कुर्स्क की लड़ाई के बीच ड्रोन के जरिए 9/11 जैसे हमले से बौखलाए रूस ने यूक्रेन की 65 लोकेशन पर ताबड़तोड़ मिसाइल अटैक किए हैं. इन हमलों के जरिए खास तौर से यूक्रेन के बिजली-संयंत्र, गैस प्लांट और सैन्य अड्डों को टारगेट किया गया. रूस का दावा है कि ऐसा कर पश्चिमी देशों से यूक्रेन को मिले गोला-बारूद को रेल मार्ग से फ्रंटलाइन जाने से रोक दिया गया है.
रूसी के मिसाइल हमले यूक्रेन की राजधानी कीव सहित खारकीव, लवोव और ओडेसा जैसे इलाकों में दिखाई पड़े. इन हमलों से पूरे यूक्रेन में हड़कंप मच गया. जगह-जगह एयर रेड के सायरन सुनाई पड़े. हमलों से यूक्रेन में जगह-जगह आग और धुएं का गुब्बार उठता हुआ दिखाई पड़ा. साथ ही यूक्रेन में सामान्य जनजीवन भी ठप पड़ गया.
बिजली संयंत्रों पर हुए हमलों से जगह-जगह पावर सप्लाई बाधित हो गई. न्यूज चैनल तक बंद हो गए. सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए जहां न्यूज एंकर्स अचानक स्क्रीन से ब्लैक-आउट हो गए. (रूस की रिहायशी इमारत पर ड्रोन से 9/11 जैसा अटैक, यूक्रेन पर शक)
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन की राजधानी कीव सहित लगभग सभी प्रांतों में सोमवार को हमले किए गए. इनमें विनतिशिया, जाइटोमर, खेमलनिटिस्काई, डिनेप्रोपेटेरोवस्क, पोल्टवा, निकोलेव, किरोवोग्राड और ओडेसा में इलेक्ट्रिकल स्टेशनों को निशाना बनाया गया.
जिन इलाकों में गैस-कंप्रेसर स्टेशनों को निशाना बनाय गया, उनमें लवोव, इवानो-फ्रेंककोवस्क और खारकोव (खारकीव) शामिल हैं. ये हमले इसलिए किए गए ताकि यूक्रेन के गैस-ट्रांसपोर्टेशन को तबाह किया जा सके.
बिजली और गैस स्टेशनों पर हमले के अलावा कीव और डिनेप्रोपेटेरोवस्क में उन एयरफील्ड को निशाना बनाया गया जहां पश्चिमी देशों के एयरक्राफ्ट में इस्तेमाल होने वाले हथियारों के स्टोर थे.
रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यूक्रेन में जितने भी टारगेट चुने गए थे उन सभी पर सटीक निशाने लगे हैं. रूस के मुताबिक, ये इसलिए किया गया है ताकि यूक्रेन की पावर सप्लाई बाधित की जा सके. क्योंकि पावर सप्लाई के जरिए रेल यातायात पर असर पड़ सके. रेल-मार्ग से यूक्रेन हथियारों और गोला-बारूद को फ्रंटलाइन भेजने की फिराक में था.
सोमवार को यूक्रेन ने करीब 20 ड्रोन के जरिए रूस के अलग-अलग इलाकों में अटैक किए थे. रूस की सेना ने इनमें से अधिकतर हमलों को निष्क्रिय कर दिया था. लेकिन एक ड्रोन सारातोव शहर की एक बहुमंजिला इमारत से जाकर टकरा गया था. ये अटैक कैमरे में कैद हो गया था जिसने 2001 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में 26-11 हमले की याद ताजा कर दी.
इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के मीडिया सलाहकार दिमित्री पेसकोव ने कहा कि कुर्स्क में यूक्रेन के हमलों को बिना दंड दिए नहीं छोड़ा सकता है. पेसकोव ने यहां तक कहा कि कुर्स्क में यूक्रेन के हमले से पहले दोनों देशों में किसी तरह की वार्ता को लेकर नहीं चल रही थी. पेसकोव ने ये भी कहा कि अब (कुर्स्क हमले के बाद) यूक्रेन से बातचीत का कोई औचित्य नहीं बचा है. (रूस में युद्ध की तपन, कुर्स्क में यूक्रेन जमा तीन दिन से)
यूक्रेन के एक साथ 65 लोकेशन पर मिसाइल अटैक, 9/11 जैसा हमला कर पछताया

