दिल्ली में हुए उपद्रव को लेकर खुफिया एजेंसियों को जिस बात का शक था, वो शक सही निकला है. पाकिस्तान से संचालित कुछ फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए है फैलाई गई अफवाह.
दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के विरोध प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने 480 पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान की है जो गलत जानकारी फैलाकर युवाओं को भड़का रहे थे.
दिल्ली पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि उन्होंने नोटिस किया है कि सोशल मीडिया पर कुछ गलत जानकारी फैलाने (सर्कुलेट) करने की कोशिश हो रही है. अब तक 400 से अधिक पाकिस्तानी सोशल मीडिया हैंडल की पहचान हुई है, जो मौजूदा हालात का फायदा उठाकर गलत और भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी यही फर्जी सोशल मीडिया सक्रिय थे: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने 400 से ज्यादा पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर रोक लगा दी है, जो भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैला रहे थे. इन्हीं सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए भारत के युवाओं को भड़काया जा रहा था और सरकार के खिलाफ बेबुनियाद बातें लिखी जा रहीं थीं. ऐसे अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया है.
दिल्ली पुलिस के अधिकारी ने खुलासा किया है “ये वही सोशल मीडिया हैंडल हैं, जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी सक्रिय थे.”
दिल्ली पुलिस के एडिशनल डीसीपी सुमित झा ने कहा, “ये वही पाकिस्तानी सोशल मीडिया अकाउंट्स हैं, जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी गलत और भ्रामक जानकारी सर्कुलेट कर लोगों को बरगलाने की कोशिश की थी.उनका मकसद लोगों को भड़काना और छात्रों का ध्यान भटकाना है. इन अकाउंट्स को ब्लॉक कराया जा रहा है.”
पुलिस ने लोगों से सतर्क और सावधान करने की अपील की है.
शेयर करने से पहले जरूर चेक करें फैक्ट्स: दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि “किसी भी गलत, अपुष्ट जानकारी और कंटेंट के बहकावे में न आएं. किसी भी प्रकार के फेक पोस्ट, एडिटेड (डॉक्टर्ड) वीडियो या अनजान हैंडल्स द्वारा शेयर की गई भड़काऊ जानकारी पर आंख मूंदकर भरोसा बिल्कुल न करें. किसी भी वीडियो, फोटो या टेक्स्ट मैसेज को दूसरों के साथ साझा करने से पहले उसका री-वेरिफिकेशन और फैक्ट चेक अवश्य करें लें.किसी भी असामाजिक तत्व को भावनाओं का फायदा न उठाने दें.”
“छात्रों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दिल्ली पुलिस ने अभिभावकों व युवाओं से संयम और समझदारी बरतने का आग्रह किया है.”
पुलिस ने छात्रों से कहा कि “लोकतंत्र में शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है. शांतिपूर्ण प्रदर्शन आपका अधिकार है और पुलिस इसका सम्मान करती है.”

