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राजनाथ की शस्त्र-पूजा में AK-203 राइफल, रूस ने की बनाने में मदद

Rajnath Singh performing Shastra Pooja with AK-203 assault rifle at Sukna Military station in North Bengal.

कभी विजयादशमी पर फ्रांस जाकर राफेल की पूजा करने वाले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक बार फिर से सेना के शस्त्रों के साथ पूजा की है. विजयदशमी के मौके पर उत्तर बंगाल के सुकना मिलिट्री स्टेशन पहुंचकर राजनाथ सिंह ने जवानों में जोश भरा. खास बात ये रही कि पहली बार राजनाथ सिंह ने रूस की मदद से देश में ही तैयार की गई एके-203 असॉल्ट राइफल के साथ शस्त्र-पूजा की. 

हाल ही में उत्तर प्रदेश के कोरवा (अमेठी) में तैयार 35 हजार एके-203 राइफल की पहली खेप भारतीय सेना को सौंपी गई थी. मेक इन इंडिया के तहत तैयार की गई एके-203 राइफल पहली बार सुकना में दिखाई पड़ी हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही इन राइफल्स को सेना की पूर्वी कमान के अंतर्गत चीन सीमा से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर तैनात सैनिकों को दिया जाएगी. 

राजनाथ सिंह ने सुकना सैन्य कैंप (दार्जिलिंग के करीब) से हुंकार भरते हुए कहा कि “भारत पर आंच बर्दाश्त नहीं, जरूरत पड़ने पर शस्त्र का इस्तेमाल जरूरी हो जाता है.” (https://x.com/FinalAssault23/status/1845005474418114996)

राजनाथ ने निभाई परंपरा, दुश्मनों को दिखाई आंख
विजयादशमी का पर्व मनाने के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दार्जिलिंग के सुकना कैंट पहुंचे. सुकना कैंट में रक्षा मंत्री ने पहले पारंपरिक हथियारों के साथ-साथ आधुनिक हथियारों और अस्त्र-शस्त्र की पूजा की. बाद में कैंट में मौजूद जवानों और अधिकारियों को तिलक लगाकर बधाई दी. राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “हमने कभी किसी देश के साथ युद्ध नहीं किया है. हमने तब युद्ध किया है जब उसने मानव मूल्यों के खिलाफ जंग छेड़ी है. हमें हमारे हितों पर आंच दिखी तो हम कोई भी बड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगे. जरूरत पड़ी तो शस्त्रों का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेंगे.”

मौजूदा हालातों की अनदेखी नहीं कर सकते: राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में शस्त्र पूजा का महत्व बताते हुए कहा कि “भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां शास्त्रों और शस्त्रों दोनों की पूजा की जाती है. ऐसा लग सकता है कि लोहे और लकड़ी से बनी चीजों की पूजा करने का क्या औचित्य है? पर लोहे और लकड़ी से बनी चीजों की पूजा उस परंपरा का प्रतीक है, जिसमें हम किसी भी वस्तु के इस्तेमाल से पहले और बाद में उसके प्रति आभार व्यक्त करते हैं. यह प्रतीक है कि जरूरत पड़ने पर शस्त्रों को पूरी ताकत से प्रयोग किया जा सकता है.”

राजनाथ सिंह ने कहा कि “सीमाओं पर सेनाओं की मौजूदगी से किसी भी घटना की संभावना नहीं है, लेकिन, मौजूदा हालात में अनदेखी नहीं कर सकते हैं. दुनिया में कुछ भी हो, तैयारियों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए. पड़ोसियों की किसी भी हरकत से इनकार नहीं किया जा सकता. हमें हमेशा तैयार रहना है.”

सेना सबसे भरोसेमंद संगठन: राजनाथ सिंह
विजयदशमी से पहले राजनाथ सिंह ने कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. सेना कमांडरों में जोश भरते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि “भारतीय सेना देश का सबसे भरोसेमंद और प्रेरक संगठन है. किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की सेना की क्षमता अद्भुत है.” 

रक्षा मंत्री ने चीन से बातचीत के जरिए सीमा-विवाद सुलझाने की बात जरूर कही लेकिन सेना को सचेत रहने का भी निर्देश दिया. 

विश्व के अलग-अलग मोर्चों पर छिड़ी जंग के बीच रक्षा मंत्री ने कहा “हाइब्रिड युद्ध समेत अपरंपरागत युद्ध भविष्य के संघर्षों के अभिन्न अंग हैं, इसलिए सशस्त्र बल रणनीति की योजना बनाते समय यह ध्यान रखें. साथ ही वर्तमान की घटनाओं से निरंतर सीखते रहें.”

राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से निपटने के लिए पुलिस,सीआरपीएफ और सेना के कोऑर्डिनेशन की तारीफ की. कहा- “सबकी मेहनत और कोशिशों से जम्मू-कश्मीर में स्थिरता और शांति आई, चुनाव भी अच्छे से संपन्न हो पाए.”

चुनौतियों के बावजूद पश्चिम और उत्तरी सीमा पर सड़क संचार के लिए राजनाथ सिंह ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के कामों की भी सराहना की. राजनाथ सिंह ने कहा सीमा सड़क निर्माण की प्रगति जारी रहनी चाहिए. (जंग में Hybrid-War के लिए रहें तैयार: राजनाथ)

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