इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (आईसीसी) ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया है. दोनों के खिलाफ गाजा में आतंकी संगठन हमास के खिलाफ युद्ध के दौरान अपराध करने के संगीन आरोप लगाए गए हैं.
आईसीसी ने नेतन्याहू और गैलेंट के साथ-साथ हमास के मिलिट्री चीफ मोहम्मद देफ के खिलाफ भी वारंट जारी किया है.
नीदरलैंड के हेग स्थित आईसीसी के मुताबिक, इजरायल के प्रधानमंत्री और (तत्कालीन) रक्षा मंत्री के खिलाफ 8 अक्टूबर 2023 से लेकर 20 मई 2024 के बीच मानवता के खिलाफ अपराध और वार-क्राइम के चलते वारंट जारी किया गया है.
आईसीसी ने ये समय इसलिए अंकित किया है क्योंकि 20 मई को ही अदालत में इस मामले को लाया गया था. 7 अक्टूबर को हमास के आतंकियों ने दक्षिण इजरायल में एक बड़ा आतंकी हमला किया था जिसमें 1200 लोगों को नरसंहार किया गया था. हमले के दौरान हमास के आतंकी 200 इजरायली नागरिकों को अगवा कर ले गए थे. इनमें से 108 नागरिक आज तक हमास के कब्जे में है.
7 अक्टूबर को बदला लेने के लिए और अपने बंधक नागरिकों को छुड़ाने के लिए इजरायली सेना ने 8 अक्टूबर को हमास के खिलाफ जंग छेड़ दी थी. इजरायली डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने गाजा में ग्राउंड और एयर अटैक किए थे, जिसके चलते 40 हजार लोगों की मौत हो चुकी है और करीब एक लाख लोग घायल हो चुके हैं. गाजा में रहने वाले 10 लाख लोग बेघर हो चुके हैं.
इजरायल ने ऐलान किया है जब तक सभी बंधकों को हमास की चंगुल से आजाद नहीं करा लिया जाता, जंग जारी रहेगी.
खास बात है कि इजरायल ने दावा किया है कि मोहम्मद देफ को इसी साल जुलाई के महीने में मार गिराया गया है. बावजूद इसके उसके खिलाफ आईसीसी ने अरेस्ट वारंट जारी किया है.
यूक्रेन जंग के लिए आईसीसी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ भी अरेस्ट वारंट जारी कर रखा है. यही वजह है कि पुतिन ने पिछले साल (2023) में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था. क्योंकि दक्षिण अफ्रीका, आईसीसी का सदस्य देश है और वारंट जारी किए हुए व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए बाध्य है.
हालांकि, इसी साल पुतिन ने मंगोलिया का दौरा भी किया था. आईसीसी का सदस्य देश होने के बावजूद मंगोलिया ने आईसीसी के अरेस्ट वारंट को धता बता दिया था.
नेतन्याहू के खिलाफ ICC वारंट जारी, पुतिन बता चुके हैं धता

