TheFinalAssault Blog Alert Breaking News LOC पर शांति, फिर भी यूएन ऑब्जर्वर तैनात
Breaking News Conflict Geopolitics India-Pakistan LOC Reports

LOC पर शांति, फिर भी यूएन ऑब्जर्वर तैनात

Courtesy: UNMOGIP

पिछले चार सालों से भले ही एलओसी पर एक गोली नहीं चली है लेकिन संयुक्त राष्ट्र का मिलिट्री ऑब्जर्वर ग्रुप एक्टिव है. भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा विवाद (एलओसी) की निगरानी के लिए संयुक्त राष्ट्र ने यूएन मिलिट्री ऑब्जर्वर  ग्रुप (यूएनएमओजीआईपी) के चीफ के तौर पर मैक्सिको के मेजर जनरल गुआर्डेडो सांचेज को नियुक्त किया है.

फरवरी 2021 में भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर शांति बनाए रखने के लिए युद्धविराम समझौता हुआ था. उसके बाद से दोनों देशों की सेनाओं के बीच गोलाबारी की कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है.

युद्धविराम समझौते से पहले दोनों देशों के बीच एलओसी पर हर साल  गोलीबारी की  तीन से चार हजार  घटनाएं सामने आती थी. वर्ष 2020 में दोनों देशों के बीच गोलीबारी की करीब 5000 घटनाएं हुई थी.

वर्ष 2021 में हुआ युद्धविराम समझौता हालांकि पहली बार नहीं हुआ था. 1947 के बंटवारे के तुरंत बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू कश्मीर को लेकर जंग हुई थी. करीब एक साल (1947-48) तक युद्ध चलने के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र में जाकर युद्धविराम की घोषणा कर दी थी.

नेहरू के जम्मू कश्मीर के मुद्दे को यूएन चार्टर के तहत सुलझाने के चलते ही 75 साल पहले यानी 1949 में सीमा विवाद की निगरानी के लिए यूएनएमओजीआईपी का गठन किया गया था. एलओसी पर अशांति और अस्थिरता की स्थिति में यूएनएमओजीआईपी ग्राउंड जीरो का दौरा कर अपनी जांच रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र को सौंपता था.

1971 युद्ध के बाद हालांकि, भारत ने साफ कर दिया कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा दो देशों के बीच का है और यूएन की कोई भूमिका नहीं है. ऐसे में तब से लेकर आज तक भारत ने पाकिस्तान के युद्धविराम उल्लंघन की शिकायत यूएन से कभी नहीं की है. पाकिस्तान हालांकि, अभी भी यूएन के दखल को स्वीकार करता है और समय समय पर भारतीय सेना के खिलाफ शिकायत करता रहा है (युद्धविराम समझौते से पहले).

1972 के शिमला समझौते के बावजूद, भारत ने यूएनएमओजीआईपी को देश में रहने दिया है. लेकिन लॉजिस्टिक और सिक्योरिटी के अलावा भारत यूएनएमओजीआईपी से किसी भी तरह का कोई संपर्क रखने में दिलचस्पी नहीं रखता है.

भारत ने यूएनएमओजीआईपी के एलओसी दौरे और दखल को लगभग बंद कर रखा है. यहां तक की कुछ साल पहले राजधानी दिल्ली में यूएनएमओजीआईपी के दफ्तर को भी लेकर विवाद खड़ा हो गया था. श्रीनगर में भी यूएनएमओजीआईपी का मुख्यालय है. पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में भी यूएनएमओजीआईपी का हेडक्वार्टर है. यही वजह है कि यूएनएमओजीआईपी के चीफ ऑब्जर्वर की तैनाती जारी है.

इसी हफ्ते संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने मेजर जनरल सांचेज को भारत और पाकिस्तान के चीफ मिलिट्री ऑब्जर्वर के तौर पर नियुक्त किया. उन्होंने अर्जेंटीना के रियर एडमिरल गुइलेर्मो रियोज की जगह ली है, जो पिछले दो साल से चीफ आब्जर्वर के तौर पर तैनात थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version

Warning: Version warning: Imagick was compiled against ImageMagick version 1692 but version 1693 is loaded. Imagick will run but may behave surprisingly in Unknown on line 0