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दिसंबर में पुतिन का दौरा Confirm, भारत को बेसब्री से इंतजार

By Nalini Tewari

वॉशिंगटन और दिल्ली के बीच चल रही तनातनी के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि क्रेमलिन की ओर से की गई है. क्रेमलिन के अधिकारी यूरी उशाकोव ने शुक्रवार को बताया, कि पुतिन सोमवार (1 सितंबर) को चीन में होने वाली एससीओ सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. इस दौरान दोनों नेता दिसंबर के दौरे की तैयारियों पर चर्चा करेंगे. 

पुतिन की भारत यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब रूस से तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने भारतपर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को डेड इकॉनोमी वाला देश बताकर तल्खी बढ़ा दी है.

पुतिन की दिल्ली यात्रा की तारीख का ऐलान जल्द

अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के साथ ही भारत ने अपने बड़े चेहरों को मॉस्को भेजकर साफ संदेश दे दिया है कि रूस से दोस्ती कितनी अहम है. एनएसए अजीत डोवल और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बैक टू बैक मॉस्को की यात्रा की थी और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की थी. वहीं दोस्ती निभाते हुए पुतिन ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से अलास्का में होने वाली बैठक से पहले और बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार कॉल करके फोन पर बात की थी. पुतिन की ओर से भी मैसेज साफ था कि वो दिल्ली को कितनी अहमियत देते हैं. 

रूसी राष्ट्रपति के ऑफिस क्रेमलिन की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है कि पुतिन, दिसंबर में भारत दौरे पर आएंगे. लेकिन तारीख को लेकर कोई जानकारी साझा नहीं की गई है. भारत और रूस पहले से ही पुतिन की यात्रा को लेकर तैयारियां पूरी कर चुके हैं. माना जा रहा है कि चीन में पीएम मोदी के साथ मुलाकात और बैठक के बाद तारीख की घोषणा कर दी जाएगी.

हम रूस से अपने रिश्तों को महत्व देते हैं: अजीत डोवल

पिछले महीने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवल ने भी पुतिन के भारत दौरे की पुष्टि की थी. डोवल ने कहा था, “हमारे रूस के साथ खास और लंबे समय से रिश्ते हैं, और हम इस रिश्ते को बहुत अहमियत देते हैं.”

वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मॉस्को में पुतिन से मीटिंग के बाद कहा था कि ”हमारा मानना है कि भारत और रूस के बीच संबंध द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सबसे प्रमुख संबंधों में से एक रहे हैं. भू-राजनीतिक समन्वय, नेतृत्व के बीच आपस में संपर्क और लोकप्रिय भावना इसके प्रमुख मुख्य प्रेरक तत्व बने हुए हैं.” 

भारत सम्मान का हकदार: पुतिन

डोवल और जयशंकर की मॉस्को यात्रा से पहले रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को सुनाते हुए भारत की तारीफ की थी. पुतिन ने कहा था कि भारत वैश्विक स्तर पर मिल रहे सम्मान का पूरा हकदार है. पुतिन ने कहा. “भारत दुनिया के मंच पर अपनी बखूबी हासिल की गई साख का हकदार है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे अहम मुद्दों को हल करने में सक्रिय भूमिका निभाता है. हम भारत के साथ अपनी खास रणनीतिक साझेदारी को बहुत अहमियत देते हैं.”

अपने संदेश में पुतिन ने इस बात का भी भरोसा जताया कि रूस और भारत मिलकर हर क्षेत्र में रचनात्मक सहयोग को और बढ़ाएंगे. पुतिन ने कहा, “यह हमारे दोस्ताना देशों के लोगों के हित में है और क्षेत्रीय व वैश्विक स्तर पर सुरक्षा व स्थिरता को मजबूत करने की दिशा में है.”

यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की आना चाहते हैं भारत

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने को लेकर अलग-अलग दावे कर रहे हों, शांति की बात करके मुद्दे को व्यापार के नजरिए से जलेबी की तरह घुमा रहे हैं. लेकिन हाल ही में रूस के अलावा यूक्रेन और यूरोप के कई देशों ने माना है कि दोनों के बीच शांति के लिए भारत अहम भूमिका निभा सकता है. 

हाल ही में पीएम मोदी और जेलेंस्की के बीच बातचीत हुई थी. जिसके बाद जेलेंस्की के भारत दौरे की चर्चा है. नई दिल्ली में मौजूद यूक्रेनी राजदूत ने इस बात की पुष्टि की है कि जेलेंस्की जल्द भारत आ सकते हैं. माना जा रहा है कि दिल्ली में पीएम मोदी अगले कुछ महीनों में पुतिन और जेलेंस्की संग द्विपक्षीय वार्ता कर सकते हैं, जो युद्ध समाप्ति को लेकर अहम हो सकती है. 

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