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रुबियो को भारी पड़ा Wah Taj, ईरान ने किया ट्रोल

ताजमहल के सामने बैठे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और उनकी पत्नी की तस्वीर पर ईरान ने कटाक्ष किया है. तेहरान ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरानी सभ्यता का मजाक उड़ाते हैं, लेकिन उनके विदेश मंत्री खुद ईरानी सभ्यता देखने जाते हैं और वहां तस्वीर भी खिंचवाते हैं.

सोमवार को रुबियो अपनी पत्नी जेनेट के साथ ताजमहल गए थे, जहां उन्होंने इस मुगलकालीन स्मारक के सामने तस्वीरें खिंचवाईं थीं. इसी तस्वीर को लेकर हैदराबाद स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने तंज कसते हुए कहा कि अगर रुबियो ताजमहल का इतिहास जानते, तो वहां तस्वीर नहीं खिंचवाते. मुमताज महल ईरान की थीं. ताजमहल का निर्माण भी ईरानी वास्तुकारों की मदद से किया गया था.

ईरान कि टिप्पणी के बाद मार्को रुबियो को सोशल मीडिया पर ट्रोल कर दिया गया.

रुबियो इतिहास जानते तो ताज के सामने तस्वीर नहीं खिंचाते: ईरान

भारत दौरे पर आए  मार्को रुबियो अपनी पत्नी और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ आगरा घूमने गए थे. वहां रुबियो ने ताजमहल के बाहर अपनी पत्नी के साथ तस्वीर खिंचवाई. रुबियो ने ताजमहल की भव्यता की तारीफ करते हुए ताजमहल को दुनिया के सबसे अनमोल प्रेम प्रतीकों में से एक बताया था.

रुबियो की वही तस्वीर को शेयर करते हुए इंडिया इन हैदराबाद के सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा- “अगर रुबियो को इतिहास या वास्तुकला की जानकारी होती, तो वे यहां तस्वीर खिंचवाने के लिए नहीं खड़े होते. यह स्मारक सम्राट की ईरानी पत्नी के प्रेम में बनाया गया था, जिसे ईरानी वास्तुकारों की प्रतिभा ने आकार दिया था. दूसरी ओर अमेरिकी सरकार ईरानी सभ्यता को मिटाने की धमकी दे रही है और अन्य सभ्यताओं का अपमान कर रही है.

आपको बता दें कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपनी आधिकारिक भारत यात्रा के तहत सोमवार को आगरा में ताजमहल और जयपुर में आमेर किले के दौरे पर थे.

ट्रोल हुए रुबियो, यूजर्स बोले, ट्रंप नहीं बख्शेंगे

ईरानी मीडिया और सोशल मीडिया यूजर्स ने रुबियो की ताजमहल वाली तस्वीर पर तीखा हमला बोल दिया. एक यूजर ने लिखा, अगर रुबियो को इतिहास और वास्तुकला की जानकारी होती, तो वे इस जगह पर फोटो खिंचवाने की हिम्मत नहीं करते. एक यूजर ने ये लिखा कि चिलचिलाती गर्मी में ईरानी वास्तुकला की निशानी देखने पहुंचे रुबियो. तो एक यूजर ने ये लिख कर मजाक उड़ाया, कि भारत से अमेरिका लौटने पर रुबियो को ट्रंप से कौन बचाएगा. वहीं एक यूजर ने लिखा कि ट्रंप ईरानी सभ्यता मिटाने चले थे, तो उनके मंत्री ईरानी सभ्यता बचा रहे हैं.

दरअसल मार्को रुबियो ने ये कभी नहीं सोचा होगा कि वो जिस वर्ल्ड ऑफ वंडर को एक पर्यटक स्थल समझकर देखने जा रहे हैं, जाने अनजाने में वो ईरान से जुड़ा होने के कारण उनपर ही उल्टा पड़ जाएगा.

ईरानी मूल की थीं मुमताज महल

दुनिया सात अजूबों में शामिल ताजमहल मुगल शासक शाहजहां ने अपनी सबसे प्रिय पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया गया था. मुमताज महल ईरानी मूल की थीं. मुमताज बेगम के परिवार फारस से ताल्लुक रखते थे. मुमताज के पिता अबू अल-हसन आसफ खान फारसी रईस थे और वो ईरान से आए थे. ताजमहल की भव्य वास्तुकला में ईरानी, इस्लामी और भारतीय शैलियों का अनोखा मेल है. मुख्य वास्तुकार उस्ताद अहमद लाहौरी सहित कई प्रमुख कारीगर ईरानी और मध्य एशियाई थे.

ईरानियों का कहना है कि ताजमहल उनकी सांस्कृतिक विरासत का भी हिस्सा है.

आपको बता दें कि 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिनों तक लगातार युद्ध चला. युद्धविराम के बाद एक बार फिर से तनाव की स्थिति है. और एक बार फिर से किसी भी वक्त मिडिल ईस्ट में एक बार फिर से जंग छिड़ने वाली है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को मिटा देने की धमकी दी है, तो वहीं ईरान ने पलटवार करते हुए कहा है कि देश की संप्रभुता के लिए अमेरिका को कड़ा जवाब देने के लिए तैयार है.

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