनीतिक नेतृत्व को गिरफ्तार कर सजा देना है.
चीन ने साफ कहा है कि ताइवान की स्वतंत्रता और अलगाववादी विचारधारा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. यानी चीन दो-स्टेट नहीं ‘वन-चायना’ पॉलिसी को ही मानता है. (ताइवान में ‘खून बहाने’ के लिए तैयार चीन)
ताइवान पर लटकी चीन की तलवार, घेराबंदी शुरू

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