नाटो के ठिकानों पर हमला करने से पहले रूस ने अपनी सेना में नए सैनिकों की भर्ती शुरू कर दी है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युवाओं को सेना में आकर्षित करने के लिए एक लाख डॉलर तक का कर्ज भी माफ करने का ऐलान किया है.
पुतिन ने सेना की भर्ती ऐसे समय में शुरू की है जब सैनिकों की कमी से जूझ रहे रूस ने उत्तर कोरिया के 11 हजार सैनिकों को जंग के मैदान में उतारा है.
पिछले ढाई साल में यानी जब से यूक्रेन जंग शुरू हुई है तब से लेकर आज तक रूस ने अपने सैनिकों के हताहत होने की संख्या का खुलासा नहीं किया है. यूक्रेन का दावा है कि रूस के सात लाख से भी ज्यादा सैनिक लड़ते हुए मारे जा चुके हैं. हालांकि, पश्चिमी देश भी इस आंकड़े पर ज्यादा विश्वास नहीं करते हैं लेकिन ये बात पक्की है कि रूस को बड़ा नुकसान हुआ है.
जानकारी के मुताबिक, पुतिन ने नए सैनिकों की भर्ती के लिए उनका 10 मिलियन रूबल यानी करीब 96 हजार डॉलर का ऋण माफ करने का ऐलान किया है. लेकिन इसके साथ ही नए सैनिकों को कम से कम एक साल सेना में अपनी सेवाएं देना जरूरी होगा. (रुस, यूक्रेन के कितने मारे गए हैं सैनिक ? पुतिन ने दिया ये जवाब)
सैनिकों की संख्या बढ़ाने का एक कारण ये भी है कि हाल ही में पुतिन ने अपनी सेना को दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी आर्मी बनाने का ऐलान किया था. पुतिन ने रूस की 15 लाख वाले सैनिकों की सेना खड़ा करने का आधिकारिक तौर से घोषणा की है. ये संख्या चीन से कम है लेकिन भारतीय सेना से ज्यादा है. अभी तक भारतीय सेना 14लाख सैनिकों के साथ दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है. (रूस ने बनाई दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी फौज, US को पछाड़ा)
इस बीच पश्चिमी मीडिया ने दावा किया है कि पिछले ढाई साल में रूस के 1-1.40 लाख सैनिक लड़ते हुए मारे गए हैं. जबकि यूक्रेन के 60 हजार से एक लाख सैनिकों की जान गई है. माना जा रहा है कि जंग में यूक्रेन के करीब चार लाख सैनिक घायल हुए हैं.
हालांकि, पुतिन ने कुछ महीने पहले कहा था कि रूस और यूक्रेन के मारे गए सैनिकों का अनुपात 1:10 का है. यानी अगर रुस का एक सैनिक युद्ध के मैदान में ढेर हुआ है तो यूक्रेन के दस हुए हैं. (जंग के मैदान में Beauty Contest, रूस ने कराई यूक्रेन से छीने डोनबास में)
रूसी सेना में भर्ती के लिए प्रलोभन, नए सैनिकों का कर्ज माफ

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