एक्स (ट्विटर) के मालिक और अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कैबिनेट का हिस्सा बनने जा रहे एलन मस्क ने अपने देश के स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं. साथ ही लड़ाकू विमान और ड्रोन के बीच किसकी उपयोगिता ज्यादा है उस पर भी डिबेट शुरू कर दी है.
एलन के मुताबिक, “एफ-35 के डिजाइन को जरूरत के दौरान ही कई बार तोड़ा गया, क्योंकि बहुत सारी जरूरतों के लिए इसे बहुत लोगों को चाहिए था.” एलन के मुताबिक, “इसके चलते ये बहुत महंगा एयरक्राफ्ट है. ये जैक ऑफ ऑल ट्रेड है लेकिन मास्टर ऑफ नन.”
ट्रंप के ‘डोज’ विभाग की जिम्मेदारी संभालने जा रहे एलन ने कहा कि ऐसे में ये जेट ‘सफल’ नहीं हो सकता था.
दरअसल, पेंटागन (अमेरिकी रक्षा विभाग) की एक रिपोर्ट में एफ-35 की कीमत से लेकर उसकी क्षमताओं पर भी सवाल खड़े किए थे. ये ‘डिक्लासिफाइड’ रिपोर्ट, एफ-35 बनाने वाली अमेरिकी कंपनी लॉकहीड मार्टिन पर तैयार की गई थी. रिपोर्ट में एफ-35 के हथियारों की ‘विश्वसनीयता’ और ‘निर्भरता’ पर भी सवाल खड़े किए गए हैं.
एलन मस्क ने हालांकि, एफ-35 के साथ-साथ आधुनिक युग में लड़ाकू विमानों पर ही सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया. एलन ने कहा कि ‘ड्रोन के युग’ में पायलट संचालित फाइटर जेट ‘ऑब्सलीट’ (अप्रचलित या पुराने) हो चुके हैं. क्योंकि “लड़ाकू विमानों से सिर्फ पायलट मारे जाते हैं.” (https://x.com/elonmusk/status/1861070432377737269)
एलन मस्क का वक्तव्य ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन का तो जबरदस्त इस्तेमाल हुआ है लेकिन फाइटर जेट के ऑपरेशन बेहद कम हुए हैं. क्योंकि युद्ध के शुरूआती हफ्तों में एयर-डिफेंस मिसाइल सिस्टम के चलते कई फाइटर जेट मार गिराए गए थे. ऐसे में रूस ने हवाई हमलों के लिए लड़ाकू विमानों का काफी कम प्रयोग किया.
वही, गाजा में हमास के खिलाफ और लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों सहित ईरान में हमले के लिए इजरायल ने फाइटर जेट का जमकर इस्तेमाल किया है. इनमें अमेरिकी स्टील्थ फाइटर जेट भी शामिल थे.
F-35 नहीं ड्रोन का है युग: एलन मस्क

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