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ईरान का इब्राहीम निकला AI सोल्जर, इजरायल के दावे से सनसनी

By Nalini Tewari

न अभी न कभी, ईरान ट्रंप जैसे शख्स से कभी कोई समझौता नहीं करेगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ये धमकी देने वाले ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहीम जुलफाघरी क्या आर्टिफिशिएयल इंटेलिजेंस से तैयार किए गए एक रोबोट हैं. क्या वास्तविक में जुलफागरी हैं, या सिर्फ एआई का कमाल हैं, जिसने युद्ध के दौरान संभाल रखी है ईरानी सेना के प्रवक्ता की कमान.

ईरानी सेना के ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ के प्रवक्ता जुलफाघरी की मौजूदगी पर इजरायल ने उठाए हैं सवाल. इजरायली सेना का दावा है कि इब्राहीम जुलफाघरी कोई इंसान नहीं बल्कि एआई द्वारा तैयार किए गए हैं. आईडीएफ ने कहा है कि इस प्रवक्ता को कभी किसी ने नहीं देखा है, सिर्फ एक काल्पनिक प्रोडक्ट हैं.

क्या किसी ने जुलफाघरी को देखा है: इजरायली सेना

इजरायली सेना यानी आईडीएफ ने कहा है कि “ईरानी सेना की ओर से अमेरिका और इजरायल को धमकी देने वाला प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहीम जुलफाघरी कोई असली व्यक्ति नहीं है. वो एक आर्टिफिशिएयल इंटेलिजेंस वाला सैनिक है.”

आईडीएफ ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “अगर आपने उन्हें किसी साक्षात्कार में या फील्ड में देखा है, तो हमें बताएँ. अगर नहीं, तो हमें यह साबित करने में मदद करें कि वो एआई का उत्पाद हैं. क्या ईरान काल्पनिक पात्रों के जरिए बातें करने पर मजबूर हो गया है. जुलफागरी के संदेशों की विश्वसनीयता नहीं है, क्योंकि इस व्यक्ति को कभी किसी ने देखा ही नहीं है. ”

सेना की वर्दी में मुसकुराते और ट्रंप का मजाक उड़ाते दिखते हैं इब्राहीम

ईरान युद्ध के दौरान एक चेहरा जो सबसे ज्यादा नजर आ रहा है, वह है ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहीम जुलफाघरी का. सेना की वर्दी पहने और कुटिल मुसकान के साथ जुलफाघरी हर वीडियो संदेश में आते हैं और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मजाक बनाते हैं, इजरायल को धमकाते हैं और खाड़ी देशों की बात करते हैं.

जुल्फिकारी ने सीजफायर से पहले दुनिया के सामने ट्रंप पर तंज कसा था, और कहा था कि “युद्ध का नतीजा ट्वीट से तय नहीं होता, युद्ध का नतीजा तो मैदान पर तय होता है. ठीक उसी जगह पर (ईरान की जमीन और होर्मुज), जहां जाने की हिम्मत न तो आपमें है और न ही आपकी सेना में, और जिसके बारे में आप सिर्फ अपने ट्वीट में ही बात कर सकते हैं.”

इसके अलावा ट्रंप के बार-बार दिए जा रहे बयानों पर भी जुल्फिकारी ने कहा था कि अमेरिका इस हालत में पहुंच गया है कि वहां के राष्ट्रपति ट्रंप को खुद बयान के लिए सामने आना पड़ता है.

पाषाण युग में इजरायल जाएगा, फारस की खाड़ी में निवाला बनेंगे अमेरिकी सैनिक

अमेरिकी हमले में जब सभी शीर्ष सैन्य अधिकारियों का खात्मा हो गया. एनएसए अली लारीजानी की भी मौत हो गई, बावजूद इसके ईरानी सेना की ओर से जुलफाघरी ने ही मोर्चा संभाला हुआ था. चाहे वो सीजफायर की बात हो या फिर होर्मुज ब्लॉकेड की, जुल्फिकारी का वीडियो संदेश फौरन मीडिया में छा जाता है.

हाल ही में जब ट्रंप ने कहा कि ईरान को पाषाण युग में भेजेंगे तो जुलफाघरी ने पलटवार करते हुए कह दिया था कि इजरायल पाषाण युग में जाएगा. और फिर ट्रंप ने ये बयान दिया कि “होर्मुज में अमेरिकी सैनिक आएंगे”,

तो कुछ ही घंटों में जुलफाघरी ने ये बयान दिया कि “अमेरिकी सैनिक आएंगे लेकिन जाएंगे ताबूत में, फारस की खाड़ी में वो निवाला बना लिए जाएंगे.”

इजरायल ने क्यों कहा कि जुलफाघरी है एआई सोल्जर

ईरानी मिलिट्री प्रवक्ता इब्राहीम जुलफाघरी ने जिस तरह से ट्रंप को सीधे-सीधे ट्रोल किया, उसके बाद सोशल मीडिया पर छा गए. हर ओर जुलफाघरी की चर्चा होने लगी. सोशल मीडिया जुलफाघरी को बहादुर और बेखौफ बताने लगी.

जुलफाघरी ने कुछ दिनों पहले अपने वीडियो संदेश में ट्रंप के मशहूर टीवी डायलॉग का इस्तेमाल करते हुए कहा- ‘ हे ट्रंप यू आर फायर्ड’ यह वही लाइन है जो ट्रंप अपने रियलिटी शो में इस्तेमाल किया करते थे.

इसके बाद जुलफाघरी की फैन फोलोइंग में जबर्दस्त उछाल आ गया, लेकिन वहीं आईआरजीसी के कमांडर्स का खात्मा करने वाली इजरायली सेना के लिए भी जुलफाघरी चुनौती बन गए. माना जाता है कि इजरायली सेना अब जुलफाघरी को आईआरजीसी का मजबूत चेहरा मान रही है. और उनके खात्मे की कोशिश की गई. लेकिन इस बीच आईडीएफ ने ये दावा कर दिया है कि जुलफाघरी तो अस्तित्व में ही नहीं हैं.

ऐसे में सवाल है कि क्या वाकई ईरान ने जुलफाघरी जैसी शख्सियत को युद्ध के बीच उतारकर इंफॉर्मेशन वॉरफेयर में सभी को चकमा दे दिया. क्योंकि ऐसा कहा जाता है कि युद्ध से पहले कभी किसी ने जुलफाघरी को न तो देखा था और न ही सुना था.

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