रूस-यूक्रेन से लेकर इजरायल-हमास युद्ध और पंजाब से सटी पाकिस्तानी सीमा और अब मणिपुर में ड्रोन के हमलों से निपटने के लिए भारत की डिफेंस इंडस्ट्री भी कमर कस चुकी है. ऐसे में चेन्नई की एक आर्म्स कंपनी ने खास ‘वज्र-शॉट’ नाम की एंटी-ड्रोन गन तैयार की है. इस ‘वज्र-शॉट’ को मणिपुर में तैनात सुरक्षाबलों ने ऑर्डर करना शुरु कर दिया है.
राजस्थान के जोधपुर एयरबेस में इनदिनों चल रही तरंग-शक्ति मल्टीनेशन एक्सरसाइज के दौरान स्वदेशी हथियारों की कंपनियों ने एक खास प्रदर्शनी आईडीएक्स-23 का आयोजन किया है. इंडियन डिफेंस एविएशन एक्सपोजिशन (आईडीएएक्स-24) में चेन्नई की ‘बिग बैंग बूम सोल्यूशन्स’ ने व्रज-शॉट को खास तौर से प्रदर्शित किया है.
बिग बैंग के वाइस प्रेसीडेंट (सेल्स) गौरव शर्मा ने टीएफए को बताया कि वज्र-शॉट को खरीदने में मणिपुर में तैनात सुरक्षाबलों ने दिलचस्पी दिखाई है. बेहद ही हल्के (साढ़े तीन किलो) का वज्र-शॉट देखने में एक असॉल्ट गन की तरह है जिसे सैनिक आसानी से ऑपरेट कर सकते हैं. गौरव शर्मा के मुताबिक, बेहद हल्की होने के चलते जवान, वज्र-शॉट को साथ लेकर एक बड़े एरिया में पेट्रोलिंग भी कर सकते हैं.
कंपनी के मुताबिक, गन के साथ एक रडार भी शामिल है जो करीब चार किलोमीटर दूर से ही दुश्मन के ड्रोन को डिटेक्ट कर सकता है. वज्र-शॉट फिर इस ड्रोन की फ्रीकेवंसी का जाम कर गिरा देता है.
खास बात ये है कि वज्र-शॉट पर हैंड-हेल्ड ड्रोन डिक्टेटर साइट भी लगाई जा सकती है ताकि जरूरत पड़ने पर जवान ड्रोन को देखकर भी जाम कर सकते हैं.
मणिपुर में हाल के दिनों की हिंसा में उग्रवादियों ने रिहायशी इलाकों में ड्रोन के जरिए हमले किए हैं. ऐसे में मणिपुर सरकार ने एनएसजी की मदद से ऐसे ड्रोन का मुकाबला करने की तैयारी की है. इसके अलावा राज्य में तैनात असम राइफल्स (पैरामिलिट्री फोर्स) और सीआरपीएफ ने भी एंटी-ड्रोन सिस्टम को तैनात कर दिया है.
एक लंबे समय से पंजाब से सटी पाकिस्तानी सीमा पर ड्रोन के जरिए ही ड्रग्स और हथियारों की स्मगलिंग की कोशिश की जा रही है. कई बार सीमा पर तैनात बीएसएफ के जवानों को अपनी इंसास राइफल से ही ड्रोन पर फायरिंग कर गिराना पड़ता है. ऐसे में वज्र-शॉट जैसी एंटी-ड्रोन गन बेहद कारगर साबित हो सकती है.
Rogue Drones से निपटने के लिए तैयार है वज्र-शॉट

