प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को ‘सामरिक’ तौर से मजबूत बनने का आह्वान किया है. साथ ही बांग्लादेश और म्यांमार सीमा पर उत्पन हुई चुनौतियों के लिए कमर कस कर रखने पर जोर दिया है.
रविवार को पीएम मोदी भुवनेश्वर में आयोजित तीन दिवसीय डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस सम्मेलन के समापन समारोह में बोल रहे थे. 59वें ऑल इंडिया पुलिस कॉन्फ्रेंस में सभी राज्यों के डीजीपी और आईजी सहित सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और बीएसएफ समेत सभी अर्धसैनिक बलों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया था.
पुलिस प्रमुखों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने स्मार्ट (‘एसएमएआरटी’) पुलिसिंग का मंत्र दिया यानी स्ट्रेटेजिक, मैटिकलेस, एडपडेबल, रिलायबल और ट्रांसपेरेंट पुलिसिंग.
पीएम ने डिजिटल फ्रॉड, साइबर क्राइम और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के जरिए किए जा रहे अपराधों को चुनौती की तरह लेते हुए एआई के माध्यम से ही क्राइम से लड़ने पर जोर दिया. साथ ही टेक्नोलॉजी के जरिए कॉन्स्टेबलरी पर वर्कलोड करने का आह्वान किया. (https://x.com/narendramodi/status/1863246452795093035)
तीन दिवसीय कॉन्फ्रेंस में गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोवल ने हिस्सा लिया. इस दौरान सम्मेलन में काउंटर टेररिज्म, एलडब्लूई (नक्सलवाद), आर्थिक अपराध, गैरकानूनी घुसपैठ, तटीय सुरक्षा और ड्रग्स स्मगलिंग पर भी विस्तार से चर्चा हुई.
पीएम मोदी ने पुलिस को ‘विकसित भारत’ के विजन के साथ आधुनिक बनाने पर जोर दिया.
अगले साल देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल के 150वीं जन्मदिवस के मौके पर पीएम ने गृह मंत्रालय से लेकर थाने के स्तर तक कुछ ऐसे लक्ष्य निर्धारित करने के लिए कहा ताकि पुलिस की छवि को सुधारा जा सके.
सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश और म्यांमार बॉर्डर पर उत्पन्न सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर भी खास चर्चा की गई. गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने उद्घाटन समारोह में पुलिस बलों के प्रमुखों से ईस्टर्न फ्रंटियर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहा था.
पीएम ने दिया SMART पुलिसिंग का मंत्रा, डीजीपी कॉन्फ्रेंस को किया संबोधित

PM Modi addressing DG-IG of Police Conference in Bhubaneswar.
