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पहली बार बांग्लादेश पहुंचेगा पाकिस्तानी युद्धपोत, त्रिशूल का खौफ कायम

कभी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारी, तो भी कभी पाकिस्तानी सेना के जनरल, कभी पाकिस्तानी सरकार के मंत्री तो कभी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के सरगना हाफिज सईद का खासमखास, बांग्लादेश में बढ़ा चुके हैं सक्रियता. अक्टूबर में पाकिस्तान आर्मी के ज्वाइंट स्टाफ शमशाद मिर्जा के बाद पाकिस्तान के नेवी चीफ करने जा रहे हैं बांग्लादेश का दौरा वो भी पाकिस्तानी युद्धपोत के साथ.

ये सब सामान्य नहीं है. सवाल है कि आखिर पाकिस्तान के सैन्य अफसर, खुफिया एजेंसी के अधिकारी, मंत्री बार-बार ढाका और उन संवेदनशील इलाकों में क्यों चक्कर लगा रहे हैं, जो भारतीय सीमा से सटे हुए हैं. क्या पाकिस्तान- बांग्लादेशी कट्टरपंथियों से साथ मिलकर रच रहा है बड़ी साजिश.

बांग्लादेश में पाकिस्तानी नेवी चीफ के दौरे और युद्धपोत के पहुंचने को लेकर भारतीय नौसेना सतर्क है और कड़ी निगरानी रख रही है. 

बांग्लादेश में पाकिस्तानी नेवी चीफ का दौरा

बांग्लादेश में अभी पाकिस्तानी सेना के ज्वाइंट स्टाफ शमशाद मिर्जा के दौरे की चर्चा थी कि अब नेवी चीफ भी 04 दिनों के दौरे पर तशरीफ ला रहे हैं. पाकिस्तान नेवी चीफ एडमिरल नवीद अशरफ चौधरी का 8 नवंबर को बांग्लादेश का दौरा है. पाक के नेवी चीफ 4 दिन तक बांग्लादेश में रहेंगे. 

खुलासा हुआ है कि पाकिस्तानी नेवी चीफ के बाद पाकिस्तानी युद्धपोत भी बांग्लादेश के तट पर पहुंचेगा. 1971 के बाद पहला ऐसा मौका होगा जब पाकिस्तानी युद्धपोत बांग्लादेश में डेरा डालेंगे.

बार-बार बांग्लादेश का चक्कर लगा रहे पाकिस्तानी अफसर

पूर्व पीएम शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से पाकिस्तान ने बांग्लादेश में सक्रियता बढ़ा दी है. पिछले कुछ महीनों में 7 से ज्यादा अधिकारी बांग्लादेश का दौरा कर चुके हैं. चाहे वो पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार हों, रक्षा राज्य मंत्री कमाल खान हों, जॉइंट आर्मी चीफ शमशाद मिर्जा, विदेश सचिव अमना बलूच. इतना ही नहीं पिछले महीने तो लश्कर सरगना हाफिज सईद के करीबी और भारत विरोधी मौलाना इब्तिसाम इलाही जहीर ने भी दौरा किया था. और संवेदनशील इलाकों में भारत के खिलाफ खूब जहर उगला था. 

बांग्लादेश पहले पाकिस्तान का हिस्सा था. लेकिन भारत की मदद से साल 1971 की भयंकर जंग के बाद अलग देश बन गया. तब से आजतक पाकिस्तान और बांग्लादेश में दूरी थी. लेकिन शेख हसीना के बांग्लादेश से चले जाने के बाद पाकिस्तान ने एक बार फिर से बांग्लादेश से संबंध मजबूत करना चाहता है. या यूं कहा जाए कि बांग्लादेश का इस्तेमाल करके भारत के लिए मुश्किलें खड़ा करना चाहता है. 

पाकिस्तान की कोशिश बांग्लादेश से सैन्य समझौता किया जाए ताकि उसी के बहाने बांग्लादेश में अपने सैनिकों और जासूसों की घुसपैठ करवाकर भारत के खिलाफ बड़ी साजिश को अंजाम दिया जाए. 

भारत की त्रिशूल एक्सरसाइज से घबराए पाकिस्तानी नेवी चीफ दौड़कर सर क्रीक पहुंचे थे

पिछले सप्ताह ही पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख ने भारत से लगती सीमा पर स्थित विवादित सर क्रीक क्षेत्र में पाकिस्तान की अग्रिम चौकियों का दौरा किया था. और वहां से गीदड़भभकी दी थी कि सर क्रीक से जिवानी तक समुद्री सीमा की संप्रभुता की रक्षा की जाएगी.

आपको बता दें 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक भारत की तीनों सेनाएं मिलकर पश्चिमी क्षेत्र में त्रिशूल एक्सरसाइज कर रही हैं. पश्चिमी क्षेत्र में, गुजरात और राजस्थान जिनमें खासतौर पर सर क्रीक इलाका है. ये इलाका भारत-पाकिस्तान के बीच विवादित है. यह एक दलदली इलाका है, जहां समुद्र और जमीन मिलते हैं. ये इलाका पाकिस्तान के कराची के बेहद नजदीक का इलाका है.

चूंकि सर क्रीक विवादित है और यहां पर भारत की तीनों सेनाएं एकजुट होकर राफेल, ब्रह्मोस के जरिए ताकत दिखा रही हैं, जिससे पाकिस्तान घबराया हुआ है.

पाकिस्तान-बांग्लादेश की करीबी पर हमारी पैनी नजर: भारतीय नौसेना

बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों और क्षेत्र में अन्य गतिविधियों पर नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल संजय वात्सायन ने सोमवार को कहा, “मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि तीनों रक्षा बल और एजेंसियां ​​स्थिति और घटनाक्रम पर नजर रख रही हैं, और हम सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं.”

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