भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में तैनात राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) के एक यूनिट के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं. इस आरआर यूनिट के खिलाफ स्थानीय लोगों के टॉर्चर का आरोप लगा है.
भारतीय सेना की नगरोटा (जम्मू) स्थित व्हाइट नाइट कोर (16वीं कोर) ने एक संक्षिप्त बयान जारी कर कहा कि 20 नवंबर (बुधवार) को एक खुफिया जानकारी के आधार पर आतंकियों के एक ग्रुप के खिलाफ ऑपरेशन छेड़ा गया था.
सेना के मुताबिक, इस ऑपरेशन के दौरान सैनिकों द्वारा स्थानीय लोगों से ज्यादती की रिपोर्ट सामने आई हैं. ऐसे में तथ्यों की जांच के लिए एक इंवेस्टीगेशन शुरु की गई है.
करीब 10 दिन पहले किश्तवाड़ में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के दौरान पैरा-एसएफ कमांडो राकेश कुमार वीरगति को प्राप्त हुए थे. उससे पहले आतंकियों के इसी ग्रुप ने दो विलेज गार्ड को भी अगवा करने के बाद निर्मम हत्या कर दी थी. इस आतंकी ग्रुप के खिलाफ जंगलों में सघन तलाशी अभियान जारी है.
बुधवार को एक सूचना के आधार पर सेना ने तलाशी अभियान छेड़ा था. आरोप है कि सेना की स्थानीय आरआर यूनिट ने मुगल-मैदान इलाके के छस कैंप में चार स्थानीय लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया था. इसी दौरान आरोप है कि चारों को थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया.
सेना के मुताबिक, आगे के लिए जरुरी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही आतंकियों की मूवमेंट पर भी नजर रखी जा रही है. (https://x.com/Whiteknight_IA/status/1859608714296086788)
ये कोई पहला मामला नहीं है जब सेना की उत्तरी कमान के अंतर्गत व्हाइट नाइट कोर पर ज्यादती का आरोप लगा है. पिछले साल पुंछ-राजौरी सेक्टर में सेना की स्थानीय आरआर यूनिट पर तीन स्थानीय युवकों पर कड़ी पूछताछ के दौरान पिटाई का आरोप लगा था. बाद में तीनों युवकों की मौत हो गई थी. इस मामले में सेना ने ब्रिगेड कमांडर समेत आधा दर्जन सैनिकों के खिलाफ कार्रवाई की थी.
किश्तवाड़ में RR पर टॉर्चर का आरोप, सेना की जांच शुरू

Senior army officials had visited Kishtwar earlier this week.
