इंडियन कोस्ट गार्ड ने एक ‘डेरिंग’ ऑपरेशन में पाकिस्तानी मेरीटाइम एजेंसी के चंगुल से सात भारतीय मछुआरों को छुड़ाने में सफलता हासिल की है. इन भारतीय मछुआरों को ‘पाकिस्तानी मेरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी’ (पीएमएसए) बंधक बनाकर अपने साथ ले जा रही थी. इस ऑपरेशन के दौरान मछुआरों की बोट जरूर समंदर में डूब गई.
भारतीय तट रक्षक बल ने एक बयान जारी कर बताया कि रविवार दोपहर इंडिया-पाकिस्तान इंटरनेशनल मैरीटाइम बाउंड्री लाइन (आईएमबीएल) पर पेट्रोलिंग के दौरान एक आईसीजी शिप (अग्रिम) को कि नो-फिशिंग जोन के करीब ऑपरेट कर रही है एक फिशिंग बोट से एक ‘डिस्ट्रेस कॉल’ मिली थी. कॉल में बताया गया कि एक “दूसरी फिशिंग बोट ‘काल-भैरव’ को पाकिस्तानी मेरीटाइम सिक्योरिटी एजेंसी (पीएमएसए) के एक जहाज (नुसरत) ने इंटरसेप्ट कर उसमें सवार सभी सात मछुआरों को हिरासत में ले लिया है.”
जानकारी के मुताबिक, इस दौरान पाकिस्तानी जहाज ने मछुआरों की बोट में टक्कर मार दी थी , जिसके कारण बोट को नुकसान हुआ और समंदर में डूब गई थी.
खबर मिलते ही आईसीजी जहाज ने फुल स्पीड से पाकिस्तानी जहाज का पीछा किया और उसी लोकेशन पर पहुंच गई. पीएमएसए जहाज तुरंत पाकिस्तानी सीमा की तरफ भागने लगा. लेकिन भारतीय तट रक्षकों ने पीएमएसए को भारतीय मछुआरों को छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया. (https://x.com/FinalAssault23/status/1858552855809945695)
पीएमएसए की चंगुल से सभी भारतीय मछुआरों को छुड़ाने के बाद आईसीजी अग्रिम जहाज सोमवार को गुजरात के ओखा बंदरगाह पहुंच गया. तटरक्षक बल के मुताबिक, सभी मछुआरों की मेडिकल स्थिति स्थिर पाई गई.
इंडियन कोस्ट गार्ड ने गुजरात पुलिस, इंटेलिजेंस एजेंसी और मत्स्य विभाग के साथ साझा जांच शुरू कर दी है.
भारतीय तटरक्षक बल के मुताबिक, इस सफल ऑपरेशन के जरिए एक बार फिर साफ हो गया है कि “आईसीजी समंदर में भारतीय मछुआरों और हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.”
कोस्टगार्ड ने खदेड़ा पाकिस्तानी जहाज, छुड़ाए मछुआरे

Rescued fishermen with ICG crew.
