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चीन में मोदी का ग्रैंड वेलकम, ट्रंप लापता

7 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को शंघाई सहयोग संगठन में हिस्सा लेने के लिए चीन पहुंचे. चीन के तिआनजिन शहर में पीएम मोदी का रेडकार्पेट पर स्वागत हुआ. पीएम मोदी की चीन यात्रा से बीजिंग भी उत्साहित है, वहीं पीएम मोदी का चीन में ग्रैंड वेलकम देखकर अमेरिका का जलना स्वाभाविक है.  

जापान से पीएम मोदी ऐसे वक्त में चीन पहुंचे हैं, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर अटकलों का बाजार गरम है. 24 घंटे से ज्यादा समय से ट्रंप को किसी ने नहीं देखा, जिसके बाद ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर तरह तरह की बातें की जा रही हैं.

रविवार को पीएम मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, पूरी दुनिया की नजर टिकी

पीएम मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच रविवार को एससीओ से इतर द्विपक्षीय बैठक तय है. शी जिनपिंग और पीएम मोदी के बीच पिछले साल कजान में आमने सामने बैठक हुई थी, लेकिन अब दोनों नेता चीन में आमने-सामने की बैठक करके संवाद के जरिए विवादों को और सुधारने की कोशिश करेंगे.

आपको बता दें कि जून 2020 में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प होने के बाद भारत और चीन के रिश्तों में तल्खी आ गई थी, लेकिन पिछले साल कजाकिस्तान में पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच हुए एक मुलाकात से पहले एलएसी पर पेट्रोलिंग की बात तय होने के बाद रिश्ते सुधरने लगे. 

अमेरिका की टैरिफ दादागीरी के बीच भारत-चीन और करीब आए

दिल्ली और बीजिंग के बीच करीबी पिछले महीने से ज्यादा बढ़ गई है. वो इसलिए क्योंकि रूस के साथ व्यापार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ का बोझ भारत पर डाला है, वहीं चीन पर भी टैरिफ बढ़ा दिया है. लेकिन भारत ने जब झुकने से मना कर दिया तो अमेरिकी चाल उल्टी पड़ गई. 

भारत के साथ अमेरिका के इस व्यवहार को चीन ने बदमाशी बताई है. चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति को बुली बताते हुए भारत का समर्थन जताया है. वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी भारत को सम्मान का हकदार बताया है. 

ऐसे में पीएम मोदी की यात्रा भारत-चीन संबंधों में सुधार के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है.

पूरी दुनिया और एशिया की शांति के लिए भारत-चीन का साथ आना जरूरी: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन पहुंचने से पहले बड़ा बयान देते हुए कहा, “भारत-चीन सहयोग वैश्विक आर्थिक स्थिरता और एशिया में शांति के लिए अहम है. विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना बहुत जरूरी है.”

पीएम मोदी ने चीन के साथ संवाद के जरिए संबंध सुधारने की बात करते हुए कहा, “भारत आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ लंबे समय तक कूटनीतिक तरीके से रिश्तों को आगे बढ़ाने और विकास से जुड़ी चुनौतियों का हल खोजने के लिए संवाद बढ़ाने को तैयार है.”

एससीओ की बैठक में हिस्सा लेंगे पीएम मोदी

शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी एससीओ की बैठक में हिस्सा लेंगे. इस शिखर सम्मेलन में 20 से अधिक विदेशी नेता और 10 अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हो रहे हैं. पीएम मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव, क्रिगिज राष्ट्रपति सदिर जापारोव और ताजिक राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन शामिल होंगे. 

इसके अलावा तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप एर्दोआन, म्यांमार के सैन्य प्रमुख मिन आंग, नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो , मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू सहित अन्य नेताओं के शामिल होने की संभावना है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ के महासचिव काओ किम होर्न भी समिट में शामिल होंगे.

सार्वजनिक तौर पर कई घंटों से नहीं दिखे ट्रंप, व्हाइट हाउस चुप

एक्स पर कई पोस्ट में दावा किया गया कि ट्रंप पिछले एक दिन से नजर नहीं आए. वहीं 30 और 31 अगस्त के ट्रंप का कोई सार्वजनिक शेड्यूल भी नहीं है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप को अगस्त के अंतिम दो हफ्ते में अपने न्यू जर्सी रिसॉर्ट में रहना था, लेकिन वो न्यू जर्सी नहीं गए और व्हाइट हाउस में ही रहने का फैसला लिया.

कई रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ट्रंप बीमार हैं, उनके हाथ में चोट लगी हुई है. अपने स्वास्थ्य के बारे में छिपाने के लिए ट्रंप हाथ में मेकअप लगा कर रखते हैं. ट्रंप के डॉक्टर सीन बारबेला ने उनके हाथ पर चोट के निशान होने की बात भी स्वीकार की है.

ऐसे में ट्रंप का किसी कार्यक्रम में न दिखना कई तरह की बातों का जन्म दे रहा है, वहीं उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के एक बयान ने ट्रंप के स्वास्थ्य को लेकर और अफवाहें बढ़ा दीं. वेंस ने अपने ताजा बयान में कहा, अगर कोई कोई भयानक त्रासदी होती है तो वे राष्ट्रपति का पद संभालने के लिए तैयार हैं. 

ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सच में अमेरिकी राष्ट्रपति इतने बीमार हैं कि जेडी वेंस के राष्ट्रपति पद संभालने की चर्चा की जा रही है.

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