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पहली काउंटर-ड्रोन कार लॉन्च, इंद्रजाल रेंजर करेगी बॉर्डर पेट्रोलिंग में मदद

बॉर्डर पर दुश्मन के ड्रोन को मार गिराने के लिए हैदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी ने इंद्रजाल-रेंजर नाम की एक काउंटर-ड्रोन कार लॉन्च की है. कंपनी का दावा है कि ये दुनिया की पहली ऐसी व्हीकल है जो बॉर्डर पर पेट्रोलिंग करते वक्त भी रौग-ड्रोन को मार गिरा सकती है.

ग्रीन रोबोटिक्स नाम की कंपनी ने बुधवार को इस एंटी-ड्रोन कार को लॉन्च करने से पहले पंजाब से सटे बॉर्डर पर ट्रायल कर अपनी क्षमताओं का सफल प्रदर्शन भी किया है. ट्रायल के दौरान इंद्रजाल-रेंजर ने छह दिनों में 140 ड्रोन को डिटेक्ट किया और 40 को मार भी गिराया. इन ड्रोन्स में पाकिस्तान की तरफ से ड्रग्स और हथियारों की स्मगलिंग की साजिश रची गई थी.

हैदराबाद में भारतीय सेना की चिनार कोर के पूर्व कमांडर, लेफ्टिनेंट जनरल डी पी पांडे (रिटायर) की मौजूदगी में इस कार को लॉन्च किया गया. कंपनी का दावा है कि अभी तक जितने भी एंटी-ड्रोन प्रणाली हैं, वे सभी स्टेटिक हैं यानी सैनिक अपने कंधे से लॉन्च करते हैं या फिर व्हीकल माउंटेड है जिसमें व्हीकल को एक जगह से दूसरी जगह जाने के वक्त, सिस्टम को बंद करना पड़ता है. लेकिन इंद्रजाल रेंजर को चलते वक्त भी ऑपरेट किया जा सकता है. ऐसे में एक बड़े एरिया को ड्रोन के खतरे से बचाया जा सकता है.

ले.जनरल पांडे ने बताया कि रुस-यूक्रेन जंग हो या हालिया ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह सियाचिन से लेकर जम्मू कश्मीर और पंजाब से लेकर रण ऑफ कच्छ तक पाकिस्तान ने ड्रोन लॉन्च किए थे, एक बड़े बॉर्डर एरिया में काउंटर ड्रोन सिस्टम की जरूरत पड़ सकती है. इस तरह के मूविंग काउंटर-ड्रोन सिस्टम से सीमावर्ती इलाकों में एक बड़े एरिया को सुरक्षित रखा जा सकता है. सैनिकों की बॉर्डर पैट्रोलिंग की तरह, इंद्रजाल-रेंजर भी सीमावर्ती इलाकों में गश्त कर सकती है.

कंपनी के सीईओ किरन राजू ने बताया कि इंद्रजाल रेंजर की रेंज करीब 10 किलोमीटर है और इसमें तीन अलग-अलग तरह के काउंटर ड्रोन सिस्टम हैं. पहला है साइबर-हैक यानी 04 किलोमीटर की दूरी पर ये सिस्टम दुश्मन के ड्रोन को हैक कर लेता है. दूसरा है सॉफ्ट-किल यानी 03 किलोमीटर की रेंज में लेजर के जरिए ड्रोन को जाम कर गिरा देता है. तीसरा है हार्ड-किल जिसमें 02 किलोमीटर की दूरी पर जॉम्बी-ड्रोन के जरिए दुश्मन के ड्रोन को मार गिरा देता है.

कंपनी ने बॉर्डर के साथ-साथ दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद जैसे महानगरों में स्वार्म-ड्रोन अटैक के खतरों से भी सुरक्षित रखने के लिए इस ऑटोनोमस काउंटर ड्रोन व्हीकल तैयार की है. हाल ही में जिस तरह लाल किले पर हुए आत्मघाती हमले के बाद कश्मीर के टेररिस्ट डॉक्टर के नेटवर्क का खुलासा हुआ, उससे साफ है कि आतंकी अब एके-47 हथियारों के साथ-साथ हमास स्टाइल में ड्रोन अटैक की साजिश भी रच रहे हैं. ऐसे में ग्रीन रोबोटिक्स, इंद्रजाल रेंजर को सेना और पैरा-मिलिट्री फोर्स के साथ-साथ अलग-अलग शहरों की पुलिस के लिए भी तैयार कर रही है. 

बुधवार को मुंबई के 26-11 आतंकी हमले के 17 वर्ष पूरे होने के चलते, कंपनी ने इस तारीख पर इंद्रजाल-रेंजर को लॉन्च करने का फैसला किया ताकि शहरों को आतंकियों के ड्रोन से सुरक्षित रखा जा सके.

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