मेक इन इंडिया के तहत पहली बार जापान, भारत में सैन्य उपकरण बनाने जा रहा है. भारतीय नौसेना के लिए जापान बेहद खास रेडियो एंटीना बनाने जा रहा है जिससे जंगी जहाज की स्टील्थ क्षमताएं काफी बढ़ जाएंगी. जापान ने इसके लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ करार किया है.
भारतीय नौसेना के मुताबिक, टोक्यो में इंडियन एंबेसी में भारत सरकार और जापान की सरकार के बीच साझा ‘यूनिकॉर्न-मस्ट’ बनाने को लेकर एक ‘मेमोरेंडम ऑफ इम्प्लीमेंटेशन’ (एमओआई) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. ये यूनिकॉर्न-मस्ट, भारतीय नौसेना के जंगी जहाजों में लगाए जाएंगे.
इस एमओआई पर भारत की तरफ से टोक्यो में भारतीय राजदूत सिबी जॉर्ज ने हस्ताक्षर किए तो जापान की तरफ से (जापानी) रक्षा मंत्रालय की एक्यूजेशन टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक एजेंसी (एएलटीए) के कमिश्नर इशिकावा ताकेशी ने साइन किए.
‘यूनिफाइड कॉम्पलेक्स रेडियो एंटीना’ (यूएनआईसीओआरएन) यानी यूनिकॉर्न एक मस्ट है जिसमें कम्युनिकेशन सिस्टम इंटीग्रेट किया गया है. ये मस्ट जंगी जहाज के स्टील्थ फीचर्स को बढ़ाने में सहायक है, जिसे दुश्मन के रडार डिटेक्ट नहीं कर पाते हैं.
मेक इन इंडिया के तहत सरकारी रक्षा उपक्रम बीईएल इस एडवांस सिस्टम को जापान की मदद से तैयार करेगा. तैयार होने के बाद इन उपकरणों को भारतीय नौसेना के जंगी जहाज में लगाया जाएगा. (https://x.com/IndianEmbTokyo/status/1857398774139867420)
जापान ने ऑटो सेक्टर (मारुति सुजुकी, होंडा, टोयोटा इत्यादि) से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में भारत की बड़ी मदद की है. लेकिन इस यूनिकॉर्न-मस्ट के जरिए जापान पहली बार रक्षा क्षेत्र में किसी सैन्य उपकरण को भारत के साथ मिलकर तैयार कर रहा है.
भारत और जापान के मजबूत सैन्य संबंध रहे हैं. दोनों देश की नौसेनाएं, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया के साथ साझा मालाबार एक्सरसाइज करती हैं. दोनों देशों की थलसेनाएं भी साझा युद्धाभ्यास करती आई हैं. भारत, जापान, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के लिए बेहद ही खास समूह ‘क्वाड’ का भी हिस्सा हैं.
हालांकि, हाल ही में जापान की मीडिया ने भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर की नीतियों की आलोचना की थी. जापानी मीडिया ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि दक्षिण एशिया में भारत अलग-थलग पड़ रहा है. (एशियन NATO नहीं मंजूर, जापान हुआ नाराज)
Japanese टेक्नोलॉजी कर देगी जंगी-जहाज को अदृश्य

Representative
