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अमेरिका सांसदों ने ट्रंप को घेरा, मादुरो के अपहरण पर जताई नाराजगी

वेनेजुएला में की गई सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनकी पत्नी के साथ गिरफ्तारी से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने ही घर में घिर गए हैं.

भारतीय अमेरिकी सांसदों ने वेनेजुएला में सैन्य बलों का इस्तेमाल करने के राष्ट्रपति ट्रंप के उस बयान की कड़ी निंदा की है, जिसमें ट्रंप ने कहा था कि वेनेजुएला को अब अमेरिका चलाएगा. 

सांसदों ने ट्रंप से पूछा है कि अगर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की को और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, ताइवान के राष्ट्रपति चिंग लाई ते को ऐसे उठा लें तो क्या वो सही होगा.

ट्रंप पर भड़के डेमोक्रेटिक सांसद, कहा, इराक-अफगानिस्तान के बाद एक और बेवकूफी

छह भारतीय अमेरिकी सांसदों (सभी विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के) ने ट्रंप को चेतावनी दी कि वेनेजुएला में सैन्य एक्शन के दौरान संसद को दरकिनार किया गया है और राष्ट्रपति ने संवैधानिक सीमाओं का अतिक्रमण किया है. 

खुफिया मामलों पर संसद की स्थायी प्रवर समिति के वरिष्ठ सदस्य राजा कृष्णमूर्ति ने कहा कि “निकोलस मादुरो का रिकार्ड एकतरफा सैन्य कार्रवाई को सही नहीं ठहराता. राजा कृष्णमूर्ति ने कहा, ”मादुरो एक अवैधानिक तानाशाह था जिसने वेनेजुएला के लोगों को बहुत दुख दिया, लेकिन यह सच्चाई किसी भी राष्ट्रपति को संसद की अनुमति के बिना सैन्य बल का इस्तेमाल करने का खुला अधिकार नहीं देती.”

राजामूर्ति ने कहा, “बिना अनुमति के कार्रवाई करना और दूसरे संप्रभु राष्ट्र पर अमेरिकी नियंत्रण जताना सत्ता का दुरुपयोग है. संसद की अनुमति के बिना कार्रवाई करके और सार्वजनिक रूप से दूसरे संप्रभु राष्ट्र पर अमेरिकी नियंत्रण जताकर, ट्रंप राष्ट्रपति की शक्ति का दुरुपयोग कर रहे हैं और संविधान के तहत शक्तियों के बंटवारे को कमजोर कर रहे हैं.”

अमेरिकी सांसद ने पुतिन-शी जिनपिंग का उदाहरण देकर ट्रंप को घेरा

डेमोक्रेट सांसद रो खन्ना ने कहा, “ट्रंप ने वेनेजुएला में सत्ता बदलने के लिए अमेरिका को फिर महान बनाने की अपनी बुनियाद से धोखा किया है. हम इराक, अफगानिस्तान और लीबिया में बेवकूफी भरे युद्धों के विरुद्ध वोट देते रहते हैं, लेकिन हमारे राष्ट्रपति सैन्यवाद के प्रति समर्पित विदेश नीति लॉबी के आगे झुक जाते हैं.”

खन्ना ने पूछा, “अब हम क्या कहेंगे अगर शी जिनपिंग ताइवान के राष्ट्रपति लाई को पकड़ना चाहें या व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन में जेलेंस्की को पकड़ने की कोशिश करें?”

ट्रंप ने खुद को बताया था शांति का राष्ट्रपति, खुद भड़काते हैं तनाव: अमेरिकी सांसद

सैन्य और विदेश मामलों की निगरानी उपसमिति के सदस्य सुहास सुब्रमण्यम ने भी ट्रंप को घेरा. सुब्रमण्यम ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वह शांति के राष्ट्रपति होंगे और कोई नया युद्ध शुरू नहीं करेंगे, इसके बावजूद उन्होंने गैरकानूनी तरीके से दूसरे देश पर हमला किया और उसके राष्ट्रपति का अपहरण कर लिया.”

सुब्रमण्यम ने कहा कि “उन्हें पकड़ने के तरीके से अमेरिकी लक्ष्य हासिल नहीं होंगे. इससे न तो ड्रग्स का फ्लो रुकेगा एवं न ही वेनेजुएला में और अधिक अस्थिरता के अलावा कुछ मिलेगा. बल्कि झूठे बहाने से एक और कभी न खत्म होने वाला युद्ध शुरू हो जाएगा.”

वहीं सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा, “ट्रंप ने अमेरिका को युद्धों से निकालने का वादा किया था, उन्होंने झूठ बोला था. यह सैन्य कार्रवाई पूरी तरह से तेल, लालच और सत्ता के लिए की गई.”

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