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Pakistan बेरूखी से परेशान, चाहिए BRICS का साथ

आतंकियों की पनाहगाह और वैश्विक आतंक फैलाने के चलते दुनिया की बेरूखी झेल रहा पाकिस्तान अब ब्रिक्स देशों के समूह में शामिल होने के लिए तड़प रहा है. ब्रिक्स की लोकप्रियता के चलते पाकिस्तान ब्रिक्स समूह का सदस्य बनना चाहता है. ब्रिक्स का सदस्य बनने के लिए पाकिस्तान ने आवेदन कर दिया है और इसके लिए चीन और रूस से मदद भी मांगी है.

रूस से नजदीकी बढ़ा रहा है पाकिस्तान

पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन की दोस्ती जगजाहिर है. मोदी और पुतिन में इतनी गहरी दोस्ती है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान सिर्फ पीएम मोदी ही वो वैश्विक नेता थे, जिनपर पुतिन से बात करने के लिए दुनिया के सारे देश टकटकी लगाए हुए थे. पर अब पाकिस्तान भी रूस से नजदीकियां बढ़ाने लगा है. अगले साल यानी 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा. रूस में पाकिस्तान के राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली को उम्मीद है कि अगले साल रूस की अध्यक्षता में पाकिस्तान को इस समूह की सदस्यता मिल सकती है. मुहम्मद खालिद जमाली ने कहा है कि ‘2024 में रूस की अध्यक्षता में पाकिस्तान ब्रिक्स का सदस्य बन सकता है, हमने सदस्यता का आवेदन पहले ही कर दिया है.’

बढ़ गई है ब्रिक्स में सदस्यों की संख्या

ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के मूल ढांचे वाले ब्रिक्स गठबंधन ने इसी साल अपने सदस्य देशों की संख्या बढ़ाकर 11 करने की घोषणा कर दी है. नए सदस्यों में अर्जेंटीना, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हैं. ये देश 1 जनवरी 2024 से ब्रिक्‍स के सदस्‍य देश बन जाएंगे. रूस के उपविदेश मंत्री सर्गेइ रायबकोव ने हाल ही में कहा था कि 2024 में रूस में होने जा रही ब्रिक्स सम्मेलन से पहले ब्रिक्स की नए सदस्यों के नाम पर विचार किया जा रहा है.

क्या है ब्रिक्स?

ब्रिक्स का गठन 2010 में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने मिलकर किया था.  इन पांचों देशों के पहले अक्षर से नाम ब्रिक्स रखा गया था. बी से ब्राजील, आर से रशिया, आई से इंडिया, सी से चाइना और एस से साउथ अफ्रीका. ब्रिक्स के इन पांच देशों की वैश्विक जनसंख्या में भागीदारी 41 प्रतिशत वैश्विक विकास में 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार में 16 प्रतिशत भागीदारी है. क्षेत्रीय और वैश्विक संगठनों के तमाम मुद्दों को लेकर ब्रिक्स का बहुत महत्व बढ़ गया है और इसी लोकप्रियता को देखते हुए पाकिस्तान ब्रिक्स देशों में शामिल होना चाहता है.

रूस से नजदीकी पाकिस्तान की है चाल!

पड़ोसी-देश लेकिन कट्टर दुश्मन पाकिस्तान के रूस से बढ़ते संबंधों पर भारत की पैनी नजर है. रूस और भारत एकदूसरे के पारंपरिक मित्र हैं. पर पाकिस्तान इस मित्रता में सेंध लगाने की फिराक में है. पाकिस्तानी राजदूत ने रूस के साथ सीधी फ्लाइट शुरू करने की भी घोषणा की है. रूस में पाकिस्तान के राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने कहा- ‘रूस और पाकिस्तान दोनों देश फ्लाइट शुरू करने के लिए काम कर रहे हैं. रूस और पाकिस्तान के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू होने से व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे’  राजदूत मोहम्मद खालिद जमाली ने रूसी मीडिया से बात करने के दौरान शिगूफा छोड़ते हुए पाकिस्तान को सुरक्षित देश बताया.

यूक्रेन को पाकिस्तान ने दिया था गोला बारूद ?

पाकिस्तान रूस पर इसलिए भी डोरे डाल रहा है, क्योंकि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने यूक्रेन को गोला-बारूद मुहैया कराया था. हालांकि पाकिस्तानी सरकार के अधिकारियों ने इस बात का खंडन किया था कि पाकिस्तान, यूक्रेन को हथियार या गोला-बारूद की आपूर्ति कर रहा है.

भारत की लोकप्रियता से खतरा

पाकिस्तान इस बात को भांप गया है कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत की दमदार छवि बन रही है. अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी से लेकर कई मुस्लिम देश तक भारत के आगे नतमस्तक हो रहे हैं तो पाकिस्तान की जिस तरह से संयुक्त राष्ट्र और अलग अलग मोर्चों में आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने के मामले में किरकिरी हो रही है. भविष्य में पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं तो वो ब्रिक्स देशों में शामिल होकर अपने छवि साफ सुथरी करने की फिराक में है. 

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