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ईरान में खामेनेई का खात्मा, ईरानी सैन्य शीर्ष भी मारे गए

अमेरिका-इजरायल के हमले में मारे गए हैं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई. 87 वर्षीय सुप्रीम लीडर की मौत की पुष्टि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ-साथ ईरान ने भी कर दी है. इस हमले में सिर्फ सुप्रीम लीडर की मौत नहीं बल्कि ईरान के रक्षा मंत्री, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर  के चीफ समेत शीर्ष सैन्य नेतृत्व का भी खात्मा हो गया है.

सुप्रीम लीडर की मौत की खबर जैसे ही राजधानी तेहरान में फैली, लाखों की संख्या में लोग मातम मनाने सड़क पर उतर गए. ईरान में 40 दिनों के शोक की घोषणा की गई है. वहीं कई जगहों पर अमेरिका-इजरायल के झंडे भी लहराते हुए जश्न मनाया गया.

इस बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बयान जारी करते हुए कहा है कि जवाबी कार्रवाई जरूर की जाएगी, क्योंकि खामेनेई की हत्या सबसे बड़ा अपराध है, वहीं आईआरजीसी ने अमेरिका के सामने झुकने से मना कर दिया है.

खामेनेई की मौत पर आईआरजीसी ने कहा, हमने एक महान लीडर खो दिया है और हम उनके लिए दुख मनाते हैं लेकिन हम घरेलू और विदेशी साजिशों का डटकर सामना करेंगे. मरेंगे लेकिन अंतिम दम तक दुश्मनों से लड़ेंगे.

मारे गए खामेनेई, ईरान के सैन्य शीर्ष का खात्मा

शनिवार को अमेरिका और ईरान ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान समेत 30 जगहों पर भारी बमबारी की थी. ये बमबारी सुप्रीम लीडर के घर, राष्ट्रपति दफ्तर, ईरानी खुफिया विभाग के ऑफिस में किए गए. इस हमले में अयातुल्ला खामेनेई का घर पूरी तरह से जमींदोज़ हो गया. हालांकि शाम तक ईरान ये कहता रहा कि सुप्रीम लीडर सुरक्षित हैं और राष्ट्र को संबोधित करेंगे. लेकिन रविवार तड़के खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि कर दी गई. खामेनेई के अलावा उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए. अमेरिका-इजरायल ने शुरुआती 30 सेकेंड के हमले में 3 शहरों को निशाना बनाया गया, जिसमें 30 प्रमुख नेता मारे गए. अमेरिकी-इजरायल हमलों में सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुल रहीम मूसावी की भी मौत हुई है.

खामेनेई के ठिकाने पर चल रही थी सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक, सीआईए-मोसाद की सटीक जानकारी पर अटैक

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से खामेनेई और ईरान के सैन्य अफसरों पर अमेरिका खुफिया एजेंसी सीआईए और इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद करीबी नजर रखे हुए थी. हाल ही में जब अमेरिकी नेवी ने ईरान को घेरना शुरु किया था, उसके बाद ईरान का क्या प्लान ऑफ एक्शन होगा, इसके लिए शनिवार को सुप्रीम लीडर खामेनेई ने अहम बैठक बुलाई गई थी.

सीआईए और मोसाद इसी मौके का इंतजार कर रही थी, जब एक छत के नीचे ईरान के सभी शीर्ष नेतृत्व को मारा जाए. जिस वक्त इजरायल-अमेरिकी वायुसेना ने बम गिराए, सुप्रीम लीडर के साथ ईरान के रक्षा मंत्री अजीज नसीरजादेह, ईरान के सुरक्षा सलाहकार अली शामखानी,  आईआरजीसी कमांडर मोहम्मद पाकपोर मौजूद थे. 30 सेकेंड के अंदर खामेनेई के ठिकाने पर ऐसी बमबारी हुई कि किसी को मौका नहीं मिला. सुप्रीम लीडर के साथ-साथ नसीरजादेह, शामखानी और पाकपोर भी मारे गए. इस हमले में खामेनेई के बेटी, दामाद की भी मौत हुई है. इसके अलावा सालेह असदी, मोहम्मद शिराजी, अजीज नासिरजादेह, हुसैन जबल अमेलियन और रजा मुजफ्फर-निया जैसे बड़े सैन्य अधिकारियों की मौत हुई है.

