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अमित शाह का संकल्प, नक्सलियों के खिलाफ अंतिम प्रहार

गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प को पूरा करने के लिए सीआरपीएफ ने नक्सलियों के खिलाफ अंतिम प्रहार के लिए कमर कस ली है. सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) ने राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जंगलों में एक बार फिर केजीएच-2 ऑपरेशन छेड़ दिया है ताकि बचे हुए नक्सली कमांडरों को ढेर कर दिया जाए. 

सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, नक्सलियों के अब महज चार (04) टॉप कमांडर बचे हैं. इनमें से एक, कुख्यात देवजी उर्फ तिरुपति और उसके डिप्टी कमांडर की लोकेशन इनदिनों तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के बॉर्डर इलाकों में देखी गए है. ऐसे में सीआरपीएफ के एलीट कोबरा बटालियन के साथ करीब 1600 जवानों ने इस इलाके की घेराबंदी कर ऑपरेशन केजी-2 शुरू कर दिया है. 

नक्सलवाद को उखाड़ फेंकने के लिए गृह मंत्री ने दी मार्च 2026 की डेडलाइन

पिछले वर्ष, गृह मंत्री अमित शाह ने देश से नक्सलवाद को पूरी तरह उखाड़ फेंकने के लिए मार्च 2026 की डेडलाइन दी है. ऐसे में सीआरपीएफ और दूसरे सुरक्षाबलों ने राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर नक्सलियों पर आखिरी प्रहार की तैयारी कर ली है. 

नक्सलवाद हालांकि, अब देश के महज कुछ जिलों तक सिमट गया है लेकिन जानकारी के मुताबिक, अभी भी 04 कुख्यात नक्सली कमांडर सहित करीब 300 माओवादी अभी भी छत्तीसगढ़, तेलंगाना, ओडिशा और झारखंड में सक्रिय हैं. ऐसे में अगले एक महीने में नक्सलियों के खिलाफ बड़े क्रेक-डाउन की तैयारी चल रही है. जो 04 कमांडर अभी मुख्य तौर से ऑपरेट कर रहे हैं, उनमें देवजी (तेलंगाना-छत्तीसगढ़ बॉर्डर) के अलावा झारखंड में मिसिर बेसरा, तेलंगाना-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर गणपति @ मुकपाल और ओडिशा में मल्ला राजा रेड्डी शामिल हैं. 

वर्ष 2025 रहा माओवादियों के खिलाफ निर्णायक वर्ष

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष (2025 में) सीआरपीएफ ने नक्सलियों के खिलाफ कई बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिए थे, जिनमें 370 माओवादियों को मार गिराया गया था. इनमें 12 नक्सली कमांडर शामिल थे. जिन टॉप नक्सली कमांडर को ढेर किया गया था, उनमें माडवी हिडमा, बासाव राजू उर्फ केशव राव, चलपति और तेंतु लक्ष्मी नरसिहा शामिल हैं. 

पिछले वर्ष, सीआरपीएफ ने तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती कोरेगुटालो हिल्स (केजीएच) पर नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन ब्लैक फोरेस्ट छेड़ा था. नक्सलियों के गढ़ माने जाने वाले इस इलाके में 31 नक्सली ढेर किए गए थे और बड़ी संख्या में हथियार और दूसरा वॉर-स्टोर जब्त किया गया था. अब इस इलाके को सीआरपीएफ ने अपने अधिकार-क्षेत्र में कर लिया है. 

पिछले वर्ष 1175 नक्सली गिरफ्तार, 2400 ने किया सरेंडर

सीआरपीएफ के आंकड़ों की मानें तो पिछले वर्ष कुल 1175 माओवादी और ओवरग्राउंड वर्कर्स (और सिमपेथाइजर्स) को अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया था. इसी दौरान, सुरक्षाबलों के शिकंजे और माओवादियों की हिंसा (नीति) को छोड़कर करीब 2400 (2391) नक्सलियों ने सरेंडर किया था. 

सीआरपीएफ के मुताबिक, पिछले एक वर्ष में नक्सल प्रभावित इलाकों में जंगल और दूरदराज के इलाकों में कुल 61 नई एफओबी यानी फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए गए. इनमें छत्तीसगढ़ में 32 और महाराष्ट्र में 11 शामिल थे.

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