पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ा सस्पेंस बने ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने मुलाकात की है. 28 फरवरी से अमेरिका के साथ शुरु हुए युद्ध के दौरान ये पहली बार है जब मोजतबा और पेजेश्कियान में आमने-सामने बैठकर मुलाकात हुई हो.
अमेरिका-इजरायल के खतरे के चलते पिता अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई कभी दुनिया के सामने नहीं आए हैं, न तो दुनिया ने उनकी आवाज़ सुनी है. सिर्फ और सिर्फ संदेशों के जरिए समय-समय पर मोजतबा ने अमेरिका-इजरायल को चेतावनी दी है और अपनी सेना, जनता में जोश भरा है.
सीआईए और मोसाद जैसी एजेंसियों तक को मोजतबा का सुराग नहीं मिल पाया है. दावा किया जाता रहा है कि मोजतबा या तो कोमा में हैं, या बोलने-चलने की स्थिति में नहीं हैं, क्योंकि जिस वक्त अमेरिका ने अयातुल्ला खामेनेई के ठिकाने पर बम गिराए, उस वक्त मोजतबा भी वहां मौजूद थे.
टिंटेड विंडो वाली गाड़ी की पिछली सीट पर मुलाकात
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से तेहरान की एक सीक्रेट जगह मुलाकात की है. पेजेश्कियान ने इस बातचीत को सार्थक बताते हुए कहा है कि मौजूदा हालात को देखते हुए मोजतबा खामेनेई से बातचीत करना “बहुत मुश्किल” है.
पेजेश्कियान ने इस मीटिंग के बाद कहा, बातचीत के दौरान खामेनेई ने बहुत ठोस बातें कीं.
अमेरिका के खतरे और बातचीत के बीच ईरानी सरकार में भी उथल-पुथल मची हुई है. बीच में खबरें आईं थी कि पेजेश्कियान को बड़े फैसलों में दूर रखा जा रहा है, तो विदेश मंत्री अब्बास अराघची से भी अनबन की बातें सामने आईं थी.
बताया जाता है कि मसूद पेजेशकियान जब खामेनेई से मिलने गए तो उन्होंने कार की पिछली सीट पर उनसे मुलाकात की. मुलाकात के लिए पेजेश्कियान को तेहरान की एक बेहद सीक्रेट जगह पर ले जाया गया था. गुप्त स्थान पर पेजेश्कियान को अंधेरे में खड़ी टिंटेड-विंडो वाली कार में बैठाया गया, जिसमें पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति के साथ कुछ ही मिनट बिताने दिए गए. जगह इतनी डार्क थी कि पेजेश्कियान उस शख्स का चेहरा नहीं देख पाए. खामेनेई के गार्ड्स ने राष्ट्रपति पेजेश्कियान को हाथ तक नहीं मिलाने दिया था.
राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि “पेजेश्कियान को यह मुलाकात अपमानजनक लगी और बाद में उन्होंने पूछा कि जिस व्यक्ति से वे मिले, क्या वह सचमुच सर्वोच्च नेता ही थे. इस मुलाकात के बाद, ईरानी राष्ट्रपति ने खामेनेई के आवास पर एक और मुलाकात का अनुरोध किया, लेकिन उसे अस्वीकार कर दिया गया.”
ईरान एकजुट है, मोजतबा हमारी ताकत: मसूद पेजेश्कियान
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा, “कुछ समूह मोजतबा खामेनेई की नकारात्मक छवि पेश करके फूट डालने की कोशिश कर रहे थे. लेकिन वो लोग सुन लें की ईरान एकजुट है. देश के नेतृत्व के लिए उनकी मौजूदगी हमारे लिए ताकत का एक बड़ा स्रोत बनी हुई है, जिससे हम इस हमपर हो रहे हमले का जवाब दे पा रहे हैं.”
पेजेश्कियान ने सरकारी मीडिया के माध्यम से बताया कि “भले ही ईरान के सुप्रीम लीडर से सीधे बातचीत करना मुश्किल है, लेकिन ईरान के तनावपूर्ण दौर से गुजरने के दौरान मोजतबा खामेनेई की भूमिका लगातार समर्थन देती रही है.”
पिता के अंतिम संस्कार से भी बनाई दूरी
अमेरिका और इजरायल के टारगेट पर हैं ईरान के नए सुप्रीम लीडर. दोनों देशों का मानना है कि अगर मोजतबा को निशाने पर लिया जाए तो ईरान बैकफुट पर होगा. इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी एजेंसी सीआईए के एजेंट भूखे शेर की तरह खामेनेई का सुराग तलाश रहे हैं. इजरायली रक्षा मंत्री ने तो मोजतबा को मारने की सीधी धमकी दे डाली है.
इसी धमकी के कारण ही मोजतबा खामेनेई को सामने नहीं लाया जा रहा है, क्योंकि उन्हें ऐसे सीक्रेट जगह पर रखा गया है, जहां ईरानी राष्ट्रपति तक को बड़ी मिन्नतों के बाद मोजतबा से मिलने दिया गया है. लेकिन मोजतबा का चेहरा न देखे जाने पर सस्पेंस भी है कि पेजेश्कियान की जिस शख्स से मुलाकात कराई गई वो मोजतबा ही हैं या कोई और.
वहीं मोजतबा को सार्वजनिक तौर पर सामने न लाने का एक कारण ये भी हो सकता है कि सच में मोजतबा गंभीर तौर पर घायल हैं और चलने में नाकाम हैं. वे कोमा में भी हो सकते हैं. ऐसे में अगर दुनिया के सामने मोजतबा को ऐसी हालत में लाया जाएगा तो ईरान का मनोबल गिरेगा और अमेरिका-इजरायल को और हमलों का मौका मिल जाएगा.