दुनिया का सबसे क्रूर शख्स मारा गया: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खामेनेई के मारे जाने पर खुशी जताई है, कहा है कि अब ईरान से बात करना आसान होगा. ट्रंप ने अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा, “दुनिया का सबसे क्रूर शख्स मारा गया. ये न केवल ईरान के लोगों के लिए न्याय है, बल्कि उन अमेरिकियों और दुनिया भर के नागरिकों के लिए भी इंसाफ है, जिन्हें खामेनेई के गिरोह ने निशाना बनाया था.”

ट्रंप ने ईरानी जनता से सड़कों पर उतर कर अपना देश वापस लेने की अपील की है. ट्रंप ने कहा, इजरायल के साथ मिलकर किए गए बेहद सटीक और आधुनिक खुफिया ऑपरेशन के कारण खामेनेई और उनके साथ मौजूद अन्य नेता खुद को नहीं बचा सके. इस सैन्य कार्रवाई में ईरान के रक्षा तंत्र का भारी नुकसान पहुंचा है.

ट्रंप ने दावा किया, “ईरान की आईआरजीसी (रिवोल्यूशनरी गार्ड्स), सेना और पुलिस बल के कई सदस्य अब लड़ना नहीं चाहते और अमेरिका से माफी  की मांग कर रहे हैं. अंतिम लक्ष्य मिडिल ईस्ट और पूरी दुनिया में शांति स्थापित करना है. उनके मुताबिक, ईरान को तबाह करने की ये प्रक्रिया शुरू हो चुकी है.”

जिसने इजरायल को खत्म करने का काम किया, उसका हमने खात्मा किया: इजरायली रक्षा मंत्री

इज़रायल के डिफेंस मिनिस्टर इज़राइल काट्ज़ ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या करने वाले हमलों के लिए प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और देश की सेना को बधाई दी है. काट्ज़ ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “जिसने इज़रायल को खत्म करने का काम किया, वह खत्म हो गया है इंसाफ हुआ है और बुराई की धुरी को करारा झटका लगा है. इज़रायल पूरी ताकत से काम करना जारी रखेगा.”

खामेनेई के मारे जाने से कहीं खुशी कहीं गम

सुप्रीम लीडर की मौत की खबर सामने आते ही राजधानी तेहरान में हजारों लोग सड़कों पर उतर गए. कुछ लोगों ने खामेनेई शासन के खात्मे पर अमेरिका-इजरायल को थैंक्यू कहा, तो ज्यादातर लोग रोते बिलखते नजर आए. ईरानी मीडिया के कुछ एंकर्स को भी जब ये न्यूज पढ़नी पड़ी तो वो अपने आंसू नहीं रोक पाए. वहीं दुनियाभर में भी कई तस्वीरें सामने आई. अमेरिका और ब्रिटेन के कई शहरों में प्रदर्शनकारियों ने इजरायल के झंडे के साथ खामेनेई की मौत की खुशी मनाई. लोगों ने कट्टरपंथी शासक के मारे जाने को ईरानी जनता के लिए सुकून बताया. तो वहीं भारत के जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में शिया समुदाय ने मातम मनाया. हाथ में खामेनेई की तस्वीर लेकर शिया समुदाय ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की. तो पाकिस्तान में गुस्साए लोगों ने अमेरिकी एंबेसी पर धावा बोल दिया.

ईरान में लंबे शासक रहे खामेनेई

अयातुल्ला अली ख़ामेनेई 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता थे. वे देश के सबसे शक्तिशाली पद पर आसीन थे और सेना से लेकर विदेश नीति तक, देश के हर अहम फैसलों पर उनका अंतिम कंट्रोल था. खामेनेई साल 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ही ईरान की राजनीतिक और धार्मिक दिशा तय कर रहे थे. खामेनेई, रूहोल्लाह खुमैनी के बाद देश की सत्ता के दूसरे सर्वोच्च केंद्र बने. खामेनेई का सैन्य, न्यायिक और मीडिया संस्थानों पर वर्चस्व था. इस्लामी क्रांति के बाद से ही वे राजनीति में सक्रिय रहे. अमेरिका और पश्चिमी देशों के कट्टर विरोधी खामेनेई दुनिया में बड़े शिया नेताओं में माने जाते थे. मौत से पहले भी खामेनेई ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उनकी सेना अमेरिका के यूएसएस अब्राह्म लिंकन को डुबो देने की क्षमता रखती है.

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