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114 मेक इन इंडिया रफाल, दुनिया की सबसे बड़ी डिफेंस डील पर मुहर

रफाल फाइटर जेट को लेकर एक बार फिर फ्रांस से महा-डील की तैयारी शुरु हो गई है. रक्षा मंत्रालय ने वायुसेना के लिए 114 मेक इन इंडिया रफाल लड़ाकू विमानों को बनाने की मंजूरी दे दी है. भारत में बनने वाले फ्रांसीसी लड़ाकू विमानों के इस सौदे की कुल कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ बताई जा रही है, जो दुनिया की अब तक की सबसे बड़ी डील हो सकती है.

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय के डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड ने वायुसेना के इस प्रपोजल को हरी झंडी दे दी, जो किसी भी रक्षा सौदे की पहली सीढ़ी होती है. अब ये प्रस्ताव, रक्षा मंत्री के अधीन डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) से होता हुआ वित्त मंत्रालय और प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास जाएगा, जिसमें एक लंबा वक्त लग सकता है. ऐसे में बहुत संभव है कि इन 114 रफाल फाइटर जेट में से 16 को सीधे फ्रांस से खरीदा जा सकता है. इन 114 रफाल फाइटर जेट से वायुसेना को 5-6 स्क्वाड्रन को खड़ा किया जा सकता है. भारतीय वायुसेना की एक स्क्वाड्रन में 18-20 लड़ाकू विमान होते हैं.

अगले महीने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों की भारत यात्रा

माना जा रहा है कि अगले महीने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के भारत दौरे के दौरान इस सौदे को लेकर अहम फैसला हो सकता है. पिछले दोनों रफाल फाइटर जेट सौदों की तरह ये भी जीटूजी यानी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट डील होने जा रही है.

वर्ष 2016 में भारत ने फ्रांस से सीधे 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदने का फैसला किया था, उसकी कुल कीमत करीब 59 हजार करोड़ थी. पिछले वर्ष अप्रैल में भारत ने नौसेना के लिए रफाल लड़ाकू विमानों के मरीन वर्जन यानी रफाल (एम) खरीदने को लेकर करार किया था. इन रफाल (एम) लड़ाकू विमानों को स्वदेशी एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा.

भारतीय वायुसेना ने घटती स्क्वाड्रन के मद्देनजर 114 रफाल (राफेल) फाइटर जेट देश में बनाने का प्रस्ताव रक्षा मंत्रालय को सौंपा था. जीटूजी यानी गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट करार करेगा. करार होने के बाद रफाल बनाने वाली फ्रांसीसी कंपनी दासो (दसॉल्ट), भारत में किसी स्वदेशी कंपनी के साथ देश (भारत में) ही एक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाएगी. भारत में बनने वाले स्वदेशी रफाल फाइटर जेट में करीब 60 प्रतिशत स्वदेशी हथियार और उपकरण लगे होंगे.

ऑपरेशन सिंदूर में रफाल ने आतंकी अड्डों को तबाह कर दिया दम

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना के मौजूदा रफाल फाइटर जेट की ऑपरेशन्ल क्षमताओं को देखते हुए मेक इन इंडिया के तहत फ्रांसीसी लड़ाकू विमान बनाने का फैसला लिया था.

पहलगाम नरसंहार का बदला लेने के लिए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा और जैश ए मोहम्मद के हेडक्वार्टर को तबाह करने के लिए भारतीय वायुसेना ने रफाल फाइटर जेट का इस्तेमाल किया था.

मेक इन इंडिया रफाल होंगे स्वदेशी मिसाइल से लैस

जिन 36 रफाल फाइटर जेट को फिलहाल भारतीय वायुसेना इस्तेमाल करती है, उन्हें मिटयोर, मीका और स्कैल्प मिसाइलों से लैस किया गया है. ये सभी फ्रांसीसी मिसाइल है. लेकिन मेक इन इंडिया रफाल फाइटर जेट को भारत में बनी मिसाइलों से भी लैस किया जा सकता है.

सरकार से यदि इस 114 रफाल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिल जाती है तो वायुसेना का पुराना एमआरएफए यानी मीडियम वेट फाइटर जेट प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा. एमआरएफए प्रोजेक्ट में भी 114 फाइटर जेट मेक इन इंडिया में ही बनाए जाने थे. लेकिन उसमें विदेश की अलग-अलग एविएशन कंपनी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती थी (दासो सहित). लेकिन मौजूदा डील, सीधे भारत और फ्रांस की सरकारों के बीच में होगी.

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