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पाकिस्तानी जेएफ-17 विमान का Russian इंजन, कांग्रेस-बीजेपी में खिंची तलवार

फाइल

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा से पहले, सत्तारूढ़ बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बीच पाकिस्तानी फाइटर जेट जेएफ-17 के इंजन को लेकर तलवार खिंच गई हैं. कांग्रेस ने जेएफ-17 के लिए रूसी इंजन की सप्लाई को भारत की कूटनीतिक तौर से हार बताया है तो भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ाने का आरोप जड़ डाला.

दरअसल, सोशल मीडिया पर ये खबर सामने आई थी कि रूस ने चीन की मदद से बनाए जाए रहे पाकिस्तान के स्वदेशी फाइटर जेट जेएफ-17 ब्लॉक-3 के लिए आरडी-93 एमए इंजन देने का करार किया है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद अमेरिका से चल रही तनातनी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर के लिए तारीफ की पुल बांधने के चलते कांग्रेस ने पहले ही बीजेपी शासित केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की है.

रूस जैसा पुराना और भरोसेमंद सहयोगी क्यों दे रहा है पाकिस्तान को सैन्य सहयोग: कांग्रेस

पाकिस्तान के रुस के साथ एविएशन इंजन के करार से कांग्रेस को सरकार के खिलाफ नया अस्त्र मिल गया. क्योंकि भारत और रूस के ऐतिहासिक संबंध रहे हैं. ऐसे में कांग्रेस के प्रवक्ता जयराम रमेश ने सरकार से सवाल पूछते हुए लिखा कि “आखिर क्यों रूस जैसा पुराना और भरोसेमंद सहयोगी अब पाकिस्तान को सैन्य सहयोग दे रहा है, जबकि भारत अभी भी रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है और सु-57 स्टील्थ फाइटर विमानों पर बातचीत कर रहा है.”

जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि रूस, जो कभी भारत का सबसे भरोसेमंद ‘रणनीतिक साझेदार’ रहा है, उसने भारत की तमाम अपील को नज़रअंदाज़ करते हुए पाकिस्तान के चीनी निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के लिए उन्नत आरडी-93 एमए इंजन की आपूर्ति क्यों शुरू कर दी.

रूस का पाकिस्तान को एविएशन इंजन सप्लाई, मोदी सरकार की नाकाम कूटनीति का नतीजा: जयराम रमेश

जयराम ने लिखा कि “यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री मोदी की उस व्यक्तिगत कूटनीति की एक और नाकामी को उजागर करता है, जो राष्ट्रीय हितों से अधिक छवि निर्माण और वैश्विक तमाशे को प्राथमिकता देती रही है.”

कांग्रेस प्रवक्ता ने लिखा कि “भारत अब तक पाकिस्तान को कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने में नाकाम रहा है. इसके बजाय, पाकिस्तान का शीर्ष नेतृत्व -जिसमें उसका सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी शामिल है, जिसे पहलगाम हमले का सूत्रधार माना जाता है -आज राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सम्मान पा रहा है. पाकिस्तान को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा हथियार मुहैया कराए जा रहे हैं, जबकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसे चीन का पूरा समर्थन प्राप्त था.” (https://x.com/Jairam_Ramesh/status/1974425669074592200)

जयराम रमेश खड़े हैं दुश्मन के साथ, पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा: बीजेपी

जयराम रमेश को जवाब दिया बीजेपी के आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने. मालवीय ने लिखा कि रूस ने पाकिस्तान को जेएफ-17 थंडर ब्लॉक-3 फाइटर जेट सप्लाई करने की खबरों को खारिज कर दिया है. बीजेपी नेता ने कहा कि इंजन सप्लाई की खबर का कोई ‘आधिकारिक प्रमाण’ नहीं है न ही कोई ‘पुख्ता स्रोत’ है.

मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कम्युनिकेशन हेड “लापरवाह इंफॉर्मेशन वॉरफेयर के चक्कर में पड़ गए हैं और भारत के साथ खड़े होने के बजाए दुश्मन का साथ दे रहे हैं.” क्योंकि रूसी इंजन की सप्लाई की खबर “एक ऐसी वेबसाइट ने दी थी जो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा को बढ़ावा देती है.” (https://x.com/amitmalviya/status/1974708655074549802)

चीन की मदद से बने पाकिस्तानी जेएफ-17 में लगे हैं रूसी आरडी-93 इंजन

दरअसल, वर्ष 2008 में पाकिस्तान ने चीन की मदद से जेएफ-17 फाइटर जेट का निर्माण किया था. ये लड़ाकू विमान, रूस के आरडी-93 इंजन से लैस है. ये इंजन रूस के मिग-29 फाइटर जेट में इस्तेमाल होने वाले आरडी-33 का वर्जन है. ये अभी तक साफ नहीं है कि पाकिस्तान को ये इंजन सीधे रूस से मिले थे या फिर चीन ने रूस से लेकर पाकिस्तान को सप्लाई किए हैं. क्योंकि जेएफ-17 का प्रोटो वर्जन चीन में ही तैयार किया गया था. बाद में इन्हें पाकिस्तान में बनाया जाने लगा.

रूस ने इन एविएशन इंजन को सीधे पाकिस्तान को सप्लाई किया था या फिर चीन के माध्यम से.

भारत में भी बनते हैं मिग-29 फाइटर के रूसी इंजन

पिछले वर्ष (2024 में) भारत ने भी रूस के साथ इन आरडी-33 इंजन का करार किया था. रूस से लाइसेंस के तहत के तहत इन इंजन को भारत में मिग-29 फाइटर जेट के लिए बनाया जा रहा है. इन एयरो-इंजन का उत्पादन हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के कोरापुट डिवीजन द्वारा किया जा रहा है.

80 के दशक के मध्य में भारतीय वायुसेना ने रूस से मिग-29 फाइटर जेट खरीदे थे. इस वक्त वायुसेना में मिग-29 की तीन स्क्वाड्रन हैं जो आदमपुर (पंजाब) और जामनगर (गुजरात) में तैनात रहती हैं. भारत ने मिग-29 फाइटर जेट पाकिस्तान द्वारा अमेरिका से लिए गए एफ-16 लड़ाकू विमानों के मुकाबले में खरीदे थे. पुराने पड़े चुके मिग-29 को अब अपग्रेड करने की प्रक्रिया जारी है. इसलिए उनके नए इंजन खरीदने को लेकर नया करार किया गया था (200 ब्रह्मोस के साथ नेवी अधिक घातक).

रूस के आधिकारिक बयान का इंतजार

नया बवाल, जेएफ-17 के उन्नत वर्जन ब्लॉक-3 के लिए आरडी-93 के एडवांस वर्जन एमए को लेकर है. इसे लेकर रूस की तरफ से हालांकि कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है.

ऑपरेशन सिंदूर में गिराए थे जेएफ-17 लड़ाकू विमान: वायुसेना प्रमुख

शुक्रवार (3 अक्टूबर) को भारतीय वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने खुलासा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर (6-7 मई) के दौरान पाकिस्तान के 05 लड़ाकू विमानों को भारत की मिसाइल ने आसमान में मार गिराया था. एयर चीफ मार्शल के मुताबिक, मार गिराए पाकिस्तानी फाइटर जेट, एफ-16 या फिर जेएफ-17 क्लास के थे. (पाकिस्तान के F-16 समेत 13 एयरक्राफ्ट गिराए, वायुसेना प्रमुख ने Op Sindoor पर किया नया खुलासा)
 

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